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[ डः ] ८. पेरिस का राजकीय पुस्तकालय ६. ईस्ट इंडिया हाउस का पुस्तकालय ८ इंडिया ऑफ़िस' लाइब्रेरी ) १०. मुहम्मद बख्श खाँ का पुस्तकालय ११. ट्यबिनगेन का पुस्तकालय १२. लीड का पुस्तकालय १३. रॉयल एशियाटिक सोसायटी का पुस्तकालय १४. टीपू का संग्रह १४. फ़ोटे विलियम कॉलेज का पुस्तकालय १६. किंग्स कॉलेज ( केम्त्रिज ) का पुस्तकालय हिन्दी साहित्य के विद्वानों ने इस समस्त. सामग्री और संग्रहों से कहाँ तक लाभ उठाया है, यह विचारणीय है । >< >< । >< रज से तीन वषं पूवे भने तासी के भन्थसे हिन्दुई-अंश का अनुवाद करना प्रारम्भ किया था। धीरे-धीरे वह पूर्ण हुआ अब एक सो चोदह वध बाद हिन्दी साहित्य के इस ऐतिहासिक महत्व से पूणे आदि इतिदास-मन्थ को विद्वानों के सामने रखते हुए मुझे स्वाभाविक प्रसन्नता हो रही है । पुस्तक-प्रकाशन की स्वीकृति और सुविधा के लिए में हिन्दु-- स्तानी एकेडेमी के मंत्री श्री डॉ० धीरेन्द्र जी ब्मो एमू० ए०,. डी० लिट० ( पेरिस ) ओर श्री रामचन्द्र जी टण्डन, एमू० ए० एल०-एल० बी० का आभारी हूँ। अनवाद करते समय तालिकाएँ तैयार करने तथा इसी प्रकार के अन्य कर्यो में श्रीमती राज वाष्णय बी० ए० ने जो सहायता पहुँचाई है वह भी किसी प्रकार कमः नहीं हे।.
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झालावाड़ जिले में रविवार को आकाशीय बिजली ने जमकर कहर बरपाया. जिले के उन्हेल व सुनेल थाना इलाकों में तीन अलग-अलग जगह आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पिता-पुत्र समेत चार लोगों की मौत हो गई. झालावाड़ जिले में रविवार को आकाशीय बिजली ने जमकर कहर बरपाया. जिले के उन्हेल व सुनेल थाना इलाकों में तीन अलग-अलग जगह आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई. इनमें एक जगह पिता-पुत्र दोनों काल के ग्रास बन गए. वहीं एक बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से झुलस गई. उन्हेल एसएचओ राजपाल सिंह ने बताया कि इलाके में आकाशीय बिजली गिरने घटना बीलखेड़ी गांव में हुई. वहां गोविंद सिंह और उसके पिता पूर सिंह अपने खेत पर काम कर रहे थे. इसी दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिरने से पिता-पुत्र दोनों की गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी मौत हो गई. हादसे के बाद गांव में मातम पसर गया. आकाशीय बिजली गिरने की दूसरी घटना सुनेल इलाके के राजपुरा गांव में हुई. वहां घर पर बकरी बांध रहा एक युवक दुर्गालाल आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई. तीसरी घटना भी इसी इलाके में हुई. खेत पर काम कर रही एक महिला सुमन बाई पर भी आकाशीय बिजली कहर बनकर गिरी और उसकी मौत हो गई. जबकि एक अन्य महिला बिजली गिरने से झुलसकर गंभीर घायल हो गई. उसे सुनेल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है. उल्लेखनीय है कि झालावाड़ में रविवार को मध्यप्रदेश की सीमा से सटे हुए इलाकों में बारिश हुई थी. बारिश के दौरान ही शाम को ये घटनाएं हुईं.
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नेपाल (Nepal) के मुगु जिले (Mugu district) में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ. मुगु जिले से गमगढ़ी (Gamgadhi) के लिए जा रही एक यात्री बस सड़क से फिसलकर 300 मीटर नीचे नदी में जा गिरी. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इस सड़क हादसे (Nepal Bus Accident) में 32 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए. माई रिपब्लिका वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, नेपालगंज (Nepalgunj) से गमगढ़ी की ओर जाने के दौरान बस छायानाथ रारा नगर पालिका (Chhayanath Rara Municipalit) में पिना झ्यारी नदी (Pina Jhyari river) में गिर गई. रिपोर्ट में कहा गया, 'हादसे में मरने वालों की ताजा संख्या 32 है. घायलों की संख्या की तस्वीर भी साफ होती जा रही है. इस वजह से घायलों की संख्या बढ़ रही है.' बस में सवार यात्रियों में से ज्यादातर लोग विजयदशमी (Vijayadashami festival) के अवसर पर विभिन्न जगहों से अपने घर लौट रहे थे. सुरखेत (Surkhet) से नेपाली सेना का हेलीकॉप्टर (Nepal Army chopper) राहत कार्य के लिए रवाना कर दिया गया है. मुगु काठमांडू (Kathmandu) से 650 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित रारा झील (Rara lake) के लिए प्रसिद्ध है. इस वजह से यहां पर पर्यटक भी पहुंचते रहे हैं. नेपालगंज हवाईअड्डा सुरक्षा गार्ड (Nepalgunj Airport Security Guard) के प्रभारी संतोष शाह ने कहा कि 10 लोगों के सिर पर गहरी चोट आई है. इन लोगों को कोहलपुर मेडिकल कॉलेज (Kohalpur Medical College) ले जाया गया और पांच अन्य को इलाज के लिए नेपालगंज (Nepalgunj) के एक नर्सिंग होम भेजा गया. इससे पहले, सोमवार को नेपाल के कास्की जिले (Kasky Distric) में ऊंचाई वाले ट्रेकिंग स्थल से एक जीप के 100 मीटर नीचे गिर जाने से उसमें सवार आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. अधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया था कि यह दुर्घटना उस वक्त हुई जब वाहन राजधानी काठमांडू से 200 किलोमीटर पश्चिम में स्थित पोखरा शहर से घांड्रुक तक अपनी 40 किलोमीटर लंबी यात्रा पूरी करने वाला था, तभी चालक कालाभीर इलाके में नियंत्रण खो बैठा और वाहन पहाड़ी से 100 मीटर नीचे गिर गया. इस दुर्घटना में चालक सहित आठ सवारियों की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि एक व्यक्ति मामूली रूप से जख्मी हो गया, जिसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. करीब 2012 मीटर की ऊंचाई पर स्थित घंड्रुक एक प्रसिद्ध ट्रेकिंग स्पॉट है. कार में सवार सभी युवक एक ट्रेकिंग अभियान पर थे, जो घंड्रुक से शुरू होने वाला था.
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सलमान खान के फैन्स की लिस्ट यूं तो बेहद लंबी है, लेकिन सलमान के इस फैन ने वो किया है जिसे दीवानगी कहते हैं। भारत की रिलीज़ के पहले दिन, पहला शो देखने के लिए इस फैन ने नासिक में एक पूरा थिएटर बुक किया है। आशीष सिंघल नाम के इस फैन ने अपने 'सलमान भाई' के पहले शो का आनंद लेने के लिए एक पूरा थिएटर बुक कर दिया है। सलमान के फैन्स की ये दीवानगी, उनकी हर फिल्म की रिलीज़ के पहले, किसी ना किसी तरह से दिख ही जाती है। भारत में सलमान खान छह अलग-अलग लुक में नज़र आएंगे, जो एक युवा सर्कस चैंपियन से लेकर 60 साल के आदमी तक का सफर तय करेगा।रिलीज़ से पहले ही सलमान खान की इस आगामी फिल्म "भारत" ने सभी 'भाई फैंस' के दिलों में जगह बना ली है। किसी और से पहले स्क्रीन पर अपने पसंदीदा स्टार को देखने की खुशी दुनिया भर के फिल्म प्रेमियों के लिए एक ट्रेंड रहा है! फिल्म में सलमान खान, कैटरीना कैफ, तब्बू, दिशा पटानी, सुनील ग्रोवर और जैकी श्रॉफ जैसे दमदार कलाकार नज़र आएंगे। टी-सीरीज़ द्वारा प्रस्तुत फ़िल्म भारत का निर्माण अतुल अग्निहोत्री, अलवीरा अग्निहोत्री, भूषण कुमार, कृष्ण कुमार ने रील लाइफ प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड और सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले किया है। यह एक ऐतिहासिक पीरियड ड्रामा फिल्म है जो अली अब्बास जफर द्वारा लिखित तथा निर्देशित है और 5 जून को ईद पर रिलीज़ होने के लिए तैयार है। Salman Khan fan books an entire theatre to watch first day first show of Bharat. Ali Abbas Zafar's Bharat, hit the theatres on June 5.
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नई दिल्ली : इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने शुक्रवार को भारत में टेस्ट मैच पिचों की आलोचना करते हुए इन्हें 'बोरिंग' करार दिया और कहा कि ये बल्लेबाजों के लिये ज्यादा ही फायदेमंद हैं। उनका मानना है कि भारत में टेस्ट मैच की पिचों के कारण मुकाबला एकतरफा रहता है। उन्होंने ट्वीट किया, 'भारत में टेस्ट मैच क्रिकेट की पिचें 'बोरिंग' हैं। मुकाबले के पहले तीन-चार दिन ज्यादा ही बल्ले के पक्ष में रहते हैं जिससे गेंदबाजों को ज्यादा काम करने की जरूरत होती है। मेरा यही मानना है।' वॉन ने यह टिप्पणी भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रही टेस्ट सीरीज के दौरान की है। दोनों टीमों के बीच पहले टेस्ट में पहले चार दिन बल्लेबाजों का दबदबा रहा जिसमें भारत ने 203 रन से जीत हासिल की। वहीं पुणे में चल रहे मौजूदा टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों ने दबदबा बनाया हुआ है और कप्तान विराट कोहली दोहरा शतक लगा चुके हैं जबकि सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने दूसरा टेस्ट शतक जड़ लिया है।
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नयी दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण की अधिसूचना जारी होने के साथ ही राज्य में चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य में 10 फरवरी से सात मार्च के बीच सात चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहले चरण में 58 विधानसभा सीटों के लिए 10 फरवरी को वोट डाले जायेंगे। इनमें अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित नौ सीटें भी शामिल हैं। ये निर्वाचन क्षेत्र 11 जिलों- शामली (प्रबुद्ध नगर) मेरठ, हापुड़ (पंचशील नगर), मुज्फ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, आगरा, गौतमबुद्ध नगर और मथुरा हैं। नामांकन पत्र 21 जनवरी तक भरे जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 24 फरवरी को होगी। 27 फरवरी तक नाम वापस लिये जा सकेंगे। दूसरे चरण में 55 निर्वाचन क्षेत्र में 14 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। तीसरे चरण में 59 सीटों के लिए 20 फरवरी को, चौथे चरण में 59 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 फरवरी को मतदान होगा। पांचवां चरण 27 फरवरी को होगा जिसमें 61 सीटों पर मतदान होगा। छठे चरण के तहत तीन मार्च को 57 निर्वाचन क्षेत्रों और सातवें तथा अंतिम चरण में सात मार्च को 54 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी। उत्तर प्रदेश में कुल 15 करोड़ पांच लाख 82 हजार 750 मतदाता हैं, जिनमें दो लाख 98,745 सैन्यकर्मी मतदाता शामिल हैं। राज्य में दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 10 लाख 64 हजार 266 है। कुल मतदाताओं में आठ करोड़ चार लाख 52 हजार 746 पुरूष, छह करोड़ 98 लाख 22 हजार 416 महिला तथा आठ हजार 853 ट्रांसजेंडर हैं। 403 सीटों वाली राज्य विधानसभा में 84 सीटें अनुसूचित जाति और दो सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित हैं। वर्तमान में सदन में नौ सीटें रिक्त हैं।देश भर में कोविड महामारी और ओमीक्रॉन के बढ़ते मामलों के मद्देनजर निर्वाचन आयोग सुरक्षित चुनावों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान कल तक किसी भी रोड शो, पदयात्रा, साइकिल या बाइक रैली और जुलूस की अनुमति नहीं होगी। निर्वाचन आयोग कल स्थिति की समीक्षा करेगा और उसके अनुसार आगे के निर्देश जारी करेगा। इस बीच, राजनीतिक गतिविधियां पहले से ही शुरू हो चुकी हैं। ज्यादातर कार्यकर्ता मुख्य राजनीतिक दलों और विभिन्न पार्टी नेताओं से उम्मीदवारी की मांग कर रहे हैं।
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अरे सलमान को किसने दिया लव बाईट? जी हां आज ये सवाल हर किसी के दिमाग में घर कर चुका है। सलमान जो कि लाखों दिलों की धड़कन हैं लेकिन उसके बाद भी उनकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है और उसके बावजुद भी सलमान के गले में लव बाईट के निशान दिखने से हर कोई सोचने पर मजबूर है कि वो कौन हैं जिसने सलमान को लव बाइट दिया। सलमान खान का नाम सोमी अली से लेकर ऐश्वर्या राय और कैटरीना कैफ तक से जुड़ चुका है, लेकिन अब तक उन्हें कोई ऐसी गर्लफ्रेंड नहीं मिली जो उनके साथ चल सके। जिसके चलते सलमान भी केवल एक्टिंग के बारे में ही सोच रहे हैं और शादी के नाम पर केवल एक मुस्कान ही छोड़ते हैं। सल्लू मीडिया में हर तरह यही कहते हैं कि उनकी लाइफ में कोई भी नहीं है लेकिन एक इवेंट के दौरान कुछ ऐसा देखने को मिला जिससे ये प्रुफ हो गया है कि सलमान अकेले नहीं हैं उनकी लाइफ में आज भी लेडी लव मौजूद है। दरअसल हाल ही में जब सलमान सीएनएन आईबीएन सुपर आइडल अवार्ड्स फंक्शन में पहुंचे तो उनकी गर्दन पर कुछ निशान देखने को मिले। यह निशान लवबाइट की तरह नजर आ रहे थे, जिसके चलते हर कोई यही बात कर रहा है सलमान सिंगल नहीं हैं। खैर अगर ये निशान लव बाइट के ही हैं तो हर कोई यह जानना चाहता है कि सलमान की लाइफ में आखिर वो स्पेशल कौन है जिसने सलमान को यह लव वबाइट दिये। क्योंकि सलमान और कैट का तो पहले ही ब्रेकअप हो चुका है, तब से सलमान भी यही राग अलाप रहे हैं कि वो अकेले हैं। लेकिन अब सलमान की गर्दन पर दिखे लव बाईट के निशान ने सलमान की पोल खोल दी है। Love bite found on bollywood super star Salman Khan's neck, who is declared several time that he is single in front of media.
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बॉलीवुड के नए लव बर्ड्स आलिया भट्ट और रणबीर कपूर आजकल इंटरनेट पर नई सनसनी बने हुए है। फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' की शूटिंग के लिए बुल्गेरिया गई आलिया ने अपने इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की। इस फोटो में वह अपनी एक दोस्त के साथ बालकनी से शहर को देख रही है। फोटो पीछे की तरफ से लिया गया है ऐसे में दोनों के चेहरे नजर नहीं आ रहे है। इस फोटो को शेयर करते हुए आलिया ने लिखा, 'नजारा और वह भी...? फोटो क्रेडिट- आरके।' बता दें कि आरके का इस्तेमाल रणबीर कपूर के लिए किया जाता है। वहीं जो दोस्त इस फोटो में नजर आ रही है वह आकांक्षा रंजन कपूर है। 11 घंटे पहले अपलोड हुई इस पिक को 6 लाख से ज्यादा लाइक्स मिल चुके है और ढाई हजार से ज्यादा कमेंट आ चुके है। आलिया और रणबीर दोनों ही अयान मुखर्जी की सपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' की शूटिंग में व्यस्त है। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और लंबे समय बाद नागार्जुन भी नजर आएंगे। RELATED TAG: Alia Bhatt, Ranbir Kapoor, Ayan Mukherji,
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इस शतक के साथ ही केएल राहुल ने पूर्व दिग्गज सुनील गावस्कर और साथी बल्लेबाज शिखर धवन की बराबरी कर ली है। भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर केएल राहुल ने इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही टेस्ट सीरीज में पहला शतक बनाया है। सीरीज के आखिरी मैच की अंतिम पारी में राहुल के बल्ले से निकाला शतक काफी अहम है। इस शतक के साथ ही उन्होंने पूर्व दिग्गज सुनील गावस्कर और साथी बल्लेबाज शिखर धवन की बराबरी कर ली है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में बल्ले से रन बनाने में नाकाम रहे राहुल का सर्वाधिक स्कोर इससे पहले 37 रन था। इस सीरीज में यह पहला मौका है जब ओपनर ने पचास रन के आंकड़े को पार किया है। भारतीय टीम की तरफ से ओपनिंग करते हुए टेस्ट मैच की चौथी पारी में विदेश में शतक बनाने वाले केएल राहुल तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। राहुल से पहले सुनील गावस्कर ने तीन बार ये कारनामा किया है जबकि शिखर धवन भी ऐसा कर चुके हैं। गावस्कर ने 1971 और 1976 में वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथी पारी में शतक बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1977 में भी पूर्व कप्तान ने चौथी पारी में शतक जमाया था। शिखर धवन ने न्यूजीलैंड में 2014 में शतक बनाया था। इस सीरीज में अब तक रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे केएल राहुल ने ओवल टेस्ट की दूसरी पारी में 118 गेंद पर अपना शतक पूरा किया। राहुल का यह टेस्ट करियर में पांचवां शतक है। इस पारी में उन्होंने 16 चौके लगाए जबकि एक छक्का भी मारा। 87 रन से 100 तक पहुंचने के दौरान राहुल ने तीन चौके लगाए जबकि आदिल राशिद को छक्का भी जड़ा। राहुल ने चेन्नई टेस्ट मैच के दौरान साल 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ ही अपना आखिरी शतक बनाया था। चेन्नई में राहुल ने 199 रन की पारी खेली थी जो उनके करियर की सबसे बड़ी पारी है।
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दिल्लीः चीन की राजनीति 'थल' पर नहीं चल सकी तो उसने 'जल' पर भी करनी शुरू कर दी, तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाने के चीन के ऐलान के बाद भारत ने भी बांध बनाने की तैयारी शुरू कर दी है, क्योंकि चीन को उसी की भाषा में जवाब देना नए भारत को आता है आपको बता दें भारत इस पर अरुणाचल प्रदेश में बड़ा बांध बनाने की तैयारी कर रहा है। यह पूर्वोत्तर को पानी की कमी और बाढ़ जैसे खतरों से बचाएगा। इतना ही नहीं, अरुणाचल में 10 गीगावाट का हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट भी लगाने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रह्मपुत्र पर भारत द्वारा बनाए जाने वाला बांध चीन के प्रभाव कम कर देगा. जल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी टीएस मेहरा ने कहा, चीनी बांध के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए अरुणाचल में बड़े बांध की जरूरत है। यह प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। बांध बन जाने से भारत के पास ज्यादा पानी भंडारण करने की क्षमता होगी। मेहरा ने कहा कि हमने उन्हें (चीनी) बताया है कि आपकी कोई भी परियोजना का भारत पर प्रतिकूल प्रभाव पैदा नहीं करना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया है, लेकिन हम नहीं जानते कि आश्वासन कब तक चलेगा। इसलिए अरुणाचल में बड़े बांध की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश की सियांग नदी पर प्रस्तावित 9.2 बीसीएम अपर सियांग परियोजना से अतिरक्त पानी के प्रवाह का इस्तेमाल होगा और पानी की कमी होने की स्थिति में भंडारण भी हो सकेगा। मेहरा ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में अच्छी वर्षा के कारण मानसून के दौरान भारत में ब्रह्मपुत्र नदी का 90 प्रतिशत पानी उसकी सहायक नदियों से होकर आता है. सर्दियों में सियांग नदी का 80 प्रतिशत पानी ऊपरी जलधारा से आता है और हिमनद इसका मुख्य स्रोत हो जाता है. गौरतलब है कि सोमवार को चीनी के मीडिया ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से सूचना दी थी कि ब्रह्मपुत्र के एक भाग पर 60 गीगावाट तक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का निर्माण हो रहा है। चीन के स्वामित्व वाली बिजली निर्माण के अध्यक्ष यान जिनोयांग ने एक उद्योग सम्मेलन में कहा था कि यह नदी को बांधने की योजना एक ऐतिहासिक अवसर है.
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा गृहमंत्री अमित शाह से यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गुरुवार को हुई मीटिंग के बाद चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश में मंत्रिपरिषद विस्तार जल्द से जल्द होने की संभावना है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगले 15 दिन के भीतर नए मंत्रियों के नाम तय हो जाएंगे। खराब प्रदर्शन वाले कुछ मंत्रियों को हटाकर जनता के बीच नाराजगी दूर की जा सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को दिल्ली के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उनकी गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ बैठक हुई थी। इस बैठक में उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल भी मौजूद थे। करीब तीन घंटे तक चली इस मीटिंग में उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा गृहमंत्री अमित शाह ने चुनावी तैयारियों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से चर्चा की। पार्टी के भरोसेमंद सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि इस बैठक में उत्तर प्रदेश में सोशल इंजीनियरिंग के तहत 15 दिनों के भीतर मंत्रिपरिषद विस्तार पर भी चर्चा हुई। माना जा रहा है कि सितंबर में मंत्रिपरिषद विस्तार हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए जितिन प्रसाद, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी, निषाद पार्टी मुखिया संजय निषाद को मंत्री बनाया जा सकता है। इन नेताओं के नाम विधान परिषद सदस्य(एमएलसी) की मनोनीत सीटों के लिए भी चल रहे हैं। उत्तर प्रदेश में मनोनयन वाली एमएलसी की कुल चार सीटों को भरा जाना है। गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर हुई बैठक में निषाद पार्टी के मुखिया डॉ. संजय निषाद भी शामिल हुए थे। पार्टी के एक नेता ने आईएएनएस को बताया, संभावित मंत्रिपरिषद विस्तार में सहयोगी दलों को मौका देने की तैयारी है। संजय निषाद की पार्टी भी सरकार में शामिल हो सकती है। संजय निषाद भाजपा नेतृत्व के संपर्क में लगातार बने हुए हैं। निषाद पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मीटिंग में कई मुद्दे उठाए। आरक्षण आंदोलन के दौरान पिछली सरकारों के राजनैतिक मुकदमे के वापसी से लेकर आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा हुई। पिछली सरकारों की ओर से मछुआरों के जीवकोपार्जन के संसाधन ताल, झील, जलाशय, पोखरों को काला कानून बनाकर निषादों से छिनने वाले कानून को समाप्त करने की उन्होंने मांग की। विधानसभा चुनाव में निषाद पार्टी की हिस्सेदारी, निषाद बाहुल्य सीटों पर चर्चा हुई।
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दरअसल चेन्नई और बैंगलोर के बीच पहला मैच 23 मार्च को खेला जाना है. इसके लिए बैंगलोर की प्लेइंग इलेवन में पार्थिव पटेल बतौर ओपनर शामिल हो सकते हैं. उनके साथ कोहली दूसरे ओपनर के रूप में हो सकते हैं. पार्थिव अनुभवी खिलाड़ी हैं. जबकि कोहली अनुभवी होने के साथ-साथ विस्फोटक बैटिंग करने में भी माहिर हैं. टीम नंबर 3 पर एबी डिविलियर्स को मौका दे सकती है. डिविलियर्स अपनी खास बैटिंग की वजह से आईपीएल में एक अलग पहचान बनाई है. वेस्टइंडीज के युवा बैट्समैन शिमरोन हैटमायर इस सीजन बैंगलोर के हिस्सा हैं. उन्होंने वेस्टइंडीज के भारत दौरे पर शानदार बैटिंग की थी. इस बार उन्हें नंबर 4 पर मौका मिल सकता है. मोईन अली मध्यक्रम के अहम हिस्सा होंगे. जबकि युवा खिलाड़ी शिवम दुबे को नंबर 6 पर और अक्षदीप नाथ को नंबर 7 पर बैटिंग का मौका मिल सकता है. बैंलगोर के बॉलिंग अटैक को देखें तो इसमें फास्ट बॉलर उमेश यादव, टिम साउदी और मोहम्मद सिराज को मौका मिल सकता है. वॉशिंगटन सुंदर भी अच्छे विकल्प के रूप में होंगे. स्पिन में युजवेन्द्र चहल संभवतः पहले मैच में खेलेंगे. इसके अलावा कुलवंत खेजेड़लिया और कॉलिन डी ग्रांडहोम को भी टीम के अहम हिस्सा हैं. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर प्रोबेल प्लेइंग इलेवन - पार्थिव पटेल, विराट कोहली, एबी डिविलियर्स, शिमरोन हेटमायर, मोईन अली, शिवम दुबे, अक्षदीप नाथ, कॉलिन डी ग्रांडहोम/टिम साउदी, वॉशिंगटन सुंदर/मोहम्मद सिराज, उमेश यादव, युजवेन्द्र चहल.
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बंजार बीजेपी विधायक सुरेंद्र शौरी (BJP MLA Surendra Shauri) की क्रेटा कार अचानक खाई में जा गिरी. हादसे के समय वह बालू पांजो पर्व से वापस लौट रहे थे. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में एक कार अचानक खाई में गिर गई. इस हादसे में बीजेपी विधायक समेत 7 लोग घायल हो गए हैं. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में बड़ा सड़क हादसा (Kullu Accident) हुआ है. एक कार अचानक खाई में गिर गई. इस हादसे में बीजेपी विधायक समेत 7 लोग घायल हो गए हैं. जिसमें चार महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं. यह हादसा बंजार उपमंडल में बाहू के पास हुआ. बीजेपी विधायक (BJP MLA) की कार सड़क से करीब डेढ़ सौ फीट नीचे गिर गई थी. हादसे की खबर मिलते ही सभी घायलों को तुरंत बंजार अस्पताल में भर्ती कराया गया. बंजार बीजेपी विधायक सुरेंद्र शौरी (BJP MLA Surendra Shauri) जिस क्रेटा कार में सवार थे वह अचानक खाई में जा गिरी. हादसे के समय वह बालू पांजो पर्व से वापस लौट रहे थे. मंदिर से लौटते ही रास्ते में उन्होंने लिफ्ट ली थी. लिफ्ट लेने के 2 मिनट बाद ही कार अचानक चिकनी मिट्टी पर स्लिप होकर खाई में लुढ़क गई. हादसे में सभी वाहन सवार बुरी तरह से घायल हो गए हैं. उनका इलाज बंजार अस्पताल (Banjar Hospital) में चल रहा है. सीएचसी बंजार के डॉक्टर्स के मुताबिक सभी घायल फिलहाल सुरक्षित हैं. बता दें कि फौरी राहत के तौर पर सभी घायलों को 5-5 हजार रुपये दिए गए हैं. जानकारी के मुताबिक बीजेपी विधायक सुरेंद्र शौरी आज सुबह 11 बजे बाहू से एक कार में सवार होकर बंजार की तरफ जा रहे थे. बाहू के पास अचानक उनकी कार स्लिप हो गई और खाई में 50 मीटर नीचे लुढ़क गई. हादसे के बाद तुरंत 108 एंबुलेंस को फोन कर बुलाया गया. सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. हादसे की खबर मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी घायलों के बयान दर्ज किए. फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है.
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तेलुगू देशम पार्टी केंद्र की नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई है. जिस पर शुक्रवार को लोकसभा में शक्ति परीक्षण होगा. हालांकि केंद्र सरकारों के खिलाफ कई बार अविश्वास प्रस्ताव लाए गए हैं लेकिन सरकार एक बार ही गिरी है. भारतीय राजनीतिक इतिहास में एक बार ही ऐसा मौका आया है जब अविश्वास प्रस्ताव पर केंद्र में सरकार गिरी है लेकिन विश्वास मत पर कई बार सरकारें गिर चुकी हैं. पहली बार ऐसा मोरारजी देसाई की जनता पार्टी सरकार के दौरान हुआ था. तब वो बहुमत साबित नहीं कर पाए थे. इसके बाद वीपी सिंह, एचडी देवेगौडा, आईके गुजराल और अटलबिहारी वाजपेयी की सरकार विश्वास मत पर पर खरी नहीं उतर पाईं. अब तक 26 बार केंद्र में सरकारों ने अविश्वास प्रस्ताव का सामना किया है. मोरारजी भाई देसाई आपातकाल के बाद 1977 के चुनावों में जनता पार्टी की जीत पर देश के प्रधानमंत्री बने. हालांकि उनके प्रधानमंत्री बनने के कुछ महीनों बाद ही जनता पार्टी में उठापटक शुरू हो गई. चूंकि ये सरकार कई धड़ों से मिलकर बनी थी. लिहाजा इन धड़ों में असंतोष शुरू हो गया. मोराराजी सरकार के खिलाफ कुल मिलाकर दो बार अविश्वास प्रस्ताव आए. पहला अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने में उनकी सरकार को कोई दिक्कत नहीं हुई. लेकिन दूसरे अविश्वास प्रस्ताव पर जनता पार्टी का असंतोष चरम पर था. ये प्रस्ताव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वाई वी चव्हाण लेकर आए थे. अपनी हार का अंदाज़ा लगते ही मोरारजी देसाई ने मतविभाजन से पहले ही 15 जुलाई, 1979 को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.उनकी सरकार गिर गई. कांग्रेस और सीपीआई के समर्थन से जनता (एस) के नेता चरण सिंह 28 जुलाई, 1979 को प्रधानमंत्री बने. राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने निर्देश दिया था कि चरण सिंह 20 अगस्त तक लोकसभा में अपना बहुमत साबित करें. इसी बीच इंदिरा गांधी ने 19 अगस्त को घोषणा कर दी कि वो चरण सिंह सरकार को संसद में बहुमत साबित करने में साथ नहीं देगी. नतीजतन चरण सिंह ने लोकसभा का सामना किए बगैर ही पद से इस्तीफा दे दिया. 1989 के आम चुनावों में विश्वनाथ प्रताप सिंह के राष्ट्रीय मोर्चा को 146 सीटें मिलीं. वो बीजेपी (86 सांसद) और वामदलों (52 सांसद) के समर्थन से देश के सातवें प्रधानमंत्री बने. अगले ही साल उन्होंने जब मंडल कमीशन की रिपोर्ट को आंशिक तौर पर लागू किया तो उनकी सरकार के खिलाफ असंतोष शुरू हो गया. वीपी सरकार ने गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ाने के बदले आंतकवादियों की रिहाई का फैसला किया. इसकी बहुत आलोचना हुई. हालांकि उनकी सरकार के गिरने की वजह कुछ और थी. सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अयोध्या में राम मंदिर बनवाने के लिए रथयात्रा शुरू की. बिहार में आडवाणी को समस्तीपुर में गिरफ्तार कर लिया था. वीपी सिंह सरकार विश्वास प्रस्ताव पर नाकाम रही. बीजेपी ने सरकार के समर्थन से हाथ खींच लिया. लोकसभा के इतिहास की ये पहली गठबंधन सरकार 10 नवम्बर 1990 को गिर गई. वर्ष 1997 में तत्कालीन प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा की सरकार उस वक्त गिर गयी थी जब तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी ने संयुक्त मोर्चा सरकार से समर्थन खींच लिया था. इसके बाद यही हश्र आईके गुजराल सरकार का हुआ. ये दोनों सरकारें विश्वास मत पर बहुमत नहीं जुटा पाईं थीं. प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने दो बार विश्वास मत हासिल करने का प्रयास किया. दोनों बार वे असफल रहे. हालांकि तीसरी बार उन्होंने पूरे पांच साल राष्ट्रीय गठबंधन की सरकार चलाई. 1996 में तो उन्होंने मतविभाजन से पहले ही इस्तीफ़ा दे दिया. 1998 में जब अटल बिहारी वाजपेयी ने सरकार बनाई तो ये 13 महीने चली. इस बार विश्वास मत पर उनकी सरकार एक वोट से गिरी थी. नरसिंह राव सरकार के खिलाफ तीन बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था. तीसरा प्रस्ताव 1993 में लाया गया. जिसमें नरसिंह राव सरकार बहुत कम अंतर से जीती. बाद में आरोप लगे थे कि सरकार बचाने के लिए शिबू सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्तिमोर्चा (झामुमो) के सदस्यों को धन दिया गया था. बाद में ये कांड झामुमो घूस कांड के तौर पर सामने आया. मामला न्यायालय तक भी पहुंचा. भारतीय संसद के इतिहास में पहली बार अगस्त 1963 में जे बी कृपलानी ने अविश्वास प्रस्ताव रखा था. तब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की सरकार के ख़िलाफ़ रखे गए इस प्रस्ताव के पक्ष में केवल 62 वोट पड़े और विरोध में 347 वोट. जब किसी दल को लगता है कि सरकार सदन का विश्वास या बहुमत खो चुकी है. तब वो अविश्वास प्रस्ताव पेश कर सकती है. अविश्वास प्रस्ताव को तभी स्वीकार किया जा सकता है, जब सदन में उसे कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन हासिल हो. वाईएसआर कांग्रेस के लोकसभा में नौ सदस्य हैं. वहीं टीडीपी के 16 सांसद हैं. अगर लोकसभा अध्यक्ष या स्पीकर अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी दे देते हैं, तो प्रस्ताव पेश करने के 10 दिनों के अदंर इस पर चर्चा जरूरी है. इसके बाद स्पीकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोटिंग करा सकता है या फिर कोई फैसला ले सकता है. - सबसे ज़्यादा या 15 अविश्वास प्रस्ताव इंदिरा गांधी की कांग्रेस सरकार के ख़िलाफ़ आए. - लाल बहादुर शास्त्री और नरसिंह राव की सरकारों ने तीन-तीन बार अविश्वास प्रस्ताव का सामना किया. - स्वयं प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने विपक्ष में रहते हुए दो बार अविश्वास प्रस्ताव पेश किए. पहला प्रस्ताव इंदिरा गांधी सरकार के ख़िलाफ़ था और दूसरा नरसिंह राव सरकार के ख़िलाफ़.
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राजस्थान के सिरोही में युवक के साथ की गई अमानवीय हरकत. पुलिस ने जब मामले की जांच पड़ताल की तो वह वीडियो पालड़ी थाना इलाके के सरदारपुरा गांव का निकला. पुलिस ने वायरल वीडियो की पुष्टि करते हुए आरोपियों की तालश शुरू कर दी है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हर्ष रत्नू और पुलिस उपाधीक्षक अंकित जैन मौके पर पहुंच गए हैं और मामले की जांच-पड़ताल में जुटे हैं. अब पुलिस पीड़ित युवक और आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है.
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DHFL को खरीदने के लिए ओकट्री, अडानी एंटरप्राइजेज, पीरामल इंडस्ट्रीज और SC लोवी ने हाल ही में रिवाइज बोली लगाई है। अडानी ग्रुप ने दिवालिया प्रक्रिया से जूझ रही दीवान हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL) के सभी पोर्टफोलियो खरीदने की इच्छा जताई है। सूत्रों के मुताबिक, अडानी ग्रुप के प्रतिनिधियों ने बीते शुक्रवार को DHFL के लैंडर्स से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में अडानी ग्रुप ने अमेरिकी कंपनी ओकट्री से ज्यादा पैसे देने का ऑफर किया है। अडानी ग्रुप ने इस संबंध में लैंडर्स की कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) को भी पत्र लिखकर अपने ऑफर के बारे में अवगत कराया है। सूत्रों के मुताबिक, अडानी ग्रुप DHFL को खरीदने के लिए दो-तीन दिनों में रिवाइज बोली जमा कर सकता है। अमेरिकी कंपनी ओकट्री ने DHFL के सभी पोर्टफोलियो खरीदने के लिए सबसे बड़ी 33 हजार करोड़ रुपए की बोली लगाई है। सूत्रों के मुताबिक, अडानी ग्रुप ओकट्री की बोली से 250-300 करोड़ रुपए ज्यादा का ऑफर कर सकता है। अभी अडानी ग्रुप ने DHFL के होलसेल एंड स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) पोर्टफोलियो के लिए 3000 करोड़ रुपए की बोली लगाई है। पहले कंपनी ने इस पोर्टफोलियो के लिए केवल 2250 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। हालांकि, अब कंपनी DHFL के सभी पोर्टफोलियो को खरीदना चाहती है। इसमें रिटेल सेगमेंट भी शामिल हैं। हालांकि, इस संबंध में अडानी ग्रुप ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। दिवालिया प्रक्रिया को सामना कर रही DHFL को खरीदने के लिए ओकट्री, अडानी एंटरप्राइजेज, पीरामल इंडस्ट्रीज और SC लोवी ने हाल ही में रिवाइज बोली लगाई है। DHFL के प्रमोटर कपिल वधावन ने RBI की ओर से नियुक्त एडमिनिस्ट्रेटर आर सुब्रमण्यकुमार को पत्र लिखकर कहा है कि रिवाइज बोली काफी कम हैं। यदि इनमें से कोई बोली चुनी जाती है तो कंपनी की करीब 60% का नुकसान होगा। DHFL पर 95 हजार करोड़ रुपए की स्वीकृत देनदारी है। चारों कंपनियों की ओर से बढ़ी हुई बोली जमा करने के बावजूद DHFL को कर्ज देने वालों को करीब 60 हजार करोड़ रुपए राइट ऑफ करना पड़ सकता है। DHFL की CoC ने करीब 95 हजार करोड़ रुपए की देनदारी स्वीकृत की है। चारों कंपनियों में से ओकट्री ने सबसे बड़ी 33 हजार करोड़ रुपए की बोली जमा की है। यदि इस बोली को मंजूरी दी जाती है तो कर्ज देने वालों को बाकी राशि राइट ऑफ करनी होगी। कर्ज में डूबी DHFL के पास करीब 93 हजार करोड़ रुपए के असेट्स हैं। इसमें 33 हजार करोड़ रुपए का रिटेल असेट पोर्टफोलियो, 48 हजार करोड़ रुपए का होलसेल रिटेल पोर्टफोलियो और 12 हजार करोड़ रुपए का कैश या इसके बराबर के असेट्स शामिल हैं।
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पितृ पक्ष शुरू होने वाला है. इस साल यानी 2020 में पितृ पक्ष 2 सितंबर से शुरू होने जा रहा है. अधिक से अधिक लोग घर में ही श्राद्ध कर्म करते हैं.इसके लिए वह घर में ही पिंडदान, तर्पण और ब्राह्मण भोज करवाना पसंद करते हैं.हिन्दू कैलेंडर में बताया गया है कि श्राद्ध पक्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक 16 दिनों तक चलने वाला पर्व है. पितृ पक्ष के 16 दिनों में दिन के किस समय में पितरों के लिए पितृ पूजा और ब्राह्मण भोज करवाना चाहिए वह हम आपको बताने जा रहे हैं. कुतुप मुहूर्त 2020- कुपत, रोहिणी और अपराह्न काल में करते हैं श्राद्ध : विद्वान ऐसा मानते हैं कि श्राद्ध के 16 दिनों में कुपत, रोहिणी या अपराह्न काल में ही श्राद्ध कर्म करना श्रेष्ठ होता है. यह कुपत काल दिन का आठवां मुहूर्त काल माना जाता है.तारीख के मुताबिक यह मुहूर्त हर दिन अलग-अलग समय पर होता है.कुतप काल में किए गए दान का फल बहुत ही शुभ होता है. श्राद्ध मुहूर्त : इस बार पितृ पक्ष में कुतुप मुहूर्त सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक होने वाला है.इसके अलावा रोहिण मूहूर्त दोपहर 12:46 बजे से दोपहर 1:37 बजे तक होने वाला है.इसके अलावा अपराह्न काल मुहूर्त दोपहर 1:37 बजे से शाम 4:09 बजे तक होने वाला है.अपराह्न काल खत्म होने के पहले श्राद्ध संबंधी सभी अनुष्ठान पूरे कर लेने चाहिए.इसी के साथ गजच्छाया योग में भी श्राद्ध कर्म करना बहुत शुभ और बहुत अधिक फल देने वाला माना जाता है. गजच्छाया योग कैसे बनता है - कहते हैं कि जब सूर्य हस्त नक्षत्र पर हो और त्रयोदशी के दिन मघा नक्षत्र होता है तब 'गजच्छाया योग' बनता है. 8 प्रहर : 24 घंटे में 8 प्रहर होते हैं.जिनमे दिन के 4 और रात के 4 मिलाकर कुल 8 प्रहर माने जाते हैं. औसतन एक प्रहर में 3 घंटे का समय होता है जिसमें दो मुहूर्त उपलब्ध होते हैं. 8 प्रहरों के नामः- दिन के 4 प्रहर- पूर्वाह्न, मध्याह्न, अपराह्न और सायंकाल.रात के 4 प्रहर- प्रदोष, निशिथ, त्रियामा एवं उषा. 24 घंटे में 1440 मिनट होते हैं और मुहूर्त सुबह 6 बजे से आरम्भ हो जाता हैः- रुद्र, आहि, मित्र, पितॄ, वसु, वाराह, विश्वेदेवा, विधि, सतमुखी, पुरुहूत, वाहिनी, नक्तनकरा, वरुण, अर्यमा, भग, गिरीश, अजपाद, अहिर, बुध्न्य, पुष्य, अश्विनी, यम, अग्नि, विधातॄ, क्ण्ड, अदिति जीव/अमृत, विष्णु, युमिगद्युति, ब्रह्म और समुद्रम.
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आज, मैं आपको एक साधारण अभ्यास दिखाऊंगा जो आपको केवल 10 पुनरावृत्ति में तनाव को कम करने में मदद करेगा। यह आपको कब मारा जाता है? तनाव आपके ऊपरी हिस्से और गर्दन पर नियंत्रण कब लेता है और पूरे दिन तक चलने वाले सुस्त दर्द में बस जाता है? क्या आप इसे कम से कम कार्यालय में बनाते हैं और तनाव को आपके कंधे के ब्लेड के बीच एक नाखून चलाने से पहले कुछ ईमेल पढ़ने का मौका मिलता है? या क्या यह आपके लंबे ड्राइव में 10 मिनट तक काम करता है? मैं यह शर्त लगाने के लिए तैयार हूं कि यदि आप पूरे दिन एक डेस्क पर बैठते हैं और उचित वर्कस्टेशन सेट-अप नहीं है, तो आप पुराने ऊपरी हिस्से से पीड़ित हैं। आगे बढ़ो, अपने हाथों को अपने जाल पर रखें और निचोड़ें। क्या वे कड़ी मेहनत कर रहे हैं? क्या आपके पूरे कंधे पूरे दिन आपके कानों तक झुकाए गए हैं? क्या आपकी कंप्यूटर स्क्रीन आंखों के स्तर से नीचे है, जिससे आपका सिर आगे गिरने का कारण बनता है? जब आप ड्राइव करते हैं तो क्या आप अपने ऊपरी हिस्से में तनाव और मजबूती को जोड़ते हैं? वाई-स्क्वाट के 10 प्रतिनिधि। आप यहां एक तस्वीर देख सकते हैंः इस अभ्यास के लिए आपको अपने पीछे के डिब्बे से अनुबंध करने और अपने कंधे के ब्लेड को एक साथ लाने और चोटी को खींचते समय सभी 10 पुनरावृत्ति के लिए स्थिति में रखने के लिए अपने rhomboids और मध्य-जाल का उपयोग करने की आवश्यकता है। (मूल रूप से, आप उस मुद्रा की विपरीत स्थिति धारण कर रहे हैं जिसे हम दूसरे के लिए मानते हैं, ओह कहते हैं, नियमित कार्यदिवस के 9 घंटे और 50 मिनट)। तो इस अभ्यास के 10 प्रतिनिधि के बाद, कुल मिलाकर 30 सेकंड से अधिक नहीं लेते, तनाव मेरे ऊपरी हिस्से से चला गया था। उस तनाव से राहत के साथ, और squats के एक साधारण सेट से ऊर्जा, मैं प्रेरणा में एक बड़ा स्विंग था। (यदि आपके पास अपना कार्यालय रखने की लक्जरी है, तो मैं हर 60-120 मिनट में ब्रेक लेने और वाई-स्क्वाट के 10 प्रतिनिधि करने की सलाह देता हूं। यह आपको उत्साहित करेगा, आपके पीछे तनाव को कम करेगा, और आपके कुछ कार्यस्थल तनाव को खत्म करेगा। एक बहुत अधिक उत्पादक और आनंददायक दिन के लिए एक सरल रहस्य।)
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नई दिल्लीः भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के प्रमुख सुनील मित्तल ने कहा है कि टेलीकॉम इंडस्ट्री बहुत अधिक दबाव में है। उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा कि उम्मीद है कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कम से कम तीन परिचालक बाजार में बने रहें और भारत का डिजिटल क्षेत्र का सपना पूरा हो । सुनीत मित्तल (Sunil Mittal) ने स्वीकार किया कि दूरसंचार शुल्कों को बढ़ाने की जरूरत है और एयरटेल (Airtel) इस संबंध में 'झिझक' नहीं पालेगा। लेकिन, उन्होंने साथ में यह भी जोड़ा यह कदम 'एकतरफा' (one sided) तरीके से नहीं उठाया जा सकता है। भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के अध्यक्ष मित्तल ने कहा, "यह कहना कि दूरसंचार उद्योग थोड़ी परेशानी में है, वास्तव में यह यथास्थिति को कमतर बताया जाना है। यह बहुत अधिक दबाव में है। मुझे उम्मीद है कि सरकार, अधिकारी और दूरसंचार विभाग इस मुद्दे पर ध्यान देंगे। वे सुनिश्चित करेंगे कि दूरसंचार क्षेत्र में कम से कम तीन परिचालकों (Three Operators) के बने रहेंगे और उनके माध्यम से भारत का डिजिटल सपना पूरा हो सके।" वह भारती ग्लोबल और ब्रिटेन सरकार की अगुवाई वाली उपग्रह संचार कंपनी वनवेब के एक वर्चुअल कार्यक्रम में पत्रकारों से बात कर रहे थे। मित्तल ने कहा कि भारती एयरटेल ने शेयर पूंजी और बॉन्ड के माध्यम से समय पर और पर्याप्त रूप से धन जुटाया है, और कहा कि कंपनी आने वाले वर्षों में बाजार की सेवा करने के लिए मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि दूरसंचार उद्योग को 5जी सेवाओं (5G Services) को शुरू करने और भारत के डिजिटल सपने को पूरा करने के लिए स्वस्थ बने रहने की जरूरत है। यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनी दरें बढ़ाने के बारे में विचार करेगी, मित्तल ने कहा, 'हम इसे करने में संकोच नहीं करेंगे, लेकिन यह एकतरफा नहीं किया जा सकता है।
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लखनऊ। राफेल विमान सौदे पर केंद्र सरकार ने संसद में बुधवार को कैग की रिपोर्ट पेश की. रिपोर्ट के मुताबिक एनडीए सरकार के दौरान हुई डील यूपीए सरकार की तुलना में सस्ता थी. संसद में पेश की गई कैग की रिपोर्ट पर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने निशाना साधा है. मायावती ने कहा कि कैग की ये रिपोर्ट राफेल के सभी पक्षों पर प्रकाश डालने में नाकाम रही है. बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा, राफेल विमान सौदे पर बहु-प्रतीक्षित सीएजी रिपोर्ट जनता की नजऱ में आधी अधूरी है. यह न तो सम्पूर्ण है और न ही पूरी तरह से सही. बीजेपी सरकार में क्यों संवैधानिक संस्थाएं अपना काम पूरी ईमानदारी से नहीं कर पा रही हैं देश चिन्तित है. बता दें, संसद में राफेल डील को लेकर कैग की रिपोर्ट पेश की गई. इस रिपोर्ट में उन तमाम पहलुओं का जिक्र किया गया है, जिसे लेकर विपक्ष को आपत्ति थी. लेकिन राफेल लड़ाकू विमानों की कीमत क्या है, इसे लेकर रिपोर्ट में जानकारी नहीं दी गई है. कैग ने इस बात का जिक्र किया है कि यूपीए सरकार की तुलना में एनडीए सरकार में विमानों की कीमत 2.86 फीसद कम है. गौरतलब है कि बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती कुछ दिन पहले ही ट्विटर पर आईं है. उनको फॉलो करने वालों की संख्या बढ़कर 83 हजार हो गई है.
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रिश्ते बेहद अच्छे और खुशी के स्रोत हो सकते हैं। हालांकि, रिश्ते बहुत चैलेंजिंग होते हैं और उन्हें बनाए रखने के लिए काफी मेहनत भी करने की जरूरत होती है। आप और आपका बॉयफ्रेंड शायद दोनों ही एक-दूसरे की बहुत केयर करते हैं, लेकिन आपका रिश्ता शायद अभी भी वैसा नहीं बन पाया है, जैसा आपने चाहा था। अपने बॉयफ्रेंड के साथ में अपने रिश्ते को बेहतर बनाना सीखें, ताकि आप आपके रिश्ते को स्ट्रॉंग और खुशनुमा बनाए रख सकें। 1. एक-साथ मिलकर कुछ मजेदार चीजें करने में समय बिताएँः अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर ऐसी चीजें करना, जिन्हें आप दोनों ही एंजॉय करें, अपने बॉयफ्रेंड के साथ में अपने रिश्ते को बेहतर बनाने का एक तरीका है। आप दोनों मिलकर जो भी कुछ करते हैं, उसमें खुशी की तलाश करना भी आप दोनों को एक स्ट्रॉंग फ्रेंडशिप और एक गहरा बॉन्ड बनाने में मदद कर सकता है। अगर आप दोनों एक-दूसरे को ज्यादा पसंद करते हैं, तो आपका रिश्ता बेहतर हो जाएगा। उदाहरण के लिए, आप कार्ड गेम्स खेल सकते हैं, हाइक्स पर जा सकते हैं, नई एक्टिविटीज़ ट्राय कर सकते हैं या फिर एक साथ मिलकर वॉलंटियर कर सकते हैं। इसके पीछे का आइडिया सिर्फ यही है कि आप लोग ऐसी कोई चीज करें, जिसे आप दोनों ही एंजॉय करें। आप दोनों जिन भी चीजों को करना पसंद करते हैं, उनके बारे में डिस्कस करें, फिर आप दोनों में जो भी कॉमन है, उसकी तलाश करें। आप दोनों हमेशा जो चीजें करते हैं, हमेशा उन्हीं चीजों को करने से बचें। अगर आप आपके रिश्ते की अभी की परिस्थिति को लेकर खुश नहीं हैं, तो हमेशा बस एक ही तरह की चीजें करने से इसमें कुछ भी बेहतर नहीं बनने वाला है। अपने बॉयफ्रेंड से पूछें, "जब हम लोग साथ नहीं होते, तब तुम क्या करना पसंद करते हो? ये चीजें हैं, जो मुझे करना पसंद हैं।" आप ऐसा कह सकती हैं, "मुझे पता चला कि टाउन में नए म्यूजिकल ईवेंट होने वाले हैं। मैं एक देखना चाहती थी। क्या तुम मेरे साथ चलना चाहोगे?" 2. उसे दिखाएँ कि आप उसे पसंद करती हैंः जब आप किसी के साथ काफी समय बिता चुके होते हैं, तब आप आपके मन में उसके लिए जो फीलिंग्स हैं, उनके बारे में उसे बताने की बात को हल्के में लेना शुरू कर देते हैं। हो सकता है कि अब आप हनीमून फेज में नहीं रहना चाहती हैं, लेकिन आप चाहती हैं कि आप उसे बताएं कि आप कैसा महसूस करती हैं। उसे पता चलने दें कि आप उसे पसंद करती हैं और आपको उसकी केयर भी है। उदाहरण के लिए, आप उसे डिनर के लिए पेमेंट (pay) करने, कचरा बाहर निकालने के लिए या फिर आपके लिए डोर ओपन करके रखने के लिए थैंक्स बोल सकती हैं। कहें, "तुमने कल रात को कचरा बाहर निकाला, मुझे बहुत अच्छा लगा" या "तुम जो मेरे लिए सुबह कॉफी लेकर आए, उसके लिए थैंक यू। इसने आज का मेरा दिन बना दिया।" उसे बताएं कि आपको उसका लुक कितना अच्छा लगता है, आप उसकी बढ़ी हुई दाढ़ी को कितना पसंद करती हैं या आप उसके नए कॉलॉन को कितना पसंद करती हैं। उसे बताएं, "वो शर्ट तुम्हारे ऊपर कितनी अच्छी लग रही है" या "मुझे तुम्हारा नया हेयरकट बहुत अच्छा लगा। इसमें तुम बहुत हैन्सम दिखते हो।" उसके लिए अच्छे से तैयार हों। उसकी फेवरिट शर्ट पहनें, उसे आपको जिन कपड़ों में देखना पसंद है, वही कपड़े पहनें या फिर उसे जिस तरह की खुशबू अच्छी लगती है, वही यूज करें। 3. उसे प्यार दिखाएँः अगर आप दोनों काफी समय से रिश्ते में हैं, तो फिर आप दोनों ने ही केवल सेक्स के अलावा, शायद एक-दूसरे के साथ में प्यार या फिजिकल अफेक्शन दिखाना छोड़ दिया होगा। सेक्स और प्यार, ये दोनों अलग चीजें हैं। बेडरूम के बाहर ज्यादा प्यार दिखाएँ। जब आप दोनों एक-साथ हों, तब उसे अपना प्यार दिखाने के लिए बस कुछ छोटे-छोटे बदलाव करें। उदाहरण के लिए, आप उससे बात करते समय उसे टच कर सकते हैं, उसके हाथ को पकड़ सकते हैं या फिर अपने सिर को उसके कंधे पर रख सकते हैं। जब आप उसे किस करें, तब जल्दबाज़ी करने की बजाय, उसमें शामिल हो जाएँ। टीवी देखते समय एक-दूसरे को पकड़कर और प्यार दिखाकर समय बिताएँ। 4. उसके लिए छोटी-छोटी चीजें करेंः ऐसा नहीं है कि अपने रिश्ते को वापस ट्रेक पर लेकर आने के लिए आपको कोई बहुत बड़ा रोमांटिक कदम उठा लेना है। छोटी चीजों का मतलब कभी केवल एक जेस्चर से कहीं ज्यादा होता है। जब आप दोनों साथ में हों, तब अपने बॉयफ्रेंड के लिए कुछ बहुत ध्यान रखकर कुछ करें। इससे उसे ऐसा लगेगा, कि आपको उसकी केयर है, आप उसका ध्यान रखती हैं और उसके बारे में सोचती हैं। उदाहरण के लिए, आप दोनों जब सुबह मिलें, तब उसके लिए उसकी कॉफी का फेवरिट फ्लेवर ले आएँ या फिर जब वो सुबह उठे, तब उसके लिए कॉफी बनाकर रखें। ग्रोसरी स्टोर से उसके फेवरिट स्नेक्स खरीदकर ले जाएँ या फिर जब आप मूवी जाएँ, तब इसे ले जाएँ। अगर आपका पार्टनर हमेशा ऑफिस में उसका पेन खो देता है, तो उसके लिए उसकी कार में रखने के लिए एक पैक ले आएँ। अगर वो हमेशा उसके सनग्लासेस भूल जाता है, तो अपने साथ में हमेशा उसके लिए सनग्लासेस की एक एक्सट्रा पेयर लेकर चलें। 5. मजेदार बनेंः हल्का माहौल बनाए रखना, अपने रिश्ते को बेहतर बनाए रखने का एक अच्छा तरीका होता है। एक-दूसरे के साथ में प्लेफुल बनना, आपके बीच के कनैक्शन और कम्यूनिकेशन को बेहतर बनाने का एक और अच्छा तरीका होता है। अपने रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए जरूरी नहीं है कि आप दोनों को सीरियस ही रहना पड़े। एक-दूसरे के साथ मजाक करना, सिली बिहेव करना और ऐसी कुछ लाइटहार्टेड एक्टिविटीज़ में शामिल होना, जिसमें आप दोनों ही हँस सकें, आपको एक-दूसरे के करीब होने का अहसास दिला सकता है। चीजों को लेकर एक-दूसरे को हल्का सा चिढ़ाएँ, कुछ इनसाइड जोक्स ले आएँ और जब भी आप में से कोई कुछ फनी बोले, तब मुस्कुराएँ या ज़ोर से हँसें। बस इतना ख्याल रखें कि इस तरह की टीजिंग या जोकिंग को बस हल्का और मजेदार होना चाहिए, इसमें किसी भी तरह से कोई गलत बात नहीं बोली जाना चाहिए। 6. अपने बॉयफ्रेंड से बात करेंः ये आपको बहुत जाहिर सी बात लगेगी, लेकिन अगर आप काफी समय से किसी के साथ में रहते हैं, तो ऐसे में आप कुछ चीजों को नजरअंदाज करना शुरू कर देते हैं। हो सकता है कि आप लोगों ने अब एक-दूसरे के साथ में बातें शेयर करना छोड़ दिया हो, एक दूसरे से सवाल करना बंद कर दिया हो या फिर एक-दूसरे को ये बताना छोड़ दिया हो कि वो बदल चुके हैं। बात करने की कोशिश करके, एक बार फिर से अपने बॉयफ्रेंड को जानने की कोशिश करें। पता करें, अगर आपके बॉयफ्रेंड की कोई नई हॉबी, कोई नया इन्टरेस्ट या फिर फेवरिट मूवी हो। उससे पूछें, अगर ऐसी कोई चीज है, जो उसे परेशान कर रही है या फिर अगर ऐसा कुछ है, जो बदल गया है, जो शायद आप से छूट गया है। उदाहरण के लिए, आप ऐसा पूछ सकती हैं, "तुमने अभी हाल में कौन सा नया टीवी शो या मूवी देखी है? क्या तुम्हें कोई अच्छा गाना मिला?" या "मैंने नोटिस किया है कि तुम काफी समय से बहुत फेंटसी पढ़ रहे हो। ये तो नई बात है। मुझे भी इसके बारे में कुछ बताओ।" 7. एक-दूसरे को सुनेंः अपने बॉयफ्रेंड की बातें सुनना, उसे पूरे ध्यान से सुनना उसके साथ में अपने रिश्ते को बेहतर बनाने का एक तरीका होता है। अगर आप लोग बहस कर रहे हैं, तो इतना ज्यादा दुखी मत हो जाएँ कि वो उसके बारे में चाहे जो भी बोले, उसे इग्नोर करते जाएँ या फिर केवल अपनी-अपनी ही कहते रहें। इसकी बजाय, वो जो भी बोलता है, उसे सुनें। एक-दूसरे को सुनने से बहस के चलते रहने की बजाय, आपके बीच में एक निष्कर्ष निकाल पाने में मदद मिलेगी। जब आप सुनें, तब उसे सच में सुनें। आपके मन में, वो कितना गलत है, आप जो कहना चाहती हैं और उसे किस तरह से आपकी बात पर राजी किया जाए, जैसी आवाजों को अपने अंदर ही रख लें। एक एक्टिव लिसनर बनने के लिए, आपको सीधे उस इंसान की आँखों में देखकर और जरूरत पड़ने पर अपना सिर हिलाकर, एक ओपन बॉडी लेंग्वेज का यूज करना चाहिए। वो इंसान क्या कह रहा है, उसके ऊपर ध्यान दें और उन्होने आप से जो भी बोला है, उसे फिर से दोहराएँ (जैसे, "इससे तो ऐसा लग रहा है, जैसे तुम्हें तुम्हारे ऑफिस में सच में बहुत तकलीफ है!")। उसके साथ में आइ कांटैक्ट बनाएँ और वो इंसान जो भी कुछ कह रहा है, उसके ऊपर सोच-समझकर कोई कमेन्ट और सवाल करें। 8. ईमानदार रहेंः अपने बॉयफ्रेंड के साथ में ऑनेस्ट रहना, अपने और उसके रिश्ते को बेहतर बनाने का एक तरीका है। ये शायद थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन अगर आप एक हेल्दी रिलेशनशिप चाहती हैं, तो आप दोनों को ही एक-दूसरे के ऊपर इतना भरोसा करना होगा कि दोनों एक-दूसरे के सामने ओपन और ऑनेस्ट रह सकें। जिन चीजों से आपको तकलीफ होती है, जिनसे आपको डर लगता है या फिर जो चीजें आपको अंकम्फ़र्टेबल फील कराती हैं, उनके बारे में ऑनेस्ट रहें। अपने बॉयफ्रेंड से झूठ मत बोलें। इसकी वजह से सिर्फ परेशानी और ज्यादा बढ़ेगी। ऑनेस्ट होने का मतलब ये नहीं कि जब वो आपको परेशान कर रहा हो, आपको केवल तभी कुछ कहना है। इसका मतलब, अपनी ज़िंदगी के हर एक पहलू के बारे में ऑनेस्ट होना। उसके साथ में खुलने और उस पर भरोसा करने के ऊपर काम करें। 9. उसके साथ बात करेंः अगर ऐसी कोई जरूरी बात है, जो आपको आपके बॉयफ्रेंड के साथ में डिस्कस करना है, तो फिर उसे मैसेज या ईमेल के जरिए बताने की बजाय, सीधे उसके सामने बैठकर बताएं। ये आपके बीच में गलत कम्यूनिकेशन होने से बचाए रखेगा। इसके साथ ही आपको उससे बात करने के लिए एक सही समय की भी तलाश करने की जरूरत होगी। एक ऐसा टाइम चुनें, जब आप दोनों एक-साथ बात कर सकें और जब आपके आसपास आप दोनों के अलावा और कोई न हो। जब आप बात करें, तब अपने बॉयफ्रेंड के ऊपर हमला बोलने से बचें। इससे कोई प्रॉडक्टिव समाधान नहीं मिलने वाला है। 10. आपके बॉयफ्रेंड को बताएँ, आपको कैसा फील होता हैः जब आप काफी समय से किसी के साथ होते हैं, तब आप ऐसा मानकर चलने लग जाते हैं कि उन्हें सब-कुछ मालूम है। आप ऐसा सोच सकती हैं कि आप जैसा भी सोचती हैं, जो भी फील करती है और जिस तरह से उसके बारे में फील करती हैं, उसको सब मालूम है। वो कोई माइंड रीडर नहीं है, ठीक वैसे ही, जैसे आप भी माइंड रीडर नहीं। आपके बॉयफ्रेंड को पता चलने दें कि आप क्या चाहती हैं, ताकि आप दोनों एक-दूसरे को अच्छे से समझ पाएँ। अपने बॉयफ्रेंड को बताएं कि आपको उसकी किस बात के बारे में परवाह है, जैसे उसके साथ रहना या फिर उससे प्यार करना। उसे बताएं कि जब वो आपका हाथ पकड़ता है, तब आपको अच्छा लगता है या फिर जब वो आपको उसके फ्रेंड्स के साथ लेकर जाता है, तब आपको अच्छा लगता है। उसे पता होने दें कि आपका दिन ऑफिस में खराब गुजरा है या फिर आपका अच्छा दिन गया है। उसे बताएं कि इस वीकेंड पर आप एक नए रैस्टौरेंट जाना चाहती हैं या फिर कुछ अलग करना चाहती हैं। उदाहरण के लिए, आप ऐसा बोल सकती हैं, "जब तुम पब्लिक में मेरा हाथ पकड़ते हो, तब मुझे बहुत अच्छा लगता है," "आज रात में इंडियन फूड ट्राय करना चाहती हूँ, और मुझे अच्छा लगेगा अगर तुम भी मेरे साथ चलो," या "इस वीकेंड पर हमको कुछ नया ट्राय करना चाहिए। मैं ऐसी किसी जगह पर हाइक पर जाने का सोच रही थी, जहां हम लोग नहीं गए। तुम्हें क्या लगता है?" खराब दिनों के दौरान, "आज ऑफिस में मेरा दिन बहुत बेकार गया है और मेरा दिमाग अभी बहुत खराब है" या फिर "सॉरी, मैंने बहुत चिल्लाया, लेकिन आज सच में मेरा बहुत बुरा दिन गुजरा है।" 11. जिन चीजों में आपकी दिलचस्पी है, उनके बारे में बात करेंः रिश्ते में छोटी-छोटी बातें करना जरूरी होता है। ऐसी रेंडम चीजें, जो जरूरी नहीं लगती हैं, वो भी आपके रिश्ते को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं। अपने बॉयफ्रेंड से उसके नए वीडियो गेम के बारे में, उसके बेसबॉल टीम के बारे में या फिर किसी टेलीविज़न शो के लास्ट एपिसोड के बारे में वो क्या सोचता है, के बारे में पूछें। उसे आपकी लाइफ की बातों के बारे में भी बताएं। अपनी लाइफ की केवल बड़ी-बड़ी चीजों के बारे में ही नहीं, बल्कि हर एक चीज के बारे में एक-दूसरे से बात करें। जब आपका बॉयफ्रेंड ज्यादा बातें करें और किसी ऐसी चीज के बारे में कुछ बताए, जिसके बारे में आपको कोई परवाह नहीं, तब बोर मत होने लग जाएँ। अगर वो इसे आपके साथ में शेयर करने का टाइम ले रहा है, तो ये बात उसके लिए कुछ न कुछ मायने तो रखती ही होगी। उदाहरण के लिए, आप इस तरह की चीजें शेयर कर सकती हैं, "हमारे ऑफिस में एक नया एम्प्लोयी आया है" या "मेरा डॉग काफी फनी चीजें करता है।" आप ऐसा कुछ भी बोल सकती हैं, "मैंने एक बहुत अच्छी मूवी देखी" या "मैंने आज सुबह बहुत अच्छा वर्कआउट किया। मैं तुम्हें बताती हूँ, कैसे।" 12. आप आपकी लाइफ से क्या चाहती हैं, के बारे में डिस्कस करेंः आप और आपका पार्टनर शायद लाइफ में अलग-अलग जगहों पर हो सकते हैं। आप भी उन्हीं चीजों को करना चाहती होंगी, जिनकी आपको आदत है, इसका मतलब आपके लक्ष्य शायद उसकी तरह नहीं हो सकते हैं। आप आपकी लाइफ में क्या चाहती हैं, आपके क्या प्लान हैं और आपकी लाइफ के लिए आपने क्या लक्ष्य रखे हैं, इन सभी के बारे में बातें करें। आप दोनों के बीच में शेयर होने वाले लक्ष्यों के ऊपर ध्यान दें। कॉमन लक्ष्यों को शेयर करना, आप दोनों को ही एक-साथ मिलकर किसी चीज के ऊपर काम करने में मदद कर सकता है, जो बहुत खुशियाँ दे सकती हैं और आपको एक-दूसरे के करीब कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, अपने बॉयफ्रेंड से कहें, "मैं किसी एग्जोटिक प्लेस ट्रेवल करना चाहती हूँ। तुम क्या सोचते हो?" या "मेरा लक्ष्य एक एडवांस्ड डिग्री पाने का है। तुम्हारे करियर के क्या लक्ष्य हैं?" 13. अपने रिश्ते के लिए लक्ष्य बनाएँः बैठें और अपने रिश्ते के लिए लक्ष्य बनाना, आपके और आपके बॉयफ्रेंड के रिश्ते को बेहतर बनाने का एक तरीका हो सकता है। आप आपके रिश्ते से क्या चाहते हैं? आप इसे कहाँ लेकर जाना चाहते हैं? ये लक्ष्य दोनों ही तरीके से काम करते हैं। ठीक उसी तरह, जैसे आप उससे जो चीजें कराना चाहती हैं, के बारे में बात करती हैं, वो भी आप से क्या चाहता है, के बारे में आप से बात करेगा। हो सकता है, शायद आप दोनों एक साथ ज्यादा समय बिताना चाहते हों, या फिर शायद आप अपनी फैमिली के साथ में ज्यादा समय बिताना चाहते हैं। आप शायद चाहती हैं कि उसे इतना ज्यादा स्पोर्ट्स देखने से रोक लें, जबकि वो चाहता है कि आप थोड़ा ज्यादा ओर्गेनाइज़ रहने लग जाएँ। अपने बॉयफ्रेंड को बताएं, आप उससे क्या चाहती हैं और उसे भी आपके साथ में इसी तरह से अपनी उम्मीदों को रखने के लिए प्रेरित करें। 14. किसी एक रिलेशनशिप काउंसलर के पास जाएँः अगर आपको लगता है कि आपका रिश्ता मुश्किल में है, लेकिन आपको उसे ठीक करने का तरीका नहीं मालूम है, तो ऐसे में किसी रिलेशनशिप काउंसलर के पास जाने के बारे में सोचें। एक रिलेशनशिप काउंसलर आप दोनों को ही बेहतर तरीके से कम्युनिकेट करने, मुश्किलों को हल करने और परेशानियों के ऊपर हेल्दी, प्रॉडक्टिव तरीके से काम करने का तरीका सिखा सकते हैं। एक रिलेशनशिप काउंसलर शायद हर किसी के लिए नहीं होगा। अगर आप लोग काफी समय से बाहर नहीं जा रहे हैं, तो ऐसे में शायद एक रिलेशनशिप काउंसलर के पास जाना बहुत जल्दी होगा। 15. नेगेटिव विचारों को अवॉइड करेंः अगर आप आपके रिश्ते में एक गलत जगह पर पहुँच गए हैं, तो शायद आप खुद को हमेशा, आपके बॉयफ्रेंड के द्वारा की जाने वाली हर एक चीज के लिए परेशान होता हुआ पाएँगी। हो सकता है, शायद आप किसी काम को करने के उसके तरीके से नफरत करती हैं या फिर जब वो कुछ बोले, तब चिढ़ जाती हैं। अपने बॉयफ्रेंड के लिए नेगेटिव होने की अपनी आदत से बाहर आने की कोशिश करें। ऑटोमेटिकली परेशान होने की बजाय, सोचकर देखें कि आखिर वो क्यों इस तरह के काम कर रहा है, जिससे आपको परेशानी हो रही है। क्या ये सच में कोई प्रॉब्लम है या फिर ये एक कॉमन एक्शन है, जिसकी वजह से आपको इतनी चिढ़ हो रही है? एक कदम पीछे लेकर देखें और महसूस करें कि ये कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। अपने बॉयफ्रेंड से उन चीजों के बारे में बात करें, जिनसे आपको सच में परेशानी हो रही है। हो सकता है कि उसको महसूस भी न हुआ हो, कि ये कोई प्रॉब्लम है। 16. अपने फोन को चेक करना बंद करें! अगर आप आपके फोन को लेकर बहुत ज्यादा जुनूनी हैं, तो इससे आपके रिश्ते पर असर पड़ सकता है। एक-दूसरे के साथ होने पर, लगातार फेसबुक, इन्स्टाग्राम और ट्विटर या दूसरे लोगों को टेक्स्ट करना उसे ऐसा महसूस करा सकता है कि उसकी कोई जरूरत नहीं और इसकी वजह से मुश्किल खड़ी हो जाएगी। इसकी बजाय, अपने फोन को एक साइड रख दें और उसकी तरफ ध्यान दें। सुनिश्चित करें कि वो भी आपके लिए ऐसा ही करता है। अगर आपका सारा ध्यान केवल फोन पर ही होगा, तो शायद आपसे उसकी कही कोई बात छूट जाएगी। इसके अलावा, कोई एक्टिविटी करते समय आपका पूरा ध्यान भी उसके ऊपर नहीं रहेगा। 17. उसे बदलने की कोशिश न करेंः आप आपके बॉयफ्रेंड को बदल नहीं सकती हैं। वो भी आपको नहीं बदल सकता है। अगर आपको ऐसा लगता है कि उसे बदलने के बाद आपका रिश्ता बेहतर हो जाएगा, तो फिर आपको आपकी सोच बदलने की जरूरत है। उसे बदलने की कोशिश केवल आपके बीच में मतभेद ही पैदा करेगी। इसकी बजाय, जिन चीजों से आपको परेशानी हो रही है, उनके बारे में बात करें। आप दोनों मिलकर कोई न कोई हल जरूर निकाल लेंगे। समझौता करना, किसी भी रिश्ते में किसी एक के ऊपर बदलने का दबाव डाले बिना बेहतर रिश्ते की दिशा में काम करने का एक अच्छा तरीका होता है। किसी मुद्दे के बारे में एक-दूसरे से बात करें और एक-साथ मिलकर किसी सहमति पर आएँ। लोगों को अच्छा लगता है कि उन्हें वो जैसे हैं, उसी तरह से स्वीकार किया जाए, खासतौर पर उनके संभावित पार्टनर के द्वारा। अपने बॉयफ्रेंड को बदलने की कोशिश करना, उसे ऐसा जता सकता है कि उसके साथ में कुछ गड़बड़ है या फिर आपको उसकी कोई फिक्र नहीं है। 18. सही के लिए झगड़ेंः अगर आपको आपके बॉयफ्रेंड के साथ किसी बात पर असहमति दिखाना है और इसके चलते आप दोनों में बहस हो जाती है, तो इसका मतलब ये नहीं कि दुनिया खत्म ही हो गई। हालांकि, बस इतना ध्यान रखें कि आप लोग इस तरह से नहीं झगड़ रहे हैं, जिसकी वजह से आपको बाद में पछतावा हो। सही के लिए और रिस्पेक्टफुल तरीके से झगड़ने की पुष्टि करने के लिए, इन रूल्स को फॉलो करने की पुष्टि कर लेंः जिस चीज से आपको तकलीफ हो रही है, उसे लेकर स्पष्ट रहें। उसके ऊपर दोष मत डालें। "हमेशा" या "कभी नहीं," जैसे जनरलाइजेशन का यूज मत करें। अभी आपके सामने जो मुद्दा है, केवल उसी के ऊपर फोकस करें; अभी किसी पुरानी बहस को मत छेड़ दें। शांत रहने की कोशिश करें और जब आप शांत हों, केवल तभी मुद्दे के बारे में बात करें। बात करें। अपने बॉयफ्रेंड के सामने चुप रहकर, उसे ठीक करने की कोशिश न करें। अपनी फीलिंग्स के बारे में बात करें; आप कैसा फील करती हैं, उसे दिखाने के लिए एक्शन का यूज न करें। 19. अलग-अलग इन्टरेस्ट रखेंः अपने बॉयफ्रेंड के अलावा, दूसरे इन्टरेस्ट रखना, अपने बॉयफ्रेंड के साथ में बेहतर रिश्ता बनाने का एक अच्छा तरीका होता है। आप और आपके बॉयफ्रेंड के इन्टरेस्ट शायद एक जैसे हो सकते हैं और आप दोनों शायद एक-साथ मिलकर चीजें करते हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आपको सब-कुछ एक-साथ करना चाहिए। अलग-अलग इन्टरेस्ट का होना, चीजों को इन्टरेस्टिंग बना सकता है, एक-दूसरे के साथ में बात करने के लायक बातें दे सकता है और दोनों को ही इसके अलावा दूसरे रिश्ते बनाने में मदद करता है। एक-दूसरे के करीब आते समय, अपनी खुद की एक अलग पहचान बनाकर रखना बहुत जरूरी होता है। कोई बात नहीं, अगर आप म्यूजिक प्ले कर रही हैं, लेकिन उसे आर्ट पसंद है या अगर आपको बेसबॉल पसंद है और उसको फुटबॉल अच्छा लगता है। आप दोनों एक-साथ मिलकर भी इन सारे इन्टरेस्ट्स को एंजॉय कर सकते हैं, लेकिन अगर आप आपके फ्रेंड्स के साथ बेसबॉल गेम खेलने जाना चाहें, और वो उसके फ्रेंड्स के साथ में किसी आर्ट ओपनिंग को देखने जाए, तो भी इसमें कोई खराबी नहीं है। 20. खुद को खुश रखने के ऊपर फोकस करेंः किसी भी रिश्ते में जब किसी एक की खुशी, दूसरे के हाथों में रहती है, तो इसकी वजह से मुश्किल खड़ी हो सकती है। आप आपकी सारी खुशियों को केवल उसी की तरफ से आने की उम्मीद रख सकती हैं। भले ही आप जब आपके बॉयफ्रेंड के साथ में हों, तब आपके लिए खुश रहना जरूरी होता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि केवल उसे ही आपकी खुशियों के पीछे की वजह होना चाहिए। आप जब खुश रहने के तरीके तलाश लेंगे, तब आपका रिश्ता कहीं ज्यादा बेहतर हो जाएगा। ये दूसरों के साथ फ्रेंडशिप करके, वॉलंटियर करके, स्पोर्ट्स या एकेडमिक्स से हो सकता है। अगर आपको खुश रहने के तरीके तलाशने में मुश्किल हो रही है, तो फिर आपको आपके साथ होने वाली परेशानी का हल निकालने के लिए किसी थेरेपिस्ट या काउंसलर के पास जाने के बारे में सोचना होगा। 21. अपना आत्म-विश्वास (सेल्फ-एस्टीम) या अपनी अहमियत को बढ़ा लेंः अपने खुद के साथ में, अपने रिश्ते को बेहतर बनाना, अपने बॉयफ्रेंड के साथ में रिश्ते को बेहतर बनाने का एक और तरीका होता है। अगर आपका आत्म-विश्वास अच्छा होगा, तो आप इन्सिक्योर या जैलस फील नहीं करेंगी। इसकी भाय, आप आपके और आपके बॉयफ्रेंड के ऊपर पहले से भी ज्यादा भरोसा करने लग जाएंगी। अपने बॉयफ्रेंड को, अपनी अहमियत और अपने आत्म-सम्मान का आधार मत बना लें। आपका आत्म-विश्वास आपके अंदर से आना चाहिए। अपनी पॉज़िटिव गुणों और चीजों को इसका आधार बना लें। अपने आप में कॉन्फिडेंट महसूस करने के तरीके तलाशें। अच्छी तरह से कपड़े पहनें, अपनी उपलब्धियों को लेकर गर्व महसूस करें, एक्सरसाइज करें और नई हॉबीज ट्राय करें। ये सभी कॉन्फ़िडेंस बनाने के तरीके हैं।
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को केन्द्र के नए कृषि कानूनों का फायदा बताने के लिए बलिया जिले में बनने वाले मशहूर काली गाजर के हलवे और चंदौली के काले चावल से बनी खीर का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने विधान परिषद में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए नए कृषि कानूनों का जिक्र किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "बलिया के एक सदस्य ने मुझे बताया कि विधानसभा में विपक्ष के नेता राम गोविंद चौधरी के विधानसभा क्षेत्र बांसडीह में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की जा रही है। वहां रामरतन नाम का एक मिठाई दुकानदार है, जिसका काली गाजर का हलवा पिछले कई दशकों से बहुत मशहूर है। उसने किसानों से गाजर खरीदने के लिए अनुबंध किया है।" उन्होंने कहा कि गाजर के बीज बोने के वक्त वह अनुबंध किया गया था और फसल तैयार होने पर उसे पूरा का पूरा खरीद लिया गया। योगी ने चंदौली में पैदा होने वाले काले चावल से तैयार खीर का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि चंदौली के किसानों ने काले चावल की खेती शुरू की। यह सबसे ज्यादा प्रोटीनयुक्त चावल है और यह उत्तर प्रदेश का एक ब्रांड है। मुख्यमंत्री ने कहा, "सपा सदस्य शतरुद्र प्रकाश ने एक बार मुझसे कहा कि क्या आपने काले चावल से बनी खीर खाई है। जब मैं वाराणसी गया तो अपनी पार्टी के कार्यकर्ता से कहा कि काले चावल की खीर लाओ।" योगी ने कहा कि वह इस बात से दुखी और आश्चर्यचकित हैं कि विपक्ष नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों को भ्रमित कर रहा है।
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BHOPAL: 2018 में एकजुट होकर लड़ी कांग्रेस फिर उसी फॉर्मूले पर 2023 की तैयारी में है। 2018 में सत्ता में आने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के दल बदलने पर बिखरी कांग्रेस फिर अपने आप को एकजुट करने की कवायद में जुट गई है। कांग्रेस पार्टी में हाशिए पर गए सीनियर लीडर की पार्टी में फिर से पूछ परख बढ़ गई है। हाल ही में कमलनाथ ने 2023 के चुनाव को लेकर राजनीतिक मामलों की समिति में पार्टी के सभी सीनियर नेताओं को शामिल कर इसकी शुरुआत कर दी है। 2018 के बाद सिंधिया अपने समर्थक विधायकों सहित दलबदल कर बीजेपी में चले गए। इसी के साथ सत्ता कांग्रेस के हाथ से चली गयी। पार्टी में गुटबाजी जबरदस्त तरीके से फिर बढ़ गयी। सिंधिया के जाने के बाद पार्टी के कई बड़े नेता प्रदेश नेतृत्व को ही आइना दिखाते नजर आए। अजय सिंह और अरुण यादव की नाराजगी बार बार खुलकर सामने दिखी। 2023 के पहले कांग्रेस फिर से अपने एकजुटता वाले फॉर्मूले पर चलकर चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार हो रही है।
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inextlive के साथ रहिए खबरों की दुनिया से जुड़े। यहां पढ़िए Icc से जुड़ी हिन्दी न्यूज़ Icc Hindi News और ताजा खबरें Icc Latest News। देखिए Icc संबंधी ताजा वीडियो। साथ ही Icc की ताजा तस्वीरें। Icc से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज, वीडियो व फोटो एक साथ एक जगह। पाइए Icc से जुड़ी जानकारी जिसमें है आपकी रुचि या जो आ सकती है आपके काम। Icc से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को छूने वाली नवीनतम जानकारी, खबरें, वीडियो व तस्वीरें। राजनीति से लेकर टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट व संस्कृति जगत की ताजा हलचल के लिए बने रहिए inextlive के साथ.
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कराचीः पहाड़ों से चट्टानों को गिराकर और नदियों तथा तालाबों में तैराकी करके अपनी मांसपेशियों को मजबूत बनाकर पाकिस्तान की विश्व कप क्रिकेट टीम में जगह बनाने वाले तेज गेंदबाज सोहेल खान ने लंबा सफर तय किया है. विश्व कप के लिये पाकिस्तान की 15 सदस्यीय टीम में वह अप्रत्याशित चेहरा हैं लेकिन पूर्व कप्तान रशीद लतीफ को उनकी काबिलियत पर पूरा यकीन है. अपनी घरेलू टीम पोर्ट कासिम में सोहेल को मौका देने वाले लतीफ ने कहा," उसने विश्व कप टीम में अपनी जगह खुद बनाई है." उन्होंने कहा ," घरेलू सर्किट पर शानदार प्रदर्शन से उसने टीम में जगह बनाई और मुझे यकीन है कि वह विश्व कप में अच्छा खेलेगा." पाकिस्तान के आदिवासी खाइबर पख्तूनख्वा प्रांत से ताल्लुक रखने वाले सोहेल ने अपनी मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिये काफी मेहनत की है. वह पहाड़ों से नीचे चट्टानें फेंका करता था. क्रिकेट सुविधाओं के अभाव में उसने शुरूआत टेनिस गेंद से की. उसने कहा," मैं क्रिकेट में नाम कमाना चाहता था लेकिन हमारे पास मैदान या जिम नहीं था. किसी ने मुझे कहा कि दूरी से पत्थर फेंकने पर तेज गेंदबाजी के लिये मेरी मांसपेशियां मजबूत हो जायेंगी." नदियों में रोजाना तैरने से भी उसकी फिटनेस बेहतर हुई. उसने बाद में कराची में प्रतिभा तलाश कार्यक्रम में भाग लिया और लतीफ की अकादमी के लिये चुन लिया गया.
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ई. वी. रामास्वामी नायकर का जन्म 1879 ई. में हुआ था। इन्होंने प्रारम्भ में काँग्रेस में भाग लिया। 1923 ई. में वायकोम मन्दिरों में हरिजनों के प्रवेश को लेकर इन्होंने 'आत्म सम्मान' आन्दोलन चलाया। इन्होंने सामाजिक समानता पर बल दिया, मनुस्मृति को जलाया तथा ब्राह्मणों के बिना विवाह करवाए। ये 'पेरियार' के नाम से विख्यात हैं। इन्होंने 'कुदी अरासु' नामक ग्रंथ लिखा। 1930 ई. में ईश्वर विरोधी समिति के निमंत्रण पर वे रूस गए तथा लौटने के बाद वे काँग्रेस से अलग हो गए एवं द्रविड़ मुनेत्र कडगम की स्थापना की। ये हिन्दी के कट्टर विरोधी थे। 70 वर्ष की आयु में इन्होंने 20 वर्षीया मारिया के साथ विवाह किया, जिसके विरोध में अन्नादिराई सहित अनेक नेताओं ने इनका साथ छोड़कर अनाद्रमुक का गठन किया।
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(हि.स.)। कोरोना से 90 प्रतिशत से अधिक लोग अपनी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता की वजह से ठीक हो रहे हैं। कोरोना वायरस हो या कोई और बीमारी सभी से लड़ने के लिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता ही काम आती है। मिट्टी, पानी, धूप, हवा से हर मरज का इलाज संभव है। प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियां बेहद कारगर साबित हो रही हैं। कोरोना संक्रमण में भी लोग भांप ले रहे हैं, गरारे कर रहे हैं और सूप, गर्म पानी पी कर इस बीमारी को ठीक कर रहे हैं। देश के प्राकृतिक चिकित्सक भी मानते हैं कि कोरोना से बचे रहने व संक्रमित हो जाने पर प्राकृतिक उपाय काफी हद तक कारगर है। इंडियन नेचुरोपैथी व योग ग्रैजुएट्स मेडिकल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार सिंह कहते हैं कि आज लोगों को अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर काम करना चाहिए। इसके लिए लोगों को अच्छी नींद लेनी चाहिए और अपने भोजन में तरल पदार्थ का सेवन अधिक करना चाहिए। वे कहते हैं कि अगर किसी को कोरोना हो भी जाए तो भी लोग घबराएं नहीं। बल्कि अपनी दिनचर्या में थोड़ा बदलाव लाएं। भोजन को हल्का रखें और तरल पदार्थ का सेवन ज्यादा करें। इससे शरीर में बीमारियों से लड़ने वाले सेल अधिक तेजी से वायरस से लड़ सकेंगे। सांस लेने में थोड़ी बहुत दिक्कत भी हो तो भाप लें और प्राणायाम करें। ब्रीदिंग एक्सरसाइज से दिमाग भी शांत होता है और फेफड़े भी खुलते हैं। काढ़ा के अधिक सेवन पर डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि किसी भी चीज का आवश्यकता से अधिक सेवन करना नुकसानदायक होता है। इसलिए काढ़ा दिन में दो बार सेवन करना बहुत है। लेकिन लोग घबराहट के मारे दिन में बहुत बार काढ़ा पी रहे हैं और भांप ले रहे हैं। वो नहीं करना है। सोने का समय तय करना बेहज जरूरी है। देखा गया है कि लोग इन दिनों ठीक तरह से सोते नहीं है जिसके कारण उन्हें बीपी, शुगर और पाचन तंत्र से जुड़ी कई बीमारियां हो जाती है। वहीं, प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. शालु बताती हैं कि जल नेति, कुंजल क्रिया रोजाना करने से सांस के दोनों ट्रैक साफ रहते हैं और कीटाणु के फेफड़े तक पहुंचने की गुंजाइश कम हो जाती है। इसके साथ नाक में दो-दो बूंद सरसों का तेल का प्रयोग रोजाना करने की सलाह भी देती हैं। वे कहती हैं कि अगर फिर भी कोरोना हो जाए तो भी घबराएं नहीं। अगर बुखार है तो तुलसी, बड़ी इलायची, काली मिर्च और नींबू के छिलके का काढ़ा बनाकर दिन में दो बार सेवन करें। बुखार उतर जाता है। किसी भी तरह का बुखार हो तो भारी भोजन छोड़ना बेहतर है। दो-तीन दिन तक सिर्फ सूप और फलों के जूस का सेवन करने से बुखार और बीमारी दूर हो सकती हैं। सांस लेने में दिक्कत हो तो कपूर, अजवाइन और लौंग की पोटली बना कर रख लें। इससे काफी हद तक आराम आता है। इसके साथ प्रोनिंग विधि यानी पेट के बल सोएं। इसके साथ गहरी सांस लेने से भी आराम आता है। प्राकृतिक चिकित्सा के कुछ उपायों को रोजाना करने से लोग निरोगी रह सकते हैं। बशर्ते है कि लोग सकारात्मक बने रहे हैं और सुबह ओम का उच्चारण करें इससे दिमाग शांत रहता है।
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हम सभी चाहते हैं कि हमारी समस्याएं कोई आकर हल कर दे और हम खुशहाल हो जाएं. हम सभी चाहते हैं कि पड़ोसी के घर में भगत सिंह पैदा हो जाएं और समाज, देश व मोहल्ले के हित के लिए फांसी पर लटक कर शहीद का दर्जा पा जाएं पर अपने घर के किसी आदमी पर कोई आंच न आए, अपने घर का कोई बंदा क्रांतिकारी बनकर दुख न उठाए. मीडिया में भी यही हाल है. हजारों लोग परेशान हैं. उत्पीड़न झेल रहे हैं. मानसिक यंत्रणा उठा रहे हैं. कोई बास से परेशान है. कोई माहौल से नाखुश है. कोई सेलरी कम होने से दुखी है. कोई सहकर्मियों के उत्पीड़न से त्रस्त है. कोई काम न मिलने का रोना रो रहा है. कोई काम कर-कर के मरा जा रहा है. वे अपनी समस्याओं का हल चाहते हैं. वे जिनसे परेशान हैं, उनकी करतूत का पर्दाफाश करना चाहते हैं. पर वे नहीं चाहते कि उनका नाम व पहचान उजागर हो. इसलिए वे फर्जी मेल आईडी बनाकर ढेर सारी बातें, अपने दिल की पूरी भड़ास लिखकर भड़ास4मीडिया के पास भेज देते हैं. अब दिक्कत ये है कि भड़ास4मीडिया के पास इनका नाम, नंबर व पहचान तो है नहीं जो इनकी खबर कनफर्म की जाए. दूसरे, जिस पर आरोप लगाए गए हैं, उनसे अगर हम पूछते भी हैं कि आप पर ये आरोप लगाए गए हैं तो वह बंदा पलट कर पूछेगा कि ये आरोप किसने लगाए हैं, आपके पास क्या प्रमाण है, कोई तो आधार हो? जाहिर है, ऐसे में कोई जवाब नहीं दिया जा सकता. ऐसे में कोई खबर पब्लिश नहीं की जा सकती. कुछ मेलों में तो कही गई बातें इतनी छोटी व घटिया होती हैं कि उन्हें पब्लिश करने में भी शर्म महसूस होती है. नीचे ऐसी दो मेलों का प्रकाशन किया जा रहा है जिसमें भेजने वाले का कोई फोन नंबर, पहचान, पता आदि नहीं दिया गया है पर इन लोगों की करबद्ध विनती है कि इनकी समस्याओं का प्रकाशन करा दिया जाए ताकि इन्हें सताने वाले इनके बासेज की वाट लग सके. ऐसे छुपेरुस्तों से हम लोग यानि भड़ास4मीडिया वाले बेहद परेशान हैं. भई, आपकी दिक्कत भी हल हो जाए, आप पर कोई आंच भी न आए, आपकी बात भी प्रकाशित हो जाए और आपके बारे में किसी को पता भी न लग सके, आपकी बंदूक चल जाए पर कंधा किसी और का मिल जाए..... क्या यह उचित है? भड़ास ब्लाग या भड़ास4मीडिया डाट काम कभी छुपेरुस्तमों का मंच नहीं रहा है. आपको कुछ कहना है तो खुलकर सामने आइए, हम आपको मंच दे रहे हैं. पर यह नहीं होगा कि आपके अनर्गल प्रलाप, बिना आधार के आरोपों को आपके बिना नाम व पहचान के साथ प्रकाशन कर दें. हम यह बात खासकर उन लोगों से कहना चाहते हैं जिनका भड़ास4मीडिया से सिर्फ इतना लेना-देना भर होता है कि उनके बास के खिलाफ किसी तरह कुछ छप जाए ताकि बास की परेशानी बढ़े और उनकी परेशानी कम हो जाए. अगर उनकी बात न छापो तो वे भड़ास4मीडिया वालों को कायर कहेंगे, अगर छाप दो तो फिर कुछ महीनों बाद अपने बास के खिलाफ नया मसाला लेकर प्रकट हो जाएंगे. ऐसे छुपेरुस्तमों से जिनकी निगाह अपने बास से बिलकुल आगे नहीं बढ़ पाती, हाथ जोड़कर हम अनुरोध करते हैं कि प्लीज, हम 'कायरों' को बख्श दो. अगर आप में थोड़ी बहुत भी हिम्मत है तो नाम-पहचान के साथ सामने आइए. यह भी हिम्मत नहीं है तो मुफ्त का एक फर्जी नाम से ब्लाग बना लीजिए और उसमें फर्जी नाम से अपने बास के खिलाफ रोजाना एक पोस्ट ठेल दिया करिए. ठेलने के बाद उसके लिंक को सभी मेल आईडीज पर फारवर्ड कर दिया करिए. बस, आपकी बात पहुंच जाएगी लोगों तक. लेकिन आप चाहेंगे कि आपके चिरकुट किस्म के स्वार्थों का मंच बन जाए भड़ास4मीडिया तो वो नहीं होने वाला है. भड़ास4मीडिया से जुड़े हजारों लोग, जो खबरें बताते हैं, भेजते हैं, पढ़ते हैं पर हम उनकी पहचान कभी उजागर नहीं करते, का स्वार्थ खुद के लिए नहीं होता बल्कि वे पत्रकारिता, देश, समाज व सरोकार से संचालित होते हैं और चाहते हैं कि ऐसी चीजें सामने आएं जो पत्रकारिता के लिए जरूरी है. जो सूचनात्मक खबरें हैं, उनका स्वागत है. हम इंतजार करते हैं कि सूचनात्मक खबरें साथी लोग भेजें. ऐसे सकारात्मक दृष्टिकोण वाले साथियों का हम सम्मान करते हैं. बड़े विजन के साथ भड़ास4मीडिया से जो भी जुड़ेगा, उसका स्वागत है पर कोई क्षुद्र स्वार्थों की पूर्ति के लिए भड़ास4मीडिया के मंच का इस्तेमाल करना चाहेगा तो हम उन्हें हतोत्साहित करेंगे. उनके मेलों को नहीं प्रकाशित करेंगे चाहे वे जितने दफे उसी मेल को फारवर्ड करते रहें या फोन कर कर के नाम-पहचान छुपाते हुए छापने का अनुरोध करते रहें. आइए, वो दो मेल पढ़ते हैं, जिसे भेजने वाले नहीं चाहते कि उनका नाम-पहचान उजागर हो पर चाहते हैं कि यह छप जरूर जाए. आपसे हम जानना चाहते हैं कि क्या इन मेलों को इनके ओरिजनल स्वरूप में प्रकाशित किया जा सकता है. इन दोनों मेलों में से वो सभी चीजें हटा दी गई हैं जिससे जिनके खिलाफ यह लिखा गया है, उन लोगों का पहचान किसी भी तरह उजागर होता हो, क्योंकि मेरा मानना है कि ये दोनों मेल क्षुद्र स्वार्थों से प्रेरित हैं और इनका मकसद दूसरों का चरित्र हनन करना है. इन दोनों मेलों को संपादित नहीं किया गया है. जैसा आया है, वैसा ही परोसा जा रहा है. yashwant Sir, मीडिया ४ भड़ास कॉम पर मीडिया से जुडी खबरे देख कर लगा कि मीडिया छेत्र में हो रहे बदलाव और पत्रकारों के उत्पीडन की जानकारी मुखर रूप से जनता के बीच पहुच रही है. ..... से प्रकाशित ..... के ..... कार्यालय में तैनात ब्यूरो चीफ द्वारा भी कायालय के स्ट्रिंगरो के साथ राजनीति और आपस में संपादक के नाम पर उत्पीडन किया जा रहा है. ब्यूरो चीफ खुद एक सरकारी कालोनी में रह रहा है और बिना कनेक्सन के ही बिजली का उपभोग किया जा रहा है जबकि ब्यूरो चीफ स्ट्रिंगरो को ईमानदारी का पाठ पढ़ा कर स्ट्रिंगरो से अधिकारियो पर दबाव बनाने व् अधिकारियो से निहित स्वार्थो को पूरा कराये जाने के लिए अनावश्यक रूप से परेसान किया जाता है. कई स्ट्रिंगरो ने तो उत्पीडन के चलते कम ही छोड़ दिया है. ब्यूरो चीफ खुद को ..... के ...... का करीबी बता कर जिले में एक लोकल चेंनेल के साथ भी कम कर रहा है. नमस्ते सर, मैं ...... का एक मामूली सा employ था कल तक लेकिन शाम को ..... के .... ने मुझसे कहा की ..... को अब आपकी जरूरत नही है इसलिए अब आपकी यह से सारी सेवाए समाप्त की जाती है, मुझे निकालने की तो कोई वजह है नही. इन लोगों ने ..... के सभी छोटे employ को निकालना शुरू कर दिया था सबसे पहले तो ..... ने ..... को बाहर का रास्ता दिखाया और उनके बाद आपने Chintuo को लाना शुरू किया जिनमे ...... और ..... नाम मेन है. यही दोनों बास का ऑफिस से लेकर घर तक में इनकी Underwear तक का पूरा पूरा ध्यान रखते है, इन्ही दोनों की साजिश का शिकार एक और लड़का हुआ था उसको भी इन लोगो ने हटा ही दिया. अब बारी थी ...... की. इसको भी निकालने की सोच रहे थे ये लेकिन जैसे ही ..... को इसकी भनक भर लगी उसने ..... को खुद ही goodbye कर दिया था! मै यह अपने निकालने की वजह भी बता रहा हूँ दरअसल .... वाले दिन तकरीबन ..... बजे एक आदमी झोला लेकर ...... के ऑफिस आता है और मुझसे कहता है की पूरे 50 है और देकर चला जाता है मैंने उस झोले में झाककर देखा तो उसमे गड्डिया थी यानि 50 लाख रूप, अब ...... को शक हो गया की मैंने ही इस बात को बाहर के लोगो में मैंने ही फैलाई है, मुझसे क्या लेना देना मै क्यों किसी से कहूँगा. ऐसे ही कई मेलों के रोजाना दर्शन होते हैं जिसमें किसी न किसी पत्रकार को बेसिर-पैर की कहानियों, बिना प्रमाण कही गई बातों के जरिए निशाना बनाया गया होता है. कुछ मेलों में तो यहां तक लिखा होता है कि फलां आदमी दूसरे मीडिया हाउस के फलां शख्स से मिलने पहुंचा है और इससे सनसनी फैली हुई है, इसे जरूर छापिए क्योंकि यह आपके लिए बड़ी खबर है.... सलाह दीजिए, क्या इस तरह के बिना नाम-पहचान वाले छुपेरुस्तम लोगों के मेलों को प्रकाशित कर देना चाहिए?
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संसद में फिल्म 'रॉकेटरीः द नांबी इफेक्ट' को देखने के बाद सांसदों ने इसकी काफी सराहना की और इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायण के साथ हुए अन्याय को महसूस किया। दिल्लीः संसद का मानूसन सत्र हंगामे के कारण खासा चर्चा में बना हुआ है, लेकिन बीते शुक्रवार के दिन संसद की चर्चा एक अलग कारण से हुई। जी हां, पक्ष-विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप से अलग हटते हुए सांसदों ने एक स्पेशल फिल्म देखी। यह फिल्म इसरो के पूर्व वैज्ञानिक और पद्म विभूषण से सम्मानित नंबी नारायण के जीवन पर आधारित है। 'रॉकेटरीः द नांबी इफेक्ट' नाम की इस फिल्म को अभिनेता-निर्देशक आर माधवन ने बनाया है। फिल्म 'रॉकेटरीः द नांबी इफेक्ट' को देखने के बाद सांसदों ने इसकी काफी सराहना की और वैज्ञानिक नंबी नारायण के साथ हुए अन्याय को महसूस किया। संसद में इस फिल्म को देखने वालों में भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर समेत कई केंद्रीय मंत्री और सांसद शामिल थे। फिल्म `रॉकेटरीः द नांबी इफेक्ट` इसरो वैज्ञानिक नंबी नारायण की जीवन यात्रा है, जिसकी स्क्रिप्ट खुद आर माधवन ने लिखी। उन्होंने पर्दे पर खुद नंबी नारायण के किरदार को निभाया और फिल्म का निर्देशन भी किया। सिनेमाघरों में दर्शकों के लिए यह फिल्म बीते 1 जून को रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म में माधवन वैज्ञानिक नंबी नारायणन की मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म की शूटिंग चूंकि नारायण के जीवन पर आधारित है। इसलिए उनके द्वारा भारत, फ्रांस, कनाडा, जॉर्जिया और सर्बिया में बिताये गये समय को उन देशों में फिल्माया गया है। इस फिल्म में आर माधवन के अलावा शाहरुख खान और सूर्या ने रोल प्ले किया है। माधवन ने सांसदों को बताया कि इस फिल्म के लिए शाहरुख खान और सूर्या ने उनसे एक पैसा नहीं लिया। फिल्म 'रॉकेटरीः द नांबी इफेक्ट' हिंदी के अलावा अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ सहित दुनिया भर की छह भाषाओं में रिलीज़ हुई है। शेअर :
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नई दिल्ली। वाहन चलाते वक्त यदि कोई चालक हैंडफ्री कम्यूनिकेशन फीचर का उपयोग कर अपने फोन पर बात करता है तो यह दंडनीय अपराध नहीं माना जाएगा। इसके लिए वाहन चालक को कोई जुर्माना भी नहीं भरना पड़ेगा। यह जानकारी स्वयं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के मंत्री ने लोकसभा में दी है। लोकसभा में गुरुवार को हिबी ईडन ने सवाल पूछा था कि क्या मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 की धारा 184 (ग) में मोटर वाहनों में हैंडफ्री कम्यूनिकेशन फीचर के इस्तेमाल के लिए कोई दंड का प्रावधान है। इस प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मोटर यान (संशोधन) अधिनियम 2019 की धारा 184 (ग) में मोटर वाहन चलाते समय में हैंड-हेल्ड कम्यूनिकेशन उपकरणों के इस्तेमाल के लिए दंड का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि वाहन में हैंडफ्री कम्यूनिकेशन उपकरणों के उपयोग पर कोई दंड नहीं लगाया जाता है। संसद में एक अन्य प्रश्न के उत्तर में नितिन गडकरी ने बताया कि एक्सप्रेसवे परियोजनों की कार्य प्रगति की निगरानी सड़क मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा शीर्ष स्तर पर की जाती है। मंत्री ने कहा कि सभी एक्सप्रेस परियोजनाओं को 2024-25 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
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उन्होंने बच्चियों का नाम रखा है- अस्त्रिया और आदिया। अहाना और बिजनेसमैन वैभव वोहरा की शादी साल 2 फरवरी 2014 में हुई थी। इनके पहले बेटे का जन्म जून 2015 में हुआ था, जिसका नाम उन्होंने दारेन वोहरा रखा है। अहाना देओल ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा-, 'कुछ चमत्कार जोड़ों में आते हैं। हम बहुत खुश हैं कि हमारे घर जुड़वां बेटियों एस्ट्रा और एडिया का जन्म हुआ है। 26 नवंबर 2020 को दोनों का जन्म हुआ। माता-पिता अहाना और वैभव वोहरा गर्व महसूस कर रहे हैं। भाई दारियन वोहरा एक्साइटेड, साथ ही दादा दादी पुष्पा और विपिन वोहरा, नाना मालिनी और धर्मेंद्र देओल बहुत खुश हैं।' अहाना अभी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज नहीं हुई हैं। गौरतलब है कि ईशा देओल से इतर, अहाना ने कभी बतौर एक्ट्रेस फिल्मों में काम नहीं किया है। अहाना ने फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली को ऋतिक रोशन और ऐश्वर्या राय बच्चन स्टारर फिल्म 'गुजारिश' में असिस्ट किया था।
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पुनः संशोधित सोमवार, 27 जनवरी 2020 (08:17 IST) लंदन। ब्रिटेन में अलगाववादी और पाकिस्तान समर्थक समूहों के सदस्य भारत के गणतंत्र दिवस पर तथाकथित 'काला दिवस' मनाने के लिए रविवार को लंदन में भारतीय उच्चायोग के निकट एकत्र हुए। बड़ी संख्या में तैनात पुलिस बलों ने प्रदर्शनकारियों को उच्चायोग के पास जाने से रोक दिया। सैकड़ों लोगों ने 'खालिस्तान 2020 जनमत संग्रह' और 'आजाद कश्मीर' की मांग करने वाले पोस्टर लेकर प्रदर्शन किए और भारत सरकार एवं भारतीय सेना के विरोध में नारेबाजी की। इंडिया हाउस के सामने तहरीक-ए-कश्मीर ब्रिटेन, कश्मीर एकजुटता आंदोलन और कुछ सिख अलगाववादी संगठनों के सदस्य एकत्र हुए। भारतीय उच्चायुक्त रुचि घनश्याम द्वारा ब्रिटेन की गृहमंत्री प्रीति पटेल के समक्ष सुरक्षा संबंधी चिंताओं का मामला उठाने और लंदन के मेयर सादिक खान के कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करने के संकल्प के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी तैनात किए गए थे ताकि प्रदर्शनकारियों को इंडिया हाउस से दूर रखा जा सके।
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'रस्सी जल गई परन्तु बल नहीं गए' कांग्रेस पर यह कहावत पूरी तरह सही साबित होती है। एक तरफ वह लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद प्राप्त करने के लिए सरकार पर दबाव बना रही है तो दूसरी ओर रेल बजट के बाद उसके नेताओं का उग्र प्रदर्शन करना आखिर क्या संदेश देता है? इसे बशर्मी नहीं कहा जाए तो और क्या कहा जाए कि जिस कांग्रेस को देश की जनता ने पूरी तरह से नकार दिया, कई राज्यों में जो अपना खाता भी नहीं खोल पाई, जिसके अधिकांश बड़े नेता चुनाव हार गए और जो देश का शासन चलाने में बुरी तरह असफल रही, उसी कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया गांधी यह कह रही हैं कि लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद कांग्रेस को ही मिलना चाहिए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कांग्रेस अध्यक्षा ऐसा कहकर क्या भारतीय संविधान की मर्यादा का उल्लंघन नहीं कर रही? संविधान विशेषज्ञों की राय पर गौर किया जाए तो कोई भी दल तब तक लोकसभा में विपक्ष का दर्जा प्राप्त नहीं कर सकता जब तक कि उसके सांसदों की संख्या 55 या इससे अधिक न हो। साफ है कांग्रेस के सांसदों की संख्या 37 है जो कि विपक्ष के नेता के लिए संविधान में निहित संख्या से काफी कम है। सरकार ने भी कांग्रेस की मांग पर कहा है कि कांग्रेस के सांसदों की संख्या लोकसभा की कुल सीटों की 10 फीसदी भी नहीं है। संकेत साफ है कांग्रेस अपनी दुर्गति के कारण लोकसभा में विपक्ष का पद प्राप्त करने का अधिकार स्वतः ही खो चुकी है। यदि सोनिया गांधी में तनिक भी नैतिकता होती और भारत की जनता द्वारा दिए गए जनमत के प्रति उनके मन में थोड़ा भी श्रद्धाभाव होता तो वह यह मांग नहीं करती और स्वतः ही चुपचाप बैठ जातीं। वैसे भी यह कोई पहली बार नहीं है कि लोकसभा में ऐसी स्थिति निर्मित हुई है 1977 और 1984 भी विपक्ष की दुर्गति के चलते वह विपक्ष के नेता पद हेतु निर्धारित संख्या प्राप्त नहीं कर सका था। यही वजह थी कि उस समय लोकसभा में विपक्ष का नेता नहीं था बावजूद इसके संवैधानिक प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चलती रही थीं। अतः कांग्रेस अध्यक्ष का नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे पर सरकार पर दवाब बनाने की रणनीति सरासर गलत है। अब दूसरे मुद्दे पर भी कांग्रेसी चरित्र की चर्चा बेहद आवश्यक है। कांग्रेस नेताओं द्वारा रेल बजट के बाद रेलमंत्री सदानंद गौड़ा के घर के बाहर जो बेहूदा और बेशर्मी भरा प्रदर्शन किया गया वास्तव में आज की परिस्थिति में क्या कांग्रेस नेताओं को यह शोभा देता है। इस बात पर कांग्रेस का सरकार से मतभेद हो सकता है कि रेल किराया क्यों बढ़ाया गया, लेकिन जिस तरीके से रेलमंत्री के आवास को कांग्रेसियों ने निशाना बनाया वह यह सिद्ध करता है कि अपनी दुर्गति से बौखलाई कांग्रेस की हालत 'खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे' जैसी हो गई है। देश में शायद ही ऐसा कभी हुआ जब किसी राजनीतिक दल के लोगों द्वारा केन्द्रीय मंत्री के घर धावा बोलकर उनकी नाम पट्टिका को पैरों से कुचला हो। कांग्रेस नेताओं को इस निर्लज्ज हरकत करते समय यह भी ध्यान नहीं रहा कि कुछ समय पूर्व तक केन्द्र में लगातार 10 वर्षों तक कांग्रेस ही सत्तासीन थी। इस दौरान पूरा देश महंगाई, भ्रष्टाचार से त्राहि-त्राहि करता रहा। वास्तव में मोदी सरकार को कांग्रेस ने जिस हालात में देश की बागडोर सौंपी है उससे निपटना ही बेहद कठिन है और इसी कारण मोदी सरकार को रेल किराया बढ़ाना पड़ा है। यदि देश के खजाने की और रेल मंत्रालय की आर्थिक स्थिति ठीक होती तो मोदी सरकार ऐसा नहीं करती। नेता प्रतिपक्ष का मामला हो या फिर रेल किराया बढ़ाए जाने का मामला हो कांग्रेस नेताओं को संवैधानिक मर्यादाओं और शालीनता को दृष्टिगत रखकर कोई भी बात करना चाहिए। सोनिया गांधी हो या उनके पुत्र राहुल गांधी उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि देश की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है। ऐसी स्थिति में अब मां-बेटे सहित खासकर उन नेताओं को पदलोलुपता की मानसिकता छोड़ पश्चाताप करने की जरूरत है। यह समय कांग्रेस के लिए चिंतन-मनन का है। यह पता लगाने का है कि आखिर कांग्रेस की ऐसी दुर्गति क्यों हुई कि वह 50 का आंकड़ा भी नहीं छू सकी। जिस समय लोकसभा चुनाव चल रहे थे और चुनाव प्रचार जोरों पर था तब नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस मुक्त भारत की बात कही थी। भले ही चुनाव परिणामों के बाद यह बात सच नहीं हुई लेकिन कई प्रदेशों में तो कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो ही गया। अतः इस देश की राजनीति कांग्रेस मुक्त भारत की ओर अवश्य बढ़ चली है। लोकसभा में विपक्ष का नेता बनने के लिए आवश्यक सांसद संख्या तक न पहुंच पाना भी इसी बात का प्रमाण है। निश्चित ही यह देश की सबसे पुरानी पार्टी के लिए बेहद शर्मनाक है। दुख इस बात का है कि इस शर्मनाक स्थिति के बावजूद सोनिया-राहुल सहित उनकी मंडली में शामिल तमाम चारण भाट कांग्रेसी कहीं से भी अपराध बोध से ग्रसित नजर नहीं आ रहे उल्टा लोकसभा में विपक्ष के नेता का दर्जा प्राप्त करने के लिए लॉबिंग की जा रही है। कैसी विडंबना है कि कांग्रेस नेता इस असंवैधानिक मांग को लेकर राष्ट्रपति के पास तक जा पहुंचे। इस कृत्य के लिए आखिर सोनिया-राहुल को शर्म क्यों नहीं आई? जरा सोचिए नरेन्द्र मोदी कांग्रेस की इस बात को मान भी लेते हैं तो इससे कांग्रेस को खासकर सोनिया-राहुल को क्या हासिल होने वाला है? कांग्रेस के भाग्य का फैसला तो इस देश की जनता ने पहले ही कर दिया है। उन्हें सत्ता से नकार दिया है और इतना संख्याबल भी नहीं दिया कि वह लोकसभा में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में भी रह सकें। ऐसी स्थिति में कांग्रेस द्वारा विपक्ष के नेता का पद प्राप्त करने के लिए जो छटपटाहट दिखाई जा रही है वह बेहद अफसोसजनक और निंदनीय है। 5 thoughts on "अस्तित्व के लिए छटपटाती कांग्रेस" सबसे दिलचस्प बात यह है की बजट पर अपनी प्रतिकिर्या देते हुए सोनिया गांधी कहती हैं की बजट में वाही सब कुछ है जो हमने बना कर रखा था। यदि ऐसा था तो इस बजट को पूरा समर्थन देना चाहये और प्रसन्न होना चाहिए की उन के ही प्रस्ताव मान लिए गए और फिर गत १० वर्षों में ये प्रस्ताव क्यों नहीं लए गए। अब खुर्दबीन लेकर इस बजट में कमियां देख रहें हैं। तो दिक्कत क्या है ? Shri Dubejee you have put the facts nicely but Indian National Congress is far from the ground reality .Time has come to destroy the roots of Congress and I would request people like you to analyse the works and policies of Congress and its leaders particularly since independence and if possible since its conception.
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वीरेन्द्र सहवाग। नई दिल्ली (भाषा)। भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग को लगता है कि क्रिकेट तभी ओलंपिक खेल बन सकता है जब यह खेल और ज्यादा देशों में खेला जाये। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट संघ (आईसीसी) के मौजूदा सदस्यों की संख्या 105 हैं लेकिन सिर्फ 12 देश इसके पूर्ण सदस्य हैं। आईसीसी की कोशिश है कि 2024 तक क्रिकेट को ओलंपिक खेलों में शामिल किया जाये। क्रिकेट सिर्फ एक बार 1990 में ओलंपिक खेल का हिस्सा रहा है। सहवाग ने सेंट मौरिट्ज आईस क्रिकेट के लॉन्च पर कहा, "मुझे लगता है इस पर आईसीसी को फैसला करना है। उन्हें ज्यादा देशों को क्रिकेट से जोड़ना चाहिये ताकि यह ओलंपिक का हिस्सा हो सके। 12 देश (पूर्ण सदस्य) काफी नहीं है।" इसका एक तरीका यह है कि इस खेल को वैसे जगहों पर ले जाया जाये जहां इसे नहीं खेला जाता है। फरवरी में ऐसे ही मुकाबले में स्विट्जरलैंड में सहवाग पूर्व क्रिकेटर महेला जयवर्धने, शोएब अख्तर, डेनियल विटोरी, मोहम्मद कैफ और ग्रीम स्मिथ के साथ क्रिकेट खेलेंगे। सहवाग ने कहा, "यह वाकई में शानदार होगा अगर हम वहां किसी को क्रिकेट खेलने के लिये प्रेरित कर सके।" स्विट्जरलैंड हालांकि आईसीसी का सदस्य नहीं है लेकिन विंटर ओलंपिक की दो बार मेजबानी करने वाले सेंट मौरिट्ज में आठ और नौ फरवरी को आईस क्रिकेट खेला जायेगा। आयोजको ने दावा किया कि इस प्रतियोगिता को आईसीसी से मान्यता मिली है।
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अक्सर घरों में हम डीप क्लीनिंग के लिए वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करते हैं। सामान्य रूप से चाहे हम रोज घर की सफाई करते हैं पर फिर भी सोफा, बेड, कार, कालीन आदि में इतनी धूल एब्सॉर्ब हो जाती है जो कि बिना डीप क्लीन किये साफ नहीं हो पाती। ऐसे में कार्डलेस वैक्यूम क्लीनर उन लोगों के लिए परफेक्ट ऑप्शन है, जिन्हे साफ सफाई तो पसंद है लेकिन बड़े और बल्की वैक्यूम क्लीनर के पार्ट को बार बार जोड़ना-हटाना और वैक्यूम क्लीनर की लगातार प्लगिंग और अनप्लगिंग करना पसंद नहीं है। यह वैक्यूम क्लीनर लाइटवेट तो होते ही हैं साथ ही इन्हें इधर-उधर ले जाना भी आसान होता है। आज हम अपनी रिपोर्ट में आपको कुछ ऐसे ही बेस्ट कार्डलेस वैक्यूम क्लीनर्स के बारे में बताने जा रहे हैं।
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बॉलीवुड के वेटरन एक्टर टॉम ऑल्टर का मुंबई में शुक्रवार को निधन हो गया। 67 साल के टॉम को स्किन कैंसर हो गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, टॉम का कैंसर चौथी स्टेज में पहुंच चुका था। टॉम को मुंबई के सैफ़ी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। पहले ख़बर आयी थी कि टॉम को बोन कैंसर है, मगर बाद में उनके बेटे जैमी ने साफ़ किया कि टॉम को एक प्रकार का स्किन कैंसर है, जिसे स्क्वेमस सेल कार्सिनोमा कहा जाता है। ये पिछले साल भी उन्हें हुआ था, तब पता नहीं चला था और इस साल वापस आया। बताया जाता है कि इस कंडिशन की वजह से पिछले साल टॉम का अंगूठा काटना पड़ा था। बता दें इंडियन-अमेरिकन एक्टर टॉम ऑल्टर का जन्म मसूरी में हुआ था और उनकी परवरिश भी वहीं हुई। उन्होंने 1976 की धर्मेंद्र की फ़िल्म 'चरस' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। आम दर्शक के ज़हन में उनकी याद ऐसे एक्टर के रूप में है, जो फ़िल्मों में 'अंग्रेज' का किरदार निभाता था। हालांकि टॉम ऑल्टर का परिचय इससे कहीं ज़्यादा है। उन्होंने लंबा वक़्त थिएटर को दिया है और छोटे पर्दे पर भी टॉम ने काम किया है। टॉम इसी साल मई में रिलीज़ हुई फ़िल्म 'सरगोशियां' में नज़र आये थे। इस फ़िल्म को इमरान ख़ान ने डायरेक्ट-प्रोड्यूस किया था। हिट प्ले 'ग़ालिब इन दिल्ली' में उन्होंने मिर्ज़ा ग़ालिब का किरदार निभाया है। 2008 में उन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री से नवाज़ा था। इस दिग्गज कलाकार और बेहतरीन इंसान को श्रद्धांजलि।
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नई दिल्लीः देश की राजधानी दिल्ली में होली के मौके पर गाड़ियों से हुड़दंग करने वालों पर खूब सख्ती बरती गई. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पूरे दिन में 3000 से ज्यादा लोगों के चालान काटे. ये हाल तब है, जब होली के मौके पर सार्वजनिक कार्यकमों के आयोजन नहीं हुए और कोरोना महामारी के चलते आम लोगों ने भी होली के मौके पर सतर्कता बरती. दिल्ली की ट्रैफिक पुलिस ने होली के दिन शराब के नशे में धुत होकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ खास अभियान चलाया. इस दौरान पूरे दिन में 100 से ज्यादा ऐसे लोगों के चालान काटे गए, जो शराब के नशे में गाड़ी चला रहे थे. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक दिल्ली में बिना हेलमेट दोपहिया चला रहे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की गई. दिल्ली पुलिस ने पूरे दिन में 3284 चालान काटे हैं, जिसमें से 1255 चालान बिना हेलमेट के चल रहे दोपहिया वाहन चालकों से संबंधित रहे. 170 मामलों में ट्रिपलिंग के चलते चालान किया गया, तो 100 चालान शराब पीकर गाड़ी चला रहे लोगों के कटे. इसके अलावा 121 लोगों के चालान खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने वालों के कटे. वहीं, 1636 चालान अन्य मामलों के रहे. होली के मौके पर रंग में भंग न पड़ने पाए, इसके लिए दिल्ली पुलिस ने खास अभियान चलाया था. दिल्ली पुलिस के ज्वॉइंट कमिश्नर (ट्रैफिक) मीनू चौधरी ने कहा कि दिल्ली में कई जगहों पर खास बैरिकेटिंग की गई थी. इस चेकिंग में पीसीआर और स्थानीय पुलिस की थानों को भी शामिल किया गया था. var pl = $("#star874958 > div.field-name-body > div.field-items > div.field-item").children('p').length;
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बारां। टेल क्षेत्र में पानी पहुंचाने की मांग को लेकर बुधवार को किसान कांग्रेस की ओर से जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष रमेश मीणा व परानिया इकाई अध्यक्ष अनादिभक्त की अगुवाई में ज्ञापन दिया गया। अध्यक्ष अनादिभक्त ने बताया कि किशनगंज क्षेत्र में कालीसोत डेम व बिलासी डेम क्षेत्र के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिससे कारण किसान परेशान है। जबकि नहर चालू हुए 5 दिन हो गए। लोगों ने कालासोत नहर पर बीच-बीच में बंधे व ओढ़े लगाकर पानी को अनावश्यक रोका हुआ है। विभागीय कर्मचारियों व अधिकारियों की अनदेखी के कारण किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपाध्यक्ष चैथमल सुमन, प्रवक्ता जोधराज नागर व महामंत्री नरेश बागड़ी ने पार्वती केनाल, तुलसां लिफ्ट व बिलासी डेम समेत जिले की अन्य परियोजनाओं से भी टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचाने की मांग की। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि शीर्घ ही टेल क्षेत्र तक पानी नहीं पहुंचा तो किसानों द्वारा आंदोलनात्मक कदम उठाया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में मुकेश, पुलिन, सुनिल, षिवपद, समिरण, दिनेश, धिरेन, रतन, धनराज मोठपुर, मुकेश मीणा माथना आदि कार्यकर्ता शामिल थे।
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कंगना ने कहा था, "मनोरंजन जगत कुछ ऐसा है, जहां लोग आसानी से बहक जाते हैं. इसके जवाब में कामरा ने लिखा, "मैं सोच रहा हूं कि आप जैसी किसी सशक्त महिला को वाई-सुरक्षा की जरूरत कैसे पड़ सकती है, जहां पुरूष जिंदगी को अपनी शर्तो पर जीने के लिए आपकी सुरक्षा कर रहे हैं." इसके जवाब में कंगना ने लिखा, "लोकतंत्र में किसी क्रांतिकारी आवाज की रक्षा करना संविधान का कर्तव्य है. इस मामले में आपको गौरवशाली लोकतंत्र के दो पहलू देखने को मिलते हैं 'द प्रोटेक्टेड ' और 'द प्रोटेक्टर.' आप इनमें से एक भी नहीं बन पाएंगे. कुछ ऐसा बनिए जो देश के लिए मायने रखें."
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यदि आप कुछ छोटे मोटे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की खरीदारी करने की सोच रहे हैं तो हम आपको बता दें कि ई कॉमर्स दिग्गज Amazon इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स जैसे Dry Iron यानी प्रेस पर आपको अच्छे डिस्काउंट और ऑफर्स दे रहा हैं। यहां आपको 900 रूपए तक के आयरन छूट पर केवल 379 रूपए में मिल जाएंगे। अब आपको बिना प्रेस किए कपड़े पहनने की जरूरत नहीं हैं। आप प्रेस खरीद कर आसानी से घर पर ही अपने कपड़े इस्त्री कर सकते हैं। आपके लिए हम बढ़िया और सस्ते आयरन की लिस्ट लेकर आएं हैं। आइए देखते हैं इन पर आपको कितना डिस्काउंट दिया जा रहा हैं। Web Title electric dry iron sale on amazon sale today(News in Hindi from Navbharat Times , TIL Network)
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देहरादून। अनलॉक 4 के अंतर्गत राज्य सरकार ने पर्यटकों को उत्तराखंड आने में आ रही बाधाओं के बीच बड़ी राहत दी है। अब सरकार ने पर्यटकों के लिए बनाए गए नियमों में काफी छूट दी है और यह नए नियम 23 सितंबर से लागू होंगे। मुख्य सचिव ओमप्रकाश द्वारा जारी आदेश में उत्तराखंड आने वाले सभी पर्यटकों को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना होगा।
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साउथ अफ्रीका के वेस्टर्न केप इलाके से एक शर्मनाक घटना सामने आई है. वेस्टर्न केप के स्टैलेनबॉश में एक जिम के अंदर एक युवती को एक्सरसाइज करता देख पास में ही कसरत कर रहे सनकी युवक ने अपने शॉर्ट्स के अंदर ही मास्टबेशन (हस्तमैथुन) करना शुरू कर दिया. इतना ही नहीं तस्वीरों में इस दौरान आरोपी युवक मोबाइल फोन में कुछ देखता हुआ भी नजर आ रहा है. वीडियो और तस्वीर के वायरल होने के बाद अब इस युवक पर कार्रवाई की मांग शुरू हो गई है. महिलाओं के खिलाफ सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह बढ़ रहे यौन अपराधों को लेकर लोगों ने इस पर चिंता जताई. इस घिनौनी हरकत को लेकर हर तरफ युवक की काफी आलोचना हो रही है. वर्ल्ड कप मैच से पहले माना रही टीम इंडिया छुट्टी, ट्विटर पर हुए इस तरह ट्रोल ! हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए Virgin Active gym ने आरोपी युवक पर जीवन भर के लिए बैन लगा दिया है. अब उसे जिम में एंट्री नहीं मिलेगी.जिम की तरफ से कहा है कि हमारा यह स्थान बिना भेदभाव के हर किसी के लिए है लेकिन इस तरह की किसी भी हरकत को यहां बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. वहीं इस केस को लेकर वेस्टर्न केप की पुलिस ने कहा है कि युवक को 13 जून को यौन उत्पीड़न के आरोप में कोर्ट में पेश किया जाएगा. यौन उत्पीड़न की यह घटना 20 मई की बताई जा रही है. आरोपी युवक की उम्र सिर्फ 18 साल है. हालांकि आरोपी को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है लेकिन उसे कोर्ट में पेशी के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है.
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देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार कम हो रहे हैं। इस बीच कई राज्यों में स्कूलों को खोला जा रहा है। लेकिन इसी बीच कर्नाटक के बेंगलुरू शहर में एक स्कूल में 60 स्टूडेंट के कोरोना पाजिटिव पाए जाने का मामला सामने आया है। इसके बाद स्कूल को बंद कर दिया गया है। बेंगलुरु के इलेक्ट्रानिक सिटी के एक रेसिडेंशियल स्कूल के 60 स्टूडेंट्स कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए। इनमें से एक छात्र को तेज बुखार था, जिसका लेडी कर्जन एंड बॉरिंग हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। श्री चैतन्य गर्ल्स रेजिडेंशियल स्कूल के बाकि स्टूडेंट्स को स्कूल परिसर में ही आइसोलेट किया गया है। सिविक बाडी के अधिकारियों ने बताया कि प्राइवेट हेल्थ फैसिलिटी के कर्मचारी उनकी देखभाल कर रहे हैं। स्कूल को बंद कर दिया गया है और 20 अक्टूबर या उसके बाद फिर से खुल सकता है। बेंगलुरु के डिप्टी कमिश्नर जे मंजूनाथ ने बताया कि स्कूल का नाम श्री चैतन्य शिक्षण संस्थान है। रविवार की शाम एक छात्र ने उल्टी और दस्त की शिकायत की। जिसके बाद हम तुरंत हरकत में आ गए। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि स्कूल में कुल 480 छात्र थे, सभी की जांच की गई। उनमें से 60 स्टूडेंट की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई है। श्री चैतन्य शिक्षण संस्थान के 60 स्टूडेंट के कोरोना पाजिटिव पाए जाने के बाद बाकी बचे स्टूडेंट को स्कूल परिसर में ही आइसोलेशन सेंटर में रखा गया है। ये सभी बिना लक्षण वाले हैं। नगर निकाय के अधिकारियों ने कहा कि एक निजी स्वास्थ्य सुविधा के कर्मचारी उनकी देखभाल कर रहे हैं। स्कूल अब बंद कर दिया गया है और 20 अक्टूबर या उसके बाद फिर से खुल सकता है।
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लाहौर, 20 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने टीम के अनुभवी आलराउंडर शोएब मलिक को उनके परिवार से मिलने के बाद इंग्लैंड जाने की इजाजत दे दी है। मलिक अपने परिवार के साथ समय बिताने के बाद 24 जुलाई को इंग्लैंड में पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के साथ जुड़ेंगे। मलिक करीब पांच महीने से पत्नी सानिया और बेटे इजहान मिर्जा मलिक से नहीं मिले हैं। शोएब की पत्नी और भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया और उनके एक वर्षीय बेटे इजहान भारत में रह रहे हैं, जबकि शोएब वैश्विक कोविड-19 महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंध लगाने के बाद से सियालकोट में हैं। यात्रा प्रतिबंध से पहले मलिक पाकिस्तान सुपर लीग में पेशावर जालमी के लिए खेल रहे थे, जो 17 मार्च को निलंबित होने से पहले 20 फरवरी को शुरू हुआ था। पीसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वसीम खान ने कहा, हम सबसे अलग शोएब मलिक ने अपनी प्रतिबद्धताओं और कोविड -19 महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंध के कारण लगभग पांच महीने तक अपने परिवार को नहीं देखा है। उन्होंने कहा, चूंकि यात्रा प्रतिबंध अब धीरे-धीरे कम हो रहे हैं और परिवार के पुनर्मिलन का अवसर है, इसलिए यह उचित है कि मानवीय स्तर पर हम अपने कर्तव्य के रूप में दया दिखाते हैं और शोएब के अनुरोध का सम्मान करते हैं। सीईओ ने कहा, हमने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड के साथ बात की है जो स्थिति को समझते हैं और 24 जुलाई को शोएब को देश में प्रवेश करने में मदद करने के लिए सहमत हुए हैं। पाकिस्तान की टीम 28 जून को मैनचेस्टर के लिए रवाना होगी, अपने 14 दिन के क्वारंटीन की अवधि के लिए डर्बीशायर जाने से पहले उन्हें प्रशिक्षण और अभ्यास करने की अनुमति होगी। -कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वीसी के जरिये पीसीसी अध्यक्षों से लिया फीडबैक जयपुर, 10 अप्रेल।
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पेट वसा जलाने का सबसे अच्छा तरीका ज्यादातर पुरुषों और महिलाओं के लिए एक झटका है। यहां तक कि अधिकांश व्यक्तिगत ट्रेनर आमतौर पर पेट की वसा खोने का सबसे अच्छा तरीका मानते हैं, "क्रंच", "सीटअप" या "एरोबिक कार्डियो"। लेकिन उनमें से कोई भी सर्वश्रेष्ठ काम नहीं करता है, या यहां तक कि बिल्कुल भी काम करता है! वास्तव में, मैं अक्सर पूछता हूं, वसा जलाने और मेरा पेट खोने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? एरोबिक्स अंतराल प्रशिक्षण से बेहतर काम करते हैं? क्या प्रतिरोध प्रशिक्षण बिल्कुल मदद करता है? पेट वसा खोने के लिए मुझे क्या खाना चाहिए? वे सभी सामान्य प्रश्न हैं। अब सच है। वसा जलाने का सबसे अच्छा तरीका कार्डियो नहीं है। असल में, मैंने बहुत कम लोगों से मुलाकात की है जिन्होंने पेट वसा खोने के लिए सफलतापूर्वक कार्डियो का उपयोग किया है। और उनमें से अधिकतर लोग युवा पुरुष थे, और जब वे वसा जलना चाहते हैं तो उनके लिए कुछ भी काम करता है। चलने के दौरान एक अच्छी शुरुआत है, और यह कुछ भी बेहतर नहीं है, अगर आप गंभीर रूप से अपने पेट वसा जलने के लिए रैंप करना चाहते हैं, तो आपको केवल टहलने से ज्यादा कुछ करना होगा। बेशक, आपका आहार आवश्यक है। वास्तव में, मैं व्यायाम करने से वसा जलने में एक महत्वपूर्ण कारक होने के लिए हमेशा पोषण के लिए अधिक श्रेय देता हूं। याद रखेंः आप एक बुरे आहार से बाहर ट्रेन नहीं कर सकते! तो अपने आहार से अतिरिक्त चीनी काट लें, और पेट वसा खोने के लिए अपने प्रोटीन और फाइबर सेवन (फल, सब्जियां, और पागल के माध्यम से) बढ़ाएं। व्यायाम करने की बात आती है, यदि आप पेट में वसा खोना चाहते हैं, तो पेट की वसा खोने के लिए प्रतिरोध प्रशिक्षण और अंतराल प्रशिक्षण दोनों का उपयोग करके आपको अपने कसरत की तीव्रता में वृद्धि करने की आवश्यकता है। ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ता, जैसे प्रोफेसर स्टीव बाउचर, यह भी मानते हैं कि अंतराल प्रशिक्षण पेट वसा की जगह में कमी ला सकता है। ऐसा कुछ है कि पेट की कोई मात्रा नहीं कर सकती! जबकि बॉडीबिल्डर और युवा लोग दुनिया में किसी भी परवाह किए बिना कार्डियो पर एक घंटे खर्च कर सकते हैं - और कभी-कभी परिणाम प्राप्त होते हैं - पुरुषों और महिलाओं के पास केवल 45 मिनट होते हैं, अभ्यास के लिए प्रति सप्ताह 3 बार बस धीमे कार्डियो वर्कआउट्स पर निर्भर नहीं हो सकते पेट वसा जलाओ। चलो न्यूनतम कसरत समय में अधिकतम वसा जलने के परिणाम प्राप्त करने के लिए सही कसरत योजना पर नज़र डालें। चाबियाँ यहाँ हैं। प्रथम, वसा जलने के कसरत के लिए अपने शरीर को तैयार करने के लिए बॉडीवेट अभ्यास के एक सर्किट से शुरू करें। इसमें केवल 5 मिनट लग सकते हैं। इसका पालन करें अधिकतम चयापचय बढ़ाने के लिए बहु-मांसपेशियों के अभ्यास का उपयोग करके प्रतिरोध प्रशिक्षण के सुपरसेट्स के साथ। धीमी कार्डियो वर्कआउट्स की तुलना में पोस्ट-व्यायाम कैलोरी जलने के लिए यह बहुत कुछ काम करता है। इससे अधिक पेट वसा जलने का कारण बन जाएगा। प्रतिरोध प्रशिक्षण के 15 मिनट के बाद, 15-20 मिनट अंतराल प्रशिक्षण के साथ खत्म करें। एक गर्मजोशी का प्रयोग करें, फिर कुछ अंतराल करें, और फिर ठंडा करें। महान वसा जलने के परिणाम पाने के लिए आपको बहुत से अंतराल की आवश्यकता नहीं है। उस कसरत के कार्यक्रम के साथ, आप जिम के अंदर और बाहर 45 मिनट में, प्रति सप्ताह तीन बार होंगे। तुलना करें कि अधिकांश लोग क्या करते हैं, जो दौड़ते हैं, जॉग, चक्र या 45 मिनट के लिए कार्डियो मशीनों का उपयोग सीधे करते हैं। निश्चित रूप से, यह कैलोरी जला देगा, लेकिन यह एक बेहतर शरीर का निर्माण नहीं करता है। पुरुषों और महिलाओं को तेजी से वसा जलने के परिणामों से प्यार होता है जो वे छोटे विस्फोट अभ्यास सत्रों से प्राप्त करते हैं। आपका शरीर मैराथन चलाने के लिए नहीं था। इसके बजाए, यह अभ्यास के त्वरित विस्फोट करने के लिए था, और यही कारण है कि प्रतिरोध प्रशिक्षण और अंतराल प्रशिक्षण लंबे, धीमी कार्डियो से बेहतर शरीर मूर्तिकला। पेट वसा खोने का सबसे अच्छा तरीका निम्नलिखित तीन अभ्यास विधियों का उपयोग करना है. यदि आप पेट वसा खोना चाहते हैं तो उन तीनों, छोटी अभ्यास विधियों को एक महान पेट वसा जलने के कसरत में एक साथ रखें! क्रेग बैलान्टाइन, सीएससीएस, पुरुषों के स्वास्थ्य स्वास्थ्य सलाहकार और लेखक हैं अशांति प्रशिक्षण। क्रेग के अधिक के लिए वसा जलने workouts, वसा हानि युक्तियाँ, और "कार्डियो के डार्क साइड" पर मुफ्त रिपोर्ट, यहां क्लिक करे.
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आंवला सेहत के साथ-साथ आपकी त्वचा और बालों को भी लाभ पहुंचाता है. आंवला एक प्राकृतिक घटक है जो औषधीय लाभों से भरपूर है. आंवला विटामिन सी का एक समृद्ध स्रोत है जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है और कोलेजन उत्पादन को बढ़ाकर आपकी त्वचा और बालों को लाभ पहुंचाता है. चलिए जानते हैं आंवले के अन्य लाभों के बारे में. आंवले का रस त्वचा की लाइनों और झुर्रियों जैसे उम्र बढ़ने के संकेतों को कम करने के लिए उपयोगी है. अपने शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुणों के साथ, आंवला स्काल्प को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाता है और इस प्रकार स्वस्थ बालों के विकास को बढ़ावा देने और बालों की विभिन्न समस्याओं से निपटने के लिए स्वच्छ और स्वस्थ स्काल्प बनाए रखने में मदद करता है. आंवला का रस त्वचा को टोन करने में मदद करता है और मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने के लिए त्वचा को एक्सफोलिएट करता है. यह बालों को मजबूत करने और उन्हें नुकसान से बचाने के लिए बालों के रोम को भी पोषण देता है. आंवला रस मुंहासों के इलाज में मदद करता है. इससे त्वचा में चमक आती है. यह त्वचा को टोन करता है. यह बालों को मजबूत बनाता है. यह बालों के विकास को बढ़ावा देता है. यह रूसी का इलाज करने में मदद करता है. यह बालों को समय से पहले सफ़ेद होने से रोकता है. मुंहासे के इलाज के लिए आंवला में एंटीऑक्सिडेंट, जीवाणुरोधी और रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया के विकास को रोकने में मदद करते हैं. इसके अलावा, आंवला में मौजूद विटामिन सी मुंहासे के इलाज के लिए प्रभावी रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है. एलोवेरा आवश्यक विटामिन और खनिजों का भंडार है जो त्वचा को बनाए रखता है और मुंहासों से दूर रखता है. इसके लिए 2 बड़े चम्मच आंवले का रस 2 टेबलस्पून एलोवेरा जेल लें. एक कटोरे में आंवले का रस लें. इसमें एलोवेरा जेल को मिलाएं और उन्हें एक साथ अच्छी तरह से मिलाएं. अपने चेहरे पर मिश्रण लागू करें. इसे 15-20 मिनट तक लगा रहने दें. बाद में इसे अच्छी तरह से धो लें. इस उपाय को हफ्ते में दो बार दोहराएं. मुंहासों और पिगमेंटेशन के इलाज के लिए आंवले के रस में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो त्वचा को टोन करने में मदद करते हैं और समय के साथ पिग्मेंटेशन को कम करते हैं. इसके अलावा, आंवला में मौजूद विटामिन सी मेलानिन के गठन को रोकने में मदद करता है. इसके लिए 1 बड़ा चम्मच आंवले का रस एक कटोरी में लें. रस को अपने चेहरे या सिर्फ प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं. इसे सूखने तक छोड़ दें. बाद में इसे धो लें. इस उपाय को हफ्ते में 2-3 बार दोहराएं. कुछ ही समय में आपको आराम मिलने लगेगा. इन तरीकों को अपनाकर आप चेहरे पर चमक पा सकते हैं. इसके अलावा आप शहद और आंवला या दही और आंवला, पपीता और आंवला को भी मिलाकर त्वचा पर लगाकार त्वचा संबंधी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं. ये खबर रिसर्च के दावे पर हैं. कलाम द ग्रेट न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें. उत्तर प्रदेश सीएम योगी के सख्त निर्देश के बाद आबकारी विभाग ने की बड़ी कार्रवाई. करवा चौथ का व्रत पत्नी और भाभी मां के परिवार साथ संपन्न हुआ , व्रत के बाद इन चीजों का किया सेवन.. नौसढ़ चौकी इंचार्ज ने खुली हुई दुकानों को बंद कराया , लॉकडाउन नियम का पालन करें..
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गढ़ महल को बूंदी महल भी कहा जाता है। इस पर राव बलवंत सिंह का अधिकार था। गढ़ महल में चित्रशाला ही एक ऐसा हिस्सा है जो आम जनता के लिए खोला गया है। इस महल को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक देखा जा सकता है। मोती महल किले का एक शाही भवन है जिसमें एक भव्य छत है। इस छत को कांच के काम से सजाया गया है। इस सुंदर महल के निर्माण में कुछ चयनित पत्थर और 80 पाउंड सोने का इस्तेमाल हुआ है। केशव राय पाटन बूंदी से 45 किमी की दूरी पर स्थित है जिले के पुराने शहरों में से एक है। यहाँ एक मंदिर है जो भगवान् विष्णु को समर्पित है। यह मंदिर बूंदी शैली की वास्तुकला में बनाया गया है। इसे 1601 ई. में बूंदी के महाराजा शत्रुसाल द्वारा बनवाया गया था। फूल सागर एक योजनाबद्ध तरीके से बनाई गई संरचना है जो बूंदी के पश्चिम में स्थित है। महाराजा बहादुर सिंह ने 1945 में इसके निर्माण की शुरुआत की थी; हालांकि यह कभी पूरा नहीं हो पाया। यह महल अभी भी अधूरी अवस्था में है और पर्यटकों के लिए खुला नहीं है। फूल सागर झील फूल महल परिसर में स्थित है जो बूंदी के पश्चिमी भाग में है। सर्दियों के मौसम में प्रवासी पक्षी की बड़ी संख्या में यहाँ आते हैं। इस कारण प्रत्येक वर्ष नवंबर से फरवरी के दौरान इस झील को देखने बड़ी संख्या में लोग यहाँ आते हैं। केदारेश्वर धाम गंगा नदी के किनारे स्थित है। यह एक पवित्र स्थल है जिसका निर्माण बम्बवडा के राव राजा कोल्हान द्वारा कराया गया था। दो प्रसिद्ध मंदिर केदारेश्वर और बद्री नारायण इस धाम से बहुत दूर नहीं हैं। नगर सागर कुंड में दो जुड़वां सीढ़ीदार कुँए हैं जो चौहान दरवाज़े के बाहर स्थित हैं। इसका निर्माण बूंदी के लोगों के लिए सूखे के दौरान पानी के लिए कराया गया था। यह अपने चिनाई के काम के लिए प्रसिद्ध है।
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लॉकडाउन 4 में ढील देने का अधिकार राज्यों को मिला, इसके बाद बंगाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया, यहां सभी जगहों पर बड़े स्टोर्स खोलने की इजाजत दी व बस सेवाएं भी 21 मई से शुरू होंगी। राज एक्सप्रेस। देश में कोरोना से मची तबाही के चलते आज 18 मई से लॉकडाउन 4 भी लागू हो गया है, लेकिन इस दौरान केंद्र की मोदी सरकार ने सभी राज्य की सरकारों को अपने-अपने स्तर पर फैसला लेने का अधिकार दिया है। इसी के मद्देनजर आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा ये बड़ा फैसला लिया हैं। क्या है बंगाल सरकार का बड़ा फैसला ? बूथ और वार्ड स्तर पर कन्टेन्मेंट जोन चिन्हित किए जाएंगे। साथ ही 27 मई से ऑटोरिक्शा की सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी। हालांकि एक ऑटोरिक्शा में 2 लोगों के बैठने की अनुमति होगी। राज्य सरकार ने ऑफिस खोलने का भी ऐलान कर दिया है। CM बनर्जी ने इस दौरान साफ ये भी कहा-एक दिन के अंतराल पर सरकारी और निजी ऑफिस खुलेंगे। पश्चिम बंगाल में अंतर-जिला बस सेवाएं भी 21 मई से फिर से शुरू हो जाएंगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सैलून और पॉर्लर के खोलने के बारे में ये कहना है कि, "सैलून और पॉर्लर पूरी तरह से सैनिटाइज किए जाने के बाद ही खोले जाने चाहिए।" राज्य में नाइट कर्फ्यू नहीं : इन सभी फैसलों के अलावा राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ये भी स्पष्ट कहा है कि, केंद्र सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी के बावजूद राज्य में नाइट कर्फ्यू लगाया नहीं जाएगा, सिर्फ नाइट कर्फ्यू के तहत लोगों के शाम 7 बजे के बाद से सुबह 7 बजे तक निकलने पर रोक है। देखा जाएं तो अब लॉकडाउन 4 में अन्य राज्य सरकारें भी चरणबद्ध तरीके से धीरे-धीरे बंद पड़ी चीजों को खोलने व ठप्प पड़े कामकाज शुरू करने पर विचार कर सकती है। इसी के साथ ये भी बताते चलें कि, इस राज्य यानी पश्चिम बंगाल में भी कोरोना वायरस का संक्रमण फैला हुआ है, यहां करीब 2,677 मामलों के पुष्टि एवं 238 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है।
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हालांकि बाद में यह आर्टिकल डिलीट कर दिया गया। अर्जुन ने गुस्से में लिखा, 'एक वेबसाइट के तौर पर आपकी आंखें इस तरह की चीजें ढूंढ़ती हैं, यह बेहद शर्मनाक है, हमारा देश एक महिला को इस नजर से देखता है, बेहद शर्मनाक है यह... 'श्रीदेवी की अचानक मौत के बाद से अर्जुन कपूर अपनी बहन जाह्नवी और खुशी के नजदीक आ गए हैं।
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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) की नई सीरीज 2 मार्च, 2020 यानी सोमवार को लॉन्च हो गई है. इसमें आप 6 मार्च, 2020 तक निवेश कर सकते हैं. सोने की ऊंची कीमतों (Gold Prices) के बीच मोदी सरकार सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2019-20 (Sovereign Gold Bond Scheme) की 10वीं सीरीज पेश की है. नई दिल्ली. सस्ते में सोना (Gold) खरीदना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छा मौका है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) की नई सीरीज 2 मार्च, 2020 यानी सोमवार को लॉन्च हो गई है. इसमें आप 6 मार्च, 2020 तक निवेश कर सकते हैं. सोने की ऊंची कीमतों (Gold Prices) के बीच मोदी सरकार सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2019-20 (Sovereign Gold Bond Scheme) की 10वीं सीरीज पेश की है. इस बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का इश्यू प्राइस 4,260 रुपये प्रति ग्राम निर्धारित किया गया है. इसमें निवेश करने पर आपको ब्याज भी मिलेगा. इसके अलावा ऑनलाइन खरीदने पर सरकार 50 रुपये की छूट भी दे रही है. निवेशकों को 11 मार्च 2020 तक बॉन्ड मिल जाएगा. कितना खरीद सकते हैं सोना- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के निवेश करने वाला व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 500 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है. वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है. इस स्कीम में निवेश करने पर आप टैक्स बचा सकते हैं. स्कीम के तहत निवेश पर 2.5 फीसदी का सालाना ब्याज मिलेगा. क्या है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम?- इस योजना की शुरुआत नवंबर 2015 में हुई थी. इसका मकसद फिजिकल गोल्ड की मांग में कमी लाना तथा सोने की खरीद में उपयोग होने वाली घरेलू बचत का इस्तेमाल वित्तीय बचत में करना है. घर में सोना खरीद कर रखने की बजाय अगर आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करते हैं, तो आप टैक्स भी बचा सकते हैं. यहां से खरीदें सस्ता सोना- Sovereign Gold Bond की बिक्री बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, चुने गए पोस्ट ऑफिस और एनएसई एवं बीएसई के जरिए होती है. आप इन सभी में से किसी भी एक जगह जाकर बॉन्ड स्कीम में शामिल हो सकते हैं. आपको बता दें कि भारत बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड की ओर से पिछले 3 दिन 999 प्योरिटी वाले सोने की दी गई कीमतों के आधार पर इस बांड की कीमत रुपये में तय होती है. मिलेगी 50 रुपये की एक्सट्रा छूट- भारत सरकार ने आरबीआई की सलाह से ऑनलाइन आवेदन और भुगतान करने पर बॉन्ड की कीमत में 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट दी है. मतलब साफ है कि इन गोल्ड बॉन्डस की कीमत 4,260 रुपये प्रति ग्राम तय है. अगर आपने ऑनलाइन बुक किया तो आपको 50 रुपये की छूट मिलेगी. यानी फिर कीमत हो जाएगी प्रति ग्राम 4,2410 रुपये. कैपिटल गेन टैक्स की होगी बचत- बॉन्ड की कीमतें सोने की कीमतों में अस्थिरता पर निर्भर करती है. सोने की कीमतों में गिरावट गोल्ड बॉन्ड पर नकारात्मक रिटर्न देता है. इस अस्थिरता को कम करने के लिए सरकार लंबी अवधि वाले गोल्ड बॉन्ड जारी कर रही है. इसमें निवेश की अवधि 8 साल होती है, लेकिन आप 5 साल के बाद भी अपने पैसे निकाल सकते हैं. पांच साल के बाद पैसे निकालने पर कैपिटल गेन टैक्स भी नहीं लगाया जाता है.
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शादी की 48वीं सालगिरह पर अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने अपनी शादी की एक बेहद प्यारी तस्वीर शेयर की है. ये तस्वीर शादी के फेरों के दौरान की है. तस्वीर में जया बच्चन (Jaya Bachchan)रेड कलर के शादी के जोड़े में नजर आ रही हैं और बिग बी ने ऑफ व्हाइट कलर की शेरवानी पहनी हुई है. इस तस्वीर के साथ अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने कैप्शन में लिखा, '3 जून, 1973, शादी की सालागिरह पर आपकी दुआओं और बधाइयों के लिए धन्यवाद.' अमिताभ के इस पोस्ट पर सेलेब्स उन्हें विश कर रहे हैं. (Jaya Bachchan) ने पहली बार फिल्म 'बंसी बिरजू' में काम किया था, जो साल 1972 में रिलीज हुई थी. इसके बाद अमिताभ के साथ जया ने 'जंजीर' में काम किया और ये मूवी हिट साबित हुई. दोनों अभिमान, चुपके चुपके और शोले जैसी फिल्मों में साथ नजर आ चुके हैं. अमिताभ और जया की मुलाकात पहली बार फिल्म गुड्डी के सेट पर हुई थी. इस फिल्म में पहले बिग बी को साइन किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें रिप्लेस कर दिया गया था. फिल्म जंजीर के बाद दोनों के बीच प्यार हुआ और शादी हो गई. Previous दुबई में करोड़ों के बंगलों के मालिक हैं बॉलीवुड के ये सितारे।
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वैज्ञानिकों का मानना है कि जीवन के शुरुआती पांच साल में अगर बच्चे को हेल्दी डाइट दी जाए तो निश्चय ही वह भविष्य में भी पौष्टिक-संतुलित आहार लेना ही पसंद करेगा, जिससे वह हमेशा स्वस्थ रहेगा। इसके साथ ही डॉक्टर्स कहते हैं कि पोषण के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण समय हर बच्चे के लिए पहले 1000 दिन होते हैं, जो मां के गर्भ से शुरू होकर बच्चे के 2 साल का होने तक की अवधि होती है। इस उम्र में बच्चे को पोषक तत्वों से भरपूर भोजन के साथ वसा भी समुचित मात्रा में देना चाहिए। अगर बच्चे का पोषण ठीक नहीं होगा तो उसका असर उसके शारीरिक-मानसिक विकास और व्यवहार पर भी पड़ेगा। कई रिसर्च से साबित हुआ है कि अगर इस अवधि में बच्चे को पूर्ण पोषण नहीं मिलता है तो आगे जाकर उनमें मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों का शिकार होने की संभावना रहती है। खासकर इस उम्र की बच्चियों का न्यूट्रीशन स्टेटस अगर अच्छा रहेगा, तो आगे जाकर जब वो मां बनेंगी, तो उनका और होने वाले बच्चे का स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। परिवार के वयस्क सदस्यों को हेल्दी रहने के लिए अपनी डाइट प्लेट को चार हिस्सों में बांटना चाहिए। एक-चौथाई हिस्से में कार्बोहाइड्रेट से भरपूर अनाज, दूसरे हिस्से में मौसमी सब्जियां हों, तीसरे में प्रोटीन फूड्स हों और चौथे हिस्से में सलाद के तौर पर खाई जाने वाली सब्जियां, मौसमी फल और दूध से बनी चीजें होनी चाहिए। हेल्दी डाइट का यह फंडा ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर में जरूर लागू किया जाना चाहिए। न्यूट्रिशन साइंटिस्ट्स ने बैलेंस्ड न्यूट्रिशन के लिए न्यूट्रीशन पिरामिड का कॉन्सेप्ट दिया है, जिसके हिसाब से हर वयस्क व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए अपनी डाइट लेनी चाहिए। इसमें सबसे ज्यादा भाग फल-सब्जियां और साबुत अनाज का होता है, जो पिरामिड के सबसे निचले भाग को प्रेजेंट करता है। इसके बाद पिरामिड के ऊपरी भाग में दालें, बींस, सोया की मात्रा रखी गई है। इसके बाद नट्स, सीड्स, मछली, चिकन, अंडे को फिर कम वसा वाला दूध और दूध से बने पदार्थ और पिरामिड के सबसे ऊपरी भाग में रखे गए रिफाइंड ऑयल और रिफाइंड अनाज कम से कम मात्रा में लेना चाहिए। परिवार के सभी वयस्क सदस्यों को हेल्दी रहने के लिए सबसे जरूरी है-नियमित रूप से पोषक तत्वों से भरपूर बैलेंस डाइट का सेवन। हेल्दी रहने के लिए हर सदस्य को दिन में दो-तीन बार हैवी मील लेने के बजाय फिक्स गैप में 5-6 मिनी मील लेने चाहिए, यानी ब्रंच टाइम (ब्रेकफास्ट-लंच और लंच-डिनर के बीच)। इसमें हेल्दी फूड्स जैसे फ्रूट्स, स्प्राउट्स, चना-मुरमुरे, मुट्ठी भर ड्राई फ्रूट्स ले सकते हैं। किसी भी सूरत में ब्रेकफास्ट स्किप ना करें। डिनर सोने से करीब तीन घंटे पहले कर लेना चाहिए। ब्रेकफास्ट में साबुत अनाज, भरवां परांठा, ओट्स, दालें, फल, लो-फैट दूध और अंडे से बनी डिशेज लेनी चाहिए। परिवार के हर सदस्य को दिन में 4-5 सर्विंग मौसमी फल-सब्जियों की भी लेनी चाहिए। इससे शरीर के लिए जरूरी विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं और इम्यूनिटी मजबूत होती है। फाइबर्स, विटामिंस और एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर फल हमारे शरीर में मौजूद टॉक्सिंस को बाहर निकालकर हमें हेल्दी रखते हैं।
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मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नए Realme 9i के लॉन्च की जानकारी लीक हुई थी। खबर यह भी आ रही है कि यह स्मार्टफोन Realme 9i, Realme 8i की जगह लेगा जिसे कंपनी ने इस साल सितंबर में लॉन्च किया था। संभावित फीचर्स की बता करें तो नए Realme 9i के कुछ स्पेसिफिकेशन को भी लिस्ट किया गया है। इस फोन में 6.5 इंच का आईपीएस एलसीडी डिसप्ले देखने को मिल सकता है। माना जा रहा है कि यह फोन प्राइस रेंज के अन्य Realme फोन की तरह ही है। परफॉरमेंस के लिए इस फोन में मीडियाटेक हेलियो G90T प्रोसेसर दिया जा सकता है। फोटो और वीडियो के लिए इस नए फोन के रियर में क्वाड-कैमरा सेटअप होगा। जिसमें 64MP का प्राइमरी कैमरा, 8MP का अल्ट्रा वाइड सेंसर और 2MP के दो सेंसर होंगे जैसा कि हम पहले भी रियलमी के फोंस में देख चुके हैं। इसके अलावा सेल्फी के लिए फोन में 32MP का फ्रंट कैमरा मिलेगा। जल्द ही हम इसे फोन से जुड़ी अन्य जानकारियां भी आपको देंगे।
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भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने मंगलवार से शुरू हो रही निदाहास टी-20 त्रिकोणीय सीरीज में किसी भी टीम को खिताब का दावेदार बताने से इन्कार किया है। श्रीलंका के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करने की पूर्वसंध्या पर रोहित ने कहा कि चाहे हम खिताब के दावेदार हों या न हों, यह एक ऐसी चीज है जिसके बारे में मैं नहीं सोचता हूं। रोहित के इस बयान से विरोधी टीम का आत्मविश्वास भी काफी बढ़ गया है और इससे ये सीरीज़ और ज़्यादा रोमांचक होने की उम्मीद की जा रही है। रोहित शर्मा ने कहा कि, 'टी-20 एक ऐसा प्रारूप है जिसमें किसी भी दिन कोई भी टीम जीत सकती है। खेल किसी भी पल आपके हाथ से फिसल सकता है। किसी भी दिन कोई भी टीम किसी को मात दे सकती है। यह इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) की तरह है। कुछ टीमें मजबूत होती हैं लेकिन नियत दिन कोई भी टीम जीत सकती है'। रोहित नियमित कप्तान विराट कोहली की जगह टीम इंडिया की कप्तानी कर रहे हैं। विराट को महेंद्र सिंह धौनी, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या के साथ इस सीरीज से आराम दिया गया है। भारत की इस युवा टीम की अगुआई करने के सवाल पर रोहित ने कहा कि मैं उस तरह से इसे नहीं देख रहा कि मेरे पास पूरी टीम नहीं है। मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे कप्तानी करने का मौका मिला है। आजकल के व्यस्त कार्यक्रम और जितना क्रिकेट हम खेलते हैं, उससे यह जरूरी हो जाता है कि खिलाड़ियों का ध्यान रखा जाए और उन्हें जब जरूरी हो आराम दिया जाए। रोहित ने युवा खिलाड़ियों को दिए गए मौके पर कहा कि हमारे पास अच्छे खिलाड़ी हैं। यह उन्हें मौका देने का सही समय है। हम देखना चाहते हैं कि वे कैसा खेलते हैं।
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जुलूस के दौरान आयोजकों को शर्तों का पालन करना होगा। बता दें कि पुराने शहर के इतवारा-बुधवारा बेहद संवेदनशील इलाके हैं। यहां कुछ नियमों के तहत जुलूस निकालने की अनुमति प्रशासन ने दी है। जैसा कि किसी दूसरे धर्म-संप्रदाय के लोगों को ठेस पहुंचाने वाले आपत्तिजनक नारे, बैनर-पोस्टर नहीं लगाए जाएंगे। अव्यवस्था हुई तो आयोजक जिम्मेदार होंगे और उन पर कानूनी कार्रवाई होगी। इससे पहले आयोजकों को डीजे पर जो गाने बजाए जाएंगे उसकी लिस्ट देना होगी। जुलूस में त्रिशूल-गदा को छोड़कर किसी तरह का हथियार प्रतिबंधित रहेगा। आयोजकों को पुलिस के साथ जुलूस में सबसे आगे चलना होगा। जुलूस के दौरान 600 पुलिसकर्मी तैनात होंगे। पूरे जुलूस की ड्रोन से मॉनिटरिंग होती रहेगी। किसी की धर्म, संप्रदाय की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाएंगे। नशा, मादक पदार्थ का सेवन नहीं करेंगे। आपत्तिजनक नारे नहीं लगाए जाएंगे।
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"सुबह हो गई मामू".....फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस की सबसे फेमस लाइन है. फिल्म में संजय दत्त के किरदार की खुब तारीफ हुई थी लेकिन डॉक्टर अस्थाना के किरदार को न ही हम इग्नोर कर पाए और न ही कभी नहीं भूल सकते है. जिस उम्र में अभिनेता फिल्मों से ब्रेक लेने की सोचते है उस उम्र में बोमन ईरानी ने बॉलीवुड में एंट्री ली थीं. आज बोमन ईरानी अपना 61वां जन्मदिन मना रहे है. आपको बता दें कि बोमन ईरानी(Boman Irani) ने फिल्मों में 42 की उम्र में डेब्यु किया था. इनके बारे में यह बात कम ही लोग जानते है कि बोमन को फोटोग्राफी का शोक है. अपने स्कूल टाइम में बोमन क्रिकेट मैचों की फोटो खींचते थे जिसके लिए उन्हें थोड़े पैसे भी मिल जाते थें. पहली बार बोमन ने प्रोफेशनल तौर पर पुणे में बाइक रेस की फोटोग्राफी की थी. इसके बाद उन्हें मुंबइ में हुए बॉक्सिंग वर्ल्ड कप को कवर करने का मौका मिला था. पढ़ाई पूरी करने के बाद बोमन ने मुंबई के होटल ताज में 2 साल तक वेटर और रूम स्टाफ के तौर पर काम किया था. कुछ प्रॉब्लम के कारण बोमन को यह काम छोड़ना पड़ा था. इसके बाद वह अपनी मां के साथ बेकरी शॉप पर काम करना शुरू कर दिए थे. उन्होंने बेकरी शॉप में 14 साल काम किया. जिसके बाद उनकी मुलाकात कोरियोग्राफर श्यामक डावर से हुई जिसके बाद उनकी जिंदगी बदल गई. कोरियोग्राफर श्यामक डावर ने बोमन ईरानी को थिएटर में काम करने की सलाह दी. बोमन को अक्सर कॉमेडी किरदार निभाने को मिलते थे. इसके बाद बोमन ने धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बना ली. साल 2001 में बोमन को दो अंग्रेजी फिल्में "एव्रिबडी सेज आई एम फाइन" और "लेट्स टॉक" में काम करने का मौका मिला. लेकिन बोमन ईरानी को पहचान साल 2003 में आई फिल्म "मुन्ना भाई एमबीबीएस" से मिली.
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धर्म शास्त्रो के मत अनुशार लक्ष्मी कि उत्पत्ति के विषय में अनेक कथाएं प्रचलित हैं। उन प्राचीन कथाओं में समुद्र मंथन के दौरान मां महालक्ष्मी कि उत्पत्ति मानी जाती हैं। विभिन्न ग्रंथो में लक्ष्मी समुद्र मंथन कि कथाओं में अंतर देखने को मिलता हैं। परंतु मूलतः सब कथाओं में अंतर होने के उपरांत भी अधिकतर समान हैं। प्रजापत्य कल्प के अनुशारः भगवान ब्रह्मा ने रुद्र रूप को ही स्वयंभु मनु और स्त्री रूप में सतरूपा को प्रकट किया और उसके बाद प्रियव्रत उत्तानपाद, प्रसूति और आकूति नाम कि संतानों को जन्म दिया। फिर आकूति का विवाह रुचि से और प्रसूति का विवाह दक्ष से किया गया। दक्ष ने प्रसूति से 24 कन्याओं को जन्म दिया। इसके नाम श्रद्धा, लक्ष्मी, पुष्टि, धुति, तुष्टि, मेधा, क्रिया, बुद्धि, लज्जा, वपु, शान्ति, ऋद्धि, और कीर्ति इत्यादी हैं। विष्णु पुराण के अनुशारः एक बार घूमते हुए दुर्वासा ने अपरूपा विद्याधरी के पास एक बहुत सुन्दर माला देखी। वह गन्धित माला थी। ऋषि ने उस माला को अपने जटाओं पर धारण करने के लिए मांगा और प्राप्त कर लिया। दुर्वासा ने सोचा कि यह माला प्रेम के कारण प्राप्त कर वे कामातुर हो उठे। अपने काम के आवेग को रोकने के लिए इधर-उधर घूमते-घूमते स्वर्ग लोक पहुंचे। वहां उन्होंने अपने सिर से माला हटाकर इन्द्र को दे दी। इन्द्र ने उस माला को ऐरावत के गले में डाल दिया और ऐरावत से वह माला धरती पर गिर गई और पैरों से कुचली गई। दुर्वासा ने जब यह देखा कि उसकी माला की यह दुर्गति हुई तो वह क्रोधित हुए और उन्होंने इन्द्र को श्रीहीन होने का शाप दिया। जब इन्द्र ने यह सुना तो भयभीत होकर ऋषि के पास आये पर उनका शाप लौट नहीं सकता था। इसी शाप के कारण असुरों ने इन्द्र और देवताओं को स्वर्ग से बाहर निकाल दिया। देवता ब्रह्मा जी की शरण में गये और उनसे अपने कष्ट के विषय में कहा। ब्रह्मा जी देवताओं को लेकर विष्णु के पास गये और उनसे सारी बात कही तब विष्णु ने देवताओं को दानव से सुलह करके समुद्र मंथन करने की सलाह दी और स्वयं भी सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि समुद्र मंथन से उन्हें लक्ķ्मी और अमृत पुनः प्राप्त होगा। अमृत पीकर वे अजर और अमर हो जाएंगे। देवताओं ने भगवान विष्णु की बात सुनकर समुद्र मंथन का आयोजन किया। उन्होंने अनेक औषधियां एकत्रित की और समुद्र में डाली। फिर मंथन किया गया। मंथन के लिये जाते हुए समुद्र के चारों ओर बड़े जोर की आवाज उठ रही थी। इस बार के मंथन से देवकार्यों की सिद्धि के लिये साक्षात् सुरभि कामधेनु प्रकट हुईं। उन्हें काले, श्वेत, पीले, हरे तथा लाल रंग की सैकड़ों गौएँ घेरे हुए थीं। उस समय ऋषियों ने बड़े हर्ष में भरकर देवताओं और दैत्यों से कामधेनु के लिये याचन की और कहा आप सब लोग मिलकर भिन्न-भिन्न गोत्रवाले ब्राह्मणों को कामधेनु सहित इन सम्पूर्ण गौओं का दान अवश्य करें। ऋषियों के याचना करने पर देवताओं और दैत्यों ने भगवान् शंकर की प्रसन्नता के लिये वे सब गौएँ दान कर दीं तथा यज्ञ कर्मों में भली-भाँति मन को लगाने वाले उन परम मंगलमय महात्मा ऋषियों ने उन गौओं का दान स्वीकार किया। तत्पश्चात सब लोग बड़े जोश में आकर क्षीरसागर को मथने लगे। तब समुद्र से कल्पवृक्ष, पारिजात, आम का वृक्ष और सन्तान- ये चार दिव्य वृक्ष प्रकट हुए। उन सबको एकत्र रखकर देवताओं ने पुनः बड़े वेग से समुद्र मंथन आरम्भ किया। इस बार के मंथन से रत्नों में सबसे उत्तम रत्न कौस्तुभ प्रकट हुआ, जो सूर्यमण्डल के समान परम कान्तिमान था। वह अपने प्रकाश से तीनों लोकों को प्रकाशित कर रहा था। देवताओं ने चिंतामणि को आगे रखकर कौस्तुभ का दर्शन किया और उसे भगवान विष्णु की सेवा में भेंट कर दिया। तदनन्तर, चिन्तामणि को मध्य में रखकर देवताओं और दैत्यों ने पुनः समुद्र को मथना आरम्भ किया। वे सभी बल में बढ़े-चढ़े थे और बार-बार गर्जना कर रहे थे। अब की बार उसे मथे जाते हुए समुद्र से उच्चैःश्रवा नामक अश्व प्रकट हुआ। वह समस्त अश्वजाति में एक अद्भुत रत्न था। उसके बाद गज जाति में रत्न भूत ऐरावत प्रकट हुआ। उसके साथ श्वेतवर्ण के चौसठ हाथी और थे। ऐरावत के चार दाँत बाहर निकले हुए थे और मस्तक से मद की धारा बह रही थी। इन सबको भी मध्य में स्थापित करके वे सब पुनः समुद्र मथने लगे। उस समय उस समुद्र से मदिरा, भाँग, काकड़ासिंगी, लहसुन, गाजर, अत्यधिक उन्मादकारक धतूर तथा पुष्कर आदि बहुत-सी वस्तुएँ प्रकट हुईं। इन सबको भी समुद्र के किनारे एक स्थान पर रख दिया गया। तत्पश्चात वे श्रेष्ठ देवता और दानव पुनः पहले की ही भाँति समुद्र-मंथन करने लगे। अब की बार समुद्र से सम्पूर्ण दशों दिशाओं में दिव्य प्रकाश व्याप्त हो गया उस दिव्य प्रकाश से देवी महालक्ष्मी प्रकट हुईं। इसलिए लक्ष्मी को समुद्र की पुत्री के रूप में जाना जाता है। महालक्ष्मी ने देवता, दानव, मानव सम्पूर्ण प्राणियों की ओर दृष्टिपात किया। माता महालक्ष्मी की कृपा-दृष्टि पाकर सम्पूर्ण देवता उसी समय पुनः श्रीसम्पन्न हो गये। वे तत्काल राज्याधिकारी के शुभ लक्षणों से सम्पन्न दिखायी देने लगे। सृष्टि रचना के विषय में ज्ञान प्राप्त करते हुवे भीष्म ने पुलस्त्य ऋषि से प्रश्न किया ऋषि श्रेष्ठ, लक्ष्मी की उत्पत्ति के विषय में आप मुझे विस्तार से बताइए। क्योंकि इस विषय में कथा अनेक हैं। यह सुनकर पुलस्त्य ऋषि बोले कि महर्षि भृगु कि पत्नी ख्याति के गर्भ से एक त्रिलोकसुन्दरी कन्या उत्पन्न हुई। वह समस्त शुभ लक्षणों से सुशोभित थी। इसलिए उसका नाम लक्ष्मी रखा गया।
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अक्टूबर- नवम्बर में नवोदय व सैनिक स्कूल खोलने की तैयारी। नई दिल्ली : कोरोना महामारी के कारण मार्च से बंद नवोदय, सैनिक स्कूल और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय आवासीय स्कूलों को खोलने की तैयारी पूरी हो गई है इन्हें पहले 10 वीं और 12वीं बोर्ड के छात्रों के लिए खोला जाएगा। उसके बाद 9वीं और 11वीं के छात्रों को बुलाया जाएगा। गृह मंत्रालय की अनुमति के बाद इन स्कूलों को खोला जाएगा। अक्तूबर आखिर और नवंबर में इन स्कूलों को खोलने की संभावना है। अधिकारी के मुताबिक, आवासीय स्कूलों को खोलने की तैयारी चल रही है। इसके लिए विभिन्न स्कूल प्रबंधन ने सरकार को अपना प्लान दिया है। इस प्लान के तहत बोर्ड परीक्षा के छात्रों को क्लासरूम से हॉस्पिटल तक सामाजिक दूरी के नियमों के तहत रखा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेष दिशानिर्देश के तहत ही स्कूल खुलेंगे। स्कूलों को खोलने से पहले छात्रों, शिक्षकों और कर्मियों (कुक, सफाईकर्मी) का कोविड-19 टेस्ट होगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर वे कैंपस में दोबारा लौट सकेंगे कोरोना संक्रमण से बचने के लिए छात्र, शिक्षकों को कैंपस से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। कोई भी बाहरी व्यक्ति कैंपस में नहीं आएगा। स्कूलों में 9वीं से 12वीं के छात्रों के हिसाब से प्लान तैयार किया गया है। स्कूलों में किसी स्पोर्ट्स और प्रार्थना सभा पर रोक रहेगी। हॉस्टल में भी एक कमरे में दो ही छात्र होंगे। किसी भी प्रकार के समूह में छात्रों को इकट्ठा नहीं किया जाएगा।
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आउट होने के बाद कोहली। नई दिल्ली। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी, 2017 (ICC Champions Trophy) के फाइनल में टीम इंडिया को पाकिस्तान ने उम्मीद के विपरीत 180 रन से करारी मात देते हुए पहली बार इस खिताब पर कब्जा कर लिया। पाकिस्तान की ओर से रखे गए 339 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया की पारी 30.3 ओवर में 158 रन बनाकर सिमट गई। हार्दिक पांड्या ने 76 रन (43 गेंद, 4 चौके, 6 छक्के) की तूफानी पारी खेली और सम्मान बचाने की कोशिश की। उन्होंने 32 गेंदों में फिफ्टी पूरी की. पाकिस्तान ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 4 विकेट पर 338 रन बनाए थे, जिसमें फखर जमां के 114 रन (106 गेंद, 12 चौके, 3 छक्के) का अहम योगदान रहा। गेंदबाजी में पाक की ओर से मोहम्मद आमिर और हसन अली के खाते में तीन-तीन विकेट गए, तो शादाब खान ने दो विकेट और जुनैद खान ने एक विकेट लिया. भारत का एक बल्लेबाज (हार्दिक पांड्या) रनआउट हुआ। भारत और पाकिस्तान के बीच पहली बार ICC चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल खेला जा रहा है। भारत जहां अपना खिताब बचाने के लिए मैदान पर उतरेगा तो पाकिस्तान पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा है और वो खिताब पर अपना कब्जा भारत को हराकर करना चाहेगा। इससे पहले इस लीग में भारत और पाकिस्तान के बीच में एक मुकाबला हो चुका है, जिसमें भारत ने 124 रनों की जोरदार जीत दर्ज करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ आईसीसी टूर्नामेंट्स में अपना रिकॉर्ड और भी बेहतर कर लिया। विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, रोहित शर्मा, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धौनी (विकेटकीपर), केदार जाधव, हार्दिक पांड्या, रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार। सरफराज अहमद (कप्तान/विकेटकीपर), अजहर अली, बाबर आजम, मोहम्मद हफीज, शोएब मलिक, हसन अली, मोहम्मद आमिर, जुनैद खान, इमाद वसीम, शादाब खान, फखर जमान। टीम इंडिया ICC चैंपियंस ट्रॉफी में दो बार चैंपियन बन चुकी है। भारत साल 2002 में श्रीलंका के साथ संयुक्त विजेता बना था। जबकि 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में भारत, इंग्लैंड को मात देकर दूसरी बार चैंपियंस बना था। ऑस्ट्रेलिया भी साल 2006 और 2009 में चैंपियन बन चुका है। अब टीम इंडिया के पास पूरा मौका है, ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड तोड़कर दुनिया की पहली ऐसी टीम बनने का जिसने चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट को सबसे ज्यादा बार जीता है। ये भारत का तीसरा चैंपियंस ट्रॉफी खिताब होगा। ICC के वनडे टूर्नामेंट इतिहास में पहली बार भारत और पाकिस्तान के बीच फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। ये दोनों देश चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भी पहली बार भिड़ेंगे। हालांकि ये दोनों टीमें 2007 आईसीसी वर्ल्ड टी20 और 2006 आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में भिड़ चुकी हैं। जहां भारत ने वर्ल्ड टी20 खिताब जीता था वहीं पाकिस्तान अंडर-19 विश्व कप जीतने में कामयाब रहा था।
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भोपाल। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार मध्यप्रदेश के आसमान पर आफत की बारिश कर रहे बंगाल की खाड़ी के बादल चले गए हैं। खाली बादलों के कुछ दल आसमान पर दिखाई दे रहे हैं जो आने वाले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के 6 संभागों के कुछ इलाकों में बरस कर गायब हो जाएंगे। डायरेक्टर मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार इंदौर, उज्जैन, भोपाल, होशंगाबाद, चंबल और ग्वालियर संभाग के कुछ जिलों में हल्की बारिश होगी। मध्य प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में धूप खिल गई है और अगले 24 घंटे तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। गुरुवार से शुरू होकर शनिवार तक चली मूसलाधार बारिश के कारण मध्य प्रदेश के तमाम नदी-नालों में बाढ़ आ गई। बरसाती नदी नालों पर अतिक्रमण हो जाने के कारण बाढ़ का पानी अनियंत्रित होकर यहां-वहां रिहायशी इलाकों में घुस गया। इस बाढ़ में करीब 450 गांव पूरी तरह से तबाह हो गए। जबकि शहरी इलाकों में 100 से ज्यादा कालोनियों में पानी भरने के कारण संपत्ति का भारी नुकसान हुआ।
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रवीना ने बुधवार को एक ट्वीट में कहा, इस महामारी के समय में अवैध शिकार एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। हमारे कानून और सजाएं भी कमजोर हैं। हमारी कानूनी व्यवस्था ऐसी है कि ज्यादातर मामलों में अभियुक्त को दोषी नहीं ठहराया जाता है। इसके साथ ही रवीना ने यह भी कहा कि शिकारियों और दुष्कर्म करने वालों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल की आग के बारे में पोस्ट करने के कुछ मिनट बाद अभिनेत्री का यह ट्वीट सामने आया। रवीना ने एक अन्य ट्वीट में जंगल में आग लगने वाली घटना पर अपने विचार रखे और ग्लोबल वार्मिग पर चिंता भी जाहिर की। उन्होंने जंगल की आग के पीछे एक कारण के बारे में बात करते हुए कहा कि ग्लोबल वार्मिग विनाश है। रवीना ने कहा, हालांकि कुछ सीमित जंगल की आग इको चक्र के उत्थान के लिए स्वाभाविक है, लेकिन यह नियंत्रण से बाहर है। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए यह भी कहा कि हम तेजी से अपने वन्यजीवों के आवास खो रहे हैं।
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शाहरुख खान को बीच में छोड़नी पड़ सकती है फिल्म 'पठान' की शूटिंग, सलमान खान बने वजह! फिल्म 'पठान' (Pathan) में सलमान खान (Salman Khan) भी कैमियो करते नजर आएंगे. तो वहीं शाहरुख (Shah Rukh Khan) इस अहसान का बदला सलमान खान की अपकमिंग फिल्म 'टाइगर 3' में चुका देंगे. 'टाइगर 3' (Tiger 3) में शाहरुख कैमियो करते नजर आएंगे. बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) अपनी अपकमिंग मूवी 'पठान' (Pathan) की शूटिंग कर रहे हैं. उनकी इस फिल्म में सलमान खान (Salman Khan) भी कैमियो करते नजर आएंगे. तो वहीं शाहरुख इस अहसान का बदला सलमान खान की अपकमिंग फिल्म 'टाइगर 3' में चुका देंगे. 'टाइगर 3' में शाहरुख कैमियो करते नजर आएंगे. शाहरुख इस समय 'पठान' की शूटिंग में बिजी हैं, तो वहीं सलमान खान ने अपनी फिल्म 'टाइगर 3' (Tiger 3) के शूटिंग की तैयारी करनी शुरू कर दी है. इस समय दोनों बड़े सितारे अपनी-अपनी फिल्मों में व्यस्त हैं. लेकिन, शाहरुख ने सलमान की वजह से 'पठान' की शूटिंग बीच में ही रोक दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सलमान कैटरीना के साथ अगले वीकेंड से 'टाइगर 3' की शूटिंग शुरू कर देंगे. दूसरी ओर शाहरुख पहले से 'पठान' की शूटिंग में व्यस्त हैं. दोनों की फिल्मों की शूटिंग एक-दूसरे के आस-पास ही हो रही है. खबरों की मानें तो शाहरुख अगले हफ्ते सलमान की फिल्म में कैमियो की शूटिंग कर सकते हैं. वे अपनी फिल्म की शूटिंग बीच में छोड़कर कैमियो की तैयारी में जुटे हुए हैं. इमरान हाशमी भी जल्द ही फिल्म से जुड़ेंगे. मुंबई के अंधेरी में यशराज फिल्म्स दोनों स्टार्स अपने-अपने प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं. जहां शाहरुख खान ने पठान (Pathan) की शूटिंग जारी रखी, वहीं सलमान खान और कटरीना कैफ (Katrina Kaif) आने वाले वीकेंड तक टाइगर 3 (Tiger 3) पर काम शुरू कर देंगे. शूटिंग एक-दूसरे के ठीक बगल में हो रही है. यानी जिस स्टूडियो में 'पठान' की शूटिंग हो रही है, इसी में सलमान और कैटरीना कैफ 'टाइगर 3' की शूटिंग करेंगे. इस तरह से शाहरुख और सलमान पड़ोसी हो जाएंगे. रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि शाहरुख खान अगले हफ्ते 'टाइगर 3' में अपने कैमियो को शूट करेंगे. अगस्त के मध्य तक रहेंगे पड़ोसी! सलमान खान और कैटरीना कैफ अपनी आगामी फिल्म 'टाइगर 3' की शूटिंग पिछले लम्बे समय से अटकी पड़ी थी. अब इसके जल्द शुरू होने की खबरें हैं. ईटाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सलमान और कैटरीना मुंबई के स्टूडियो में जल्द ही शाहरुख को जॉइन करेंगे. दोनों सितारे इस स्टूडियो में शूटिंग पूरी कर अपने इंटरनेशनल शूट के शेड्यूल के लिए रवाना होंगे. इससे पहले कोरोना लॉकडाउन के चलते सलमान और शाहरुख की फिल्मों की शूटिंग बंद करनी पड़ी थी. इस दौरान निर्माताओं को सेट को बिना काम लिए अतिरिक्त लागत भी भुगतनी पड़ी.
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ग्राहक Hyundai Alcazar को 25,000 रुपए देकर बुक कर सकते हैं. Hyundai का कहना है कि कार को भारतीय ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है. Hyundai Alcazar, Hyundai की थ्री-रो SUV, ऑफिशियल तौर पर 18 जून को भारत में लॉन्च होगी. Alcazar को अप्रैल के महीने में कवर के साथ प्रदर्शित किया गया था. इस SUV को पहले ही लॉन्च किया जाना था मगर कोविड -19 महामारी की दूसरी लहर की वजह से राज्यों में लगाए गए लॉकडाउन के चलते इसके ऑफिशियल लॉन्च में देरी हुई. अब प्रतिबंधों में ढील के साथ, Alcazar अब भारतीय सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है. इसकी बुकिंग बुधवार से शुरू कर दी गई है ग्राहक 25,000 रुपए देकर इसे बुक कर सकते हैं. Hyundai का कहना है कि Alcazar को भारतीय ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है और यहां बाजार वह जगह है जहां वाहन पहले कहीं और प्रवेश कर रहा है. हुंडई दावा करती है कि Alcazar नए खरीदारों के साथ-साथ मौजूदा क्रेटा खरीदारों दोनों के लिए अपील करेगा. जहां दोनों वाहनों में एक मेन फ्रंट ग्रिल, बड़ी हेडलाइट, डीआरएल यूनिट्स और अलॉय व्हील डिजाइन के कारण विजुअल समानताएं हैं, वहीं दूसरे फैक्टर भी हैं जो दोनों को अलग बनाते हैं. Alcazar दो इंजन ऑप्शन्स के साथ आएगी. 1.5-लीटर डीजल मोटर वही है जो क्रेटा के अंदर है और 115 hp पावर और 250 Nm टार्क जनरेट करती है. इसके अलावा 2.0-लीटर पेट्रोल भी दिया गया है जो Tucson SUV के अंदर पाया जाता है और 152 hp पावर, 191 Nm का टार्क जनरेट करता है. दोनों इंजन ऑप्शन्स के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे. Alcazar को तीन वेरिएंट्स - प्रेस्टीज, प्लेटिनम और सिग्नेचर - पेट्रोल और डीजल इंजनों के साथ 6 और 7-सीट लेआउट में पेश किया जा रहा है. Hyundai Alcazar फीचर्स से भरपूर है. इसमें 26.03 सेमी (10.25′′) मल्टी डिस्प्ले डिजिटल क्लस्टर, बोस प्रीमियम साउंड सिस्टम (8 स्पीकर), एक्यूआई डिस्प्ले के साथ ऑटो हेल्दी एयर प्यूरीफायर, रिट्रैक्टेबल कप-होल्डर और आईटी डिवाइस होल्डर के साथ फ्रंट रो सीटबैक टेबल, फ्रंट रो स्लाइडिंग सनवाइजर, रियर विंडो सनशेड, वॉयस इनेबल्ड स्मार्ट पैनोरमिक सनरूफ, वन टच टिप और टम्बल सीट्स, पावर ड्राइवर सीट, हुंडई ब्लू लिंक (कनेक्टेड-कार टेक्नोलॉजी) शामिल हैं. Alcazar 6 सिंगल-टोन और दो डुअल-टोन कलर ऑप्शन के साथ आएगा. सिंगल-टोन रंग ऑप्शन फैंटम ब्लैक, पोलर व्हाइट, स्टाररी नाइट, टैगा ब्राउन, टाइटन ग्रे और टाइफून सिल्वर हैं. डुअल-टोन कलर ऑप्शन पोलर व्हाइट विद फैंटम ब्लैक रूफ और टाइटन ग्रे विद फैंटम ब्लैक रूफ हैं.
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उपलब्ध कराने में सक्षम होगी। इस सेल को मौजूदा घरेलू कारोबार का विदेशी बाजारों तक विस्तार करने के लिए आवश्यक सहायता के साथ निर्यात शुरूआत उपलब्ध कराने के लिए डिजाइन किया गया है। इस पहल को 'किट्टस' (उद्यमशीलता की शुरूआत के लिए व्यापार और प्रौद्योगिकी में नवाचार का ज्ञान), नाम दिया गया है। यह गतिशील व्यापार ऊष्मायन सेल अंतर्राष्ट्रीय व्यापार क्षेत्र में शुरूआत के लिए समर्पित है। आईआईएफटी, दिल्ली में इस सेल का संचालन एमएसएमई अध्ययन केंद्र (दिल्ली) द्वारा किया जा रहा है। किट्टस का उद्देश्य युवाओं को विदेशी बाजारों में जोरदार पहुंच स्थापित करने की दिशा में उनके अंतर्राष्ट्रीयकरण करने के विचार के चरण से ही उनके स्टार्टअप को पूरा सहयोग प्रदान करना है। इस ऊष्मायन सेल को एक सलाहकार निकाय सहायता प्रदान करेगी, जिसमें उद्योगपति, उद्यम पूंजीपति, तकनीकी विशेषज्ञ और प्रबंधक शामिल होंगे, जो उद्यमियों को बुनियादी ढांचा, व्यापार सलाह, परामर्श और वित्तीय सेवाओं की एक श्रृंखला के माध्यम से उनके सपनों को साकार करने में मदद करेंगे। आईआईएफटी निर्यात उद्देश्य के लिए ऋण जुटाने, निर्यात वित्तपोषण, बीमा योजनाओं और निर्यात को बढ़ावा देने के उपायों के बारे में जागरूकता का निर्माण करने में युवा उद्यमियों को सहायता प्रदान करेगी।
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वहीं अब अमिताभ बच्चन ने अपने पहले फोटोशूट की एक तस्वीर अपने फैंस के साथ साझा की है। जिसमें अमिताभ बच्चन काफी यंग और एनरजेटिक नज़र आ रहे हैं। 'फिल्म इंडस्ट्री में आने के बाद मेरा पहला मैगज़ीन फोटोशूट 1969 में हुआ था। ये स्टार एंड स्टाइल के लिए था जो उस वक्त फिल्मफेयर के अलावा एक और पत्रिका थी'। अमिताभ बच्चन को फिल्म इंडस्ट्री में अब पूरे 51 साल हो चुके हैं। यानि एक लंबा अरसा बीत चुका है। ऐसे में पिछले दिनों को याद करना बनता भी है। ये तस्वीर इनके शुरूआती करियर के दौर की है जब वो इंडस्ट्री में अपने कदम जमाने के लिए दिन रात एक कर रहे थे। और आज उसी मेहनत का नतीजा है कि अमिताभ बच्चन बॉलीवुड के बॉक्स ऑफिस पर ही नहीं बल्कि लोगों के दिलों पर भी राज करते हैं। वहीं अमिताभ बच्चन ट्विटर पर अपने पुराने दिनों को खूब याद कर रहे हैं। अपने पहले फोटोशूट की तस्वीर के बाद उन्होने ऋषि कपूर के साथ अपनी एक फोटो डाली है। जिसमें ऋषि कपूर चार्ली चैपलीन की तरह नज़र आ रहे हैं। ये तस्वीर इनकी फिल्म नसीब के एक गाने की है।
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ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को टी20 वर्ल्ड कप 2021 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में 5 विकेट से हरा दिया है। पाकिस्तान को मिली इस हार के बाद तेज गेंदबाज हसन अली जमकर ट्रोल हो रहे हैं। पाकिस्तानी फैंस इस हार का ठीकरा हसन अली के उस कैच पर फोड़ रहे हैं जो उन्होंने अहम मौके पर छोड़ा था। इस बीच टीम इंडिया के दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने हसन अली का साथ दिया है और पाकिस्तानी फैंस को करारा जवाब दिया है। Harbhajan Singh (image source: youtube) हरभजन सिंह ने कहा, 'कल हसन अली ने कैच छोड़ा उसके बाद कहा गया कि उन्होंने कैच छोड़ा इस वजह से वो लोग मैच हार गए। दबाव वाले मैचों में अक्सर ऐसा देखा गया है कि कैच छूट जाते हैं। हसन अली एक प्लेयर है और वो अपना बेस्ट दे रहा है। ऐसे में उसको गाली देना उसके परिवार वालों को गाली देना ये गलत है। हमेशा याद रखिए कि एक टीम जीतती है या फिर टीम हारती है।' हरभजन सिंह ने आगे कहा, 'ऑस्ट्रेलिया में अनुभव काफी है उसे बड़े मैच में दबाव झेलना आता है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान की टीम में थोड़ा सा अनुभव की कमी दिखी। अहम मौकों पर उनकी सोच गलत हो गई। अगर वो नर्व को होल्ड करते अच्छी तरह से तो मुझे लगता है कि वो जीत सकते थे। पाकिस्तान की टीम ने 176 रन बनाए जो सेमीफाइनल जैसे अहम मुकाबले में बहुत होते हैं।' बता दें कि सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 176 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने 19 ओवर में ही इस लक्ष्य को हासिल कर लिया। मैथ्यू वेड को मैन ऑफ द मैच चुना गया। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला 14 नवंबर को न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच होगा।
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एईबी के अलावा एस्टर में एडीएएस के तहत अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन कीप असिस्ट और लेन डिपार्चर वार्निंग फीचर दिए जाएंगे। इसकी फीचर लिस्ट में 10.1-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, पैनोरमिक सनरूफ और 360 डिग्री कैमरा शामिल होंगे। एमजी की इस अपकमिंग एसयूवी कार में दो पेट्रोल इंजन ऑप्शंस 1.3-लीटर टर्बो और 1.5-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड मिलेंगे। एमजी एस्टर की प्राइस 10 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) से शुरू हो सकती है। एस्टर भारत की पहली कॉम्पेक्ट एसयूवी कार है जो एडीएएस फीचर के साथ आएगी। ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग के अलावा इसके एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम में लेन कीप असिस्ट, अडेप्टिव क्रूज़ कंट्रोल, लेन डिपार्चर वार्निंग और क्रॉस ट्रैफिक अलर्ट जैसे फीचर्स भी मिलेंगे। इसमें एडीएएस के अलावा सेफ्टी फीचर्स के तौर पर छह एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल और हिल डिसेंट कंट्रोल भी मिलेंगे। एमजी की इस कॉम्पेक्ट एसयूवी कार में 10.1-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम (एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले के साथ), 360-डिग्री कैमरा, 6 तरह से पावर एडजस्ट होने वाली ड्राइवर सीट और पैनोरमिक सनरूफ दिए जाएंगे। एस्टर कार में दो पेट्रोल इंजन ऑप्शनः 1.3-लीटर टर्बो और 1.5-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड दिए जाएंगे। इसका 1.3-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन 140 पीएस की पावर और 220 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है, जबकि 1.5-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड इंजन का पावर आउटपुट 110पीएस/144एनएम है। इस एसयूवी कार में 1.3-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ 6-स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स दिया जाएगा, वहीं इसके 1.5-लीटर इंजन के साथ 6-स्पीड एमटी और 8-स्टेप सीवीटी गियरबॉक्स ऑप्शंस मिलेंगे। भारत में एमजी एस्टर की प्राइस 10 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) से शुरू हो सकती है। सेगमेंट में इस कार का कंपेरिजन स्कोडा कुशाक, किआ सेल्टोस, फोक्सवैगन टाइगन, हुंडई क्रेटा, रेनो डस्टर, मारुति सुजुकी एस-क्रॉस और निसान किक्स से होगा।
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बॉबी देओल के फैंस के लिए एक गुड न्यूज है। खबर है कि बॉबी देओल को सलमान खान के बाद अब शाहरुख खान के साथ काम करने का मौका मिल गया है। खबरों के मुताबिक, बॉबी जल्द ही शाहरुख खान संग डिजिटल डेब्यू करेंगे। खबर है कि बॉबी देओल ने शाहरुख खान की प्रोडक्शन कंपनी रेड चिली एंटरटेनमेंट के साथ एक प्रोजेक्ट साइन किया है। ऐसा पहली बार होगा जब शाहरुख खान के साथ बॉबी देओल की जोड़ी किसी प्रोजेक्ट के लिए बनेगी। इस फिल्म को शाहरुख खान प्रोड्यूस करेंगे। लेकिन दोनों स्टार्स का क्या रोल होगा इसे लेकर अभी कोई खुलासा नहीं किया गया है। बता दें, शाहरुख खान और देओल परिवार का लंबे समय से अच्छा रिश्ता है। ऐसे में बॉबी के लिए शाहरुख खान के साथ काम करना आसान है। बॉबी देओल 90 के दशक के सुपरहिट हीरो रहे हैं। लेकिन बाद में फिल्मों के फ्लॉप होने के साथ उन्हें करियर में सफलता नहीं मिल सकी। अब बॉबी देओल के करियर को एक बाद फिर सलमान खान और शाहरुख खान ने संवारना शुरू कर दिया है। देखना ये होगा कि बॉबी देओल के करियर में इस फिल्म का क्या असर होता है। वैसे दबंग 3 में भी बॉबी देओल का सलमान खान के युवावस्था का सीक्वेंस दिखाया जाएगा। जिसमें बॉबी देओल उनके दोस्त के रोल में दिखेंगे। मूवी में दोनों एक्टर्स की दोस्ती देखने को मिलेगी। बॉबी का रोल काफी अहम बताया जा रहा है। हालांकि दबंग-3 में बॉबी देओल की कास्टिंग की ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है।
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प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग कार्य हेतु शिक्षकों को बाध्य करने पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ करेगा आंदोलन। लखनऊ : बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों से मूल कार्य शिक्षण के अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के गैर शैक्षिणक कार्य लिये जाते रहे हैं। जबकि हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य लेने पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है। वावजूद इसके प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारी लगातार शिक्षकों पर गैर शैक्षणिक कार्य थोप रहे हैं। इसी कड़ी में प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग का कार्य बीआरसी पर तैनात प्रशिक्षित कम्यूटर ऑपरेटर्स की जगह शिक्षकों से कराए जाने को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने शिक्षकों के मूल दायित्व से इतर व अव्यवहारिक बताया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजे गए ज्ञापन के बारे में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश प्राथमिक संवर्ग के प्रदेशीय अध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा जारी विभिन्न आदेशों के क्रम में प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग/अपलोडिंग का कार्य प्रधानाध्यापकों/प्रभारी प्रधानाध्यापकों से कराए जाने हेतु दबाव बनाया जा रहा है, जबकि इस तरह के जटिल तकनीकी कार्य हेतु बीआरसी पर प्रशिक्षित कम्प्यूटर ऑपरेटर तैनात किए गए हैं। प्रदेशीय महामन्त्री भगवती सिंह ने बताया कि डाटा फीडिंग हेतु परिषदीय विद्यालयों में ना तो कम्प्यूटर, टेबलेट जैसे आवश्यक उपकरण हैं और ना ही अधिकांश शिक्षक डाटा फीडिंग जैसे जटिल कार्य को कर पाने में दक्ष हैं। ऐसी स्थिति में शिक्षक प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग/अपलोडिंग करने में असमर्थ हैं। कार्यकारी अध्यक्ष मातादीन द्विवेदी ने बताया कि कतिपय जनपदों में उक्त कार्य मे शिथिलता होने पर शिक्षकों पर विभागीय कार्यवाही, वेतन अवरुद्ध करने आदि की चेतावनी दी जा रही है। अगर डाटा फीडिंग के नाम पर शिक्षकों का किसी भी प्रकार का उत्पीड़न किया जाता है, तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा। संगठन मंत्री शिवशंकर सिंह ने कहा कि डाटा फीडिंग का कार्य साधनविहीन व अप्रशिक्षित प्रधानाध्यापकों/प्रभारी प्रधानाध्यापकों से ना कराकर बीआरसी पर तैनात कम्प्यूटर ऑपरेटर्स से कराया जाए, जिससे शिक्षक अपने मूल दायित्व पठन-पाठन को पूर्ण मनोयोग से कर सकें। उक्त जानकारी प्रदेशीय मीडिया प्रमुख बृजेश श्रीवास्तव ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है। प्रयागराज। प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग का काम शिक्षकों से कराने का राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने विरोध किया है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद को भेजे पत्र में कहा गया है कि डाटा फीडिंग का काम बीआरसी पर तैनात कंप्यूटर आपरेटर से कराया जाए। संघ का कहना है कि डाटा फोर्डिंग के नाम पर शिक्षकों का उत्पीड़न नहीं रुका तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजे पत्र में कहा गया है कि विभाग की ओर से जारी आदेशों के बाद प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग, अपलोडिंग के लिए प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों पर दबाव बनाया जा रहा है।
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ग्रेटर नोएडा : आज करप्शन फ्री इंडिया संगठन के कार्यकर्ताओं ने संजय भैया तुगलपुर के नेतृत्व में बिलासपुर कस्बे के अंतर्गत बिलासपुर में सड़क के दोनों ओर डाले जा रहे कूड़ा व कचरे के निस्तारण की मांग को लेकर अधिशासी अधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन नगर पंचायत चैयरमेन शाबिर कुरैशी को सौपा। करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौ.प्रवीण भारतीय ने बताया कि बिलासपुर कस्बे में कूड़े व कचरे की समस्या बहुत बड़े स्तर पर बनी हुई है।जिसको लेकर कस्बे के लोग काफी परेशान है। उन्होंने बताया कि नगर-पंचायत बिलासपुर के सफाई -कर्मचारियों द्वारा सड़क के दोनों तरह कूड़े व कचरे को डाल देते है जिससे बदबू व गन्दगी के अंबार लगे हुए है।संजय भैया तुगलपुर ने बताया कि केंद्र सरकार की "स्वच्छ भारत अभियान" को नगर पंचायत के सफाई कर्मचारी विफल कर रहे है।जिससे बिलासपुर कस्बे के लोगो का जीवन नरकीय हो चुका है। जिला अध्यक्ष मा. दिनेश नागर ने बताया कि गर्मी के मौसम में गंदगी के कारण संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना हुआ है।जिसके कस्बे के लोग सहमे हुए है तथा कूड़े के कारण रोड से निकलने वाले लोगो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।इसलिए आज संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा कूड़े के निस्तारण के लिए ज्ञापन सौपकर मांग की गई कि जल्द ही कूड़े के निस्तारण के लिए डम्पिंग ग्राउंड की व्यवस्था की जाए ,जिससे कूड़े की समस्या से कस्बे के लोगो को निजात मिल सके।अन्यथा संगठन धरने-प्रदर्शन को बाध्य होगा। जिस पर चैयरमेन साबिर कुरैशी ने कहा कि बहुत जल्द कूड़े की समस्या का समाधान करके कस्बे के लोगो को कूड़े से निजात दिलाई जाएगी। इस दौरान जिला सरंक्षक संजय भैया तुगलपुर, जतन भाटी, बृजेश भाटी, मा. दिनेश नागर,प्रेम प्रधान, एडवोकेट रवि चेची, अरुण नागर,प्रमोद भाटी ईशेपुर व आजाद अधाना आदि उपस्थित रहे।
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Bhojpuri Gana: 'सईया जी दिल्ली जाये ना देबो' Bhojpuri Gana: 'सईया जी दिल्ली जाये ना देबो' भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह (Akshara Singh) इन दिनों काफी एक्टिव रहती हैं। आए दिन एक्ट्रेस के फोटोज और वीडियोज वायरल होते रहते हैं। हाल ही में एक्ट्रेस का एक गाना रिलीज हुआ है। एक्ट्रेस का 'सईया जी दिल्ली जाये ना देबो' (Saiya Ji Dilli Jaye Na Debo) गाना दो दिन पहले ही रिलीज हुआ है। इस गाने की रिलीज के साथ ही एक्ट्रेस एक बार फिर खबरों में आ गई हैं। गाने में अक्षरा की एक्टिंग के उनके फैंस दीवाने हो गए हैं।
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हर किसी इंसान की धन प्राप्ति की प्रमुख रूप से आंकाक्षा होती है कि उसे बहुत सारा धन मिले । अब वक्त आ गया है कि जब कुछ लोगों की यह कमाना पूरी हो जाएगी । दरअसल 20 से 27 तारीख के बीच कुछ चुनिंदा राशियों के लिए धन का बेहतरीन योग बन रहा है । यही नहीं इन राशि वालों के लिए रोजगार के ने अवसर भी बनेंगे यानि अनंत अवसर हैं । व्यापार और नौकरी के अंदर लाभ प्राप्ति का विशेष योग भी होगा ।ये तमाम राशि वाले आर्थिक समस्यओं से छुटकारा पाए जाएंगे ।दिवाली से पहले माता लक्ष्मी की इन पर कृपा होगी। इसके अलावा अगर ये राशि वाले व्यापार के क्षेत्र में संभावानएं तलाश रहे हैं तो वहां सफलता मिलने के पूरे अवसर हैं। यानी एक तरह से इन राशि वालों के बिगड़ने काम तक बन जाएंगे । जिन राशियों के जातको की किस्मत चमकने वाली है, इन राशियों के नाम मेष, तुला, सिंह, वृश्चिक, कुंभ और कन्या है। इन तरह के ज्योतिष योग से ऐसा लगता है कि इन राशि वालों का भाग्य उदय होने वाला है।
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'जनसंख्या विस्फोट' को रोकने के लिए आप्रवासी मुसलमानों को परिवार नियोजन के तरीक़े अपनाने चाहिए. छोटे परिवार कैसे हों, इस पर काम हो. जनसंख्या विस्फोट जारी रहा तो एक दिन कामाख्या मंदिर की ज़मीन पर भी क़ब्ज़ा कर लिया जाएगा. हम अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के साथ मिलकर जनसंख्या विस्फोट को नियंत्रित करने के लिए काम करना चाहते हैं. जनसंख्या विस्फोट ग़रीबी और अतिक्रमण जैसी सामाजिक बुराइयों की जड़ है. इस मुद्दे पर बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ़ और ऑल असम माइनॉरिटी स्टूडेंट्स यूनियन (एएएमएसयू) के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं. मुसलमानों की आबादी को लेकर कई बार कई दावे सामने आते रहे हैं. आईए इस ताज़ा बयान के मद्देनज़र असम में मुसलमानों की आबादी की सच्चाई की पड़ताल करें. असम में बांग्लादेशी हिंदू बने गले की हड्डी? क्या मुसलमान महिलाएँ बहुत ज़्यादा बच्चे पैदा कर रही हैं? तो पहला सवाल यही है कि क्या असम के मुसलमानों की आबादी बढ़ती जा रही है? इस मामले में सबसे अहम दस्तावेज़ राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) की तीन दशकों की पाँच रिपोर्टें हैं. ये बतौर सुबूत ढेर सारे ज़मीनी तथ्य देती हैं. इनके मुताबिक़, असम की प्रजनन दर, देश के औसत से लगभग तालमेल बैठाती रही है. प्रजनन दर यानी किसी आबादी में 15-49 साल के बीच की कोई स्त्री, औसत कितने बच्चों को जन्म दे सकती है. साल 2005-06 में जब राष्ट्रीय स्तर पर प्रजनन दर 2.7 थी तो असम में 2.4 थी. ताज़ा रिपोर्ट में तो यह दर 1.87 पर पहुँच गयी है. यानी प्रजनन दर 2.1 के उस लाइन से भी नीचे चली गयी है, जिसे हासिल करने की लगातार कोशिश हो रही है. कह सकते हैं, असम की प्रजनन दर जनसंख्या के स्थिर हो जाने की तरफ़ क़दम बढ़ाती दिख रही है. सवाल है कि जिस राज्य में लगभग एक तिहाई आबादी मुसलमानों की है, वह प्रजनन दर को क़ाबू में करने में ऐसी कामयाबी की तरफ़ कैसे बढ़ गया? क्या यह सिर्फ़ ग़ैर मुसलमानों की वजह से हुआ? जानकार मानते हैं, ऐसा नहीं हो सकता है. तो ये आँकड़े देखते हैं. लगभग तीन दशकों में असम की कुल प्रजनन दर लगभग आधा कम हो गई है. साल 1992-93 में जहाँ यह दर 3.53 थी तो एनएफ़एचएस (NFHS) की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि साल 2019-20 में यह 1.87 पर पहुँच गई है. यह सही है कि मुसलमानों की प्रजनन दर बाक़ी धर्म मानने वालों से ज़्यादा है. मगर इस दर के घटने की रफ़्तार बहुत तेज़ है. असम में 15 सालों में हिंदुओं की प्रजनन दर 0.36 अंक घटकर 2 से 1.59 तक पहुँच गई है. जबकि मुसलमानों की प्रजनन दर लगभग सवा अंक घटकर 3.64 से 2.38 तक पहुँच गई है. ध्यान रहे, यह 2.1 की दर से बहुत मामूली कम है. वैसे देखा जाए तो एनएफ़एचएस (NFHS) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़, असम में सबसे कम प्रजनन दर ईसाइयों की है. इसके बाद अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति की है. उसके हिन्दू और मुसलमान आते हैं. तो घटती प्रजनन दर यह बता रही है कि असम में मुसलमान संतान पैदा करने में नहीं जुटे हैं. उनकी दर कहीं से बढ़ती नज़र नहीं आ रही है. नागरिकता संशोधनः असम में 'गुस्सा' क्यों फूटा? कहने वाले कहेंगे... लेकिन मुसलमानों की प्रजनन दर बाक़ियों से ज़्यादा तो है. सच है. मगर उसका रिश्ता कई चीज़ों से है. उनमें से एक शिक्षा है. दूसरी, मुसलमानों की आर्थिक स्थिति. अन्य धर्मों को मानने वालों की तुलना में मुसलमान इसमें पीछे हैं. प्रजनन दर के बढ़ने-घटने का रिश्ता स्त्रियों की पढ़ाई से साफ़ दिखता है. एनएफ़एचएस (NFHS) अपनी रिपोर्ट में इस बात की ओर ख़ास तौर पर ध्यान दिलाता है. एनएफ़एचएस-5 के मुताबिक़, 12वीं पास महिला की तुलना में, उनके बच्चे ज़्यादा हैं, जो महिलाएँ स्कूल नहीं जा पाई हैं. यानी अगर किसी समुदाय में पढ़े-लिखे लोगों और ख़ासकर पढ़ी-लिखी महिलाओं की संख्या कम है तो उस समुदाय की प्रजनन दर ज़्यादा हो सकती है. साल 2011 की जनगणना से कुछ समझा जा सकता है. साल 2011 की जनगणना के मुताबिक़ असम में हिंदुओं की साक्षरता दर 77.67 फ़ीसद है. दूसरी ओर, मुसलमानों की साक्षरता दर 61.92 फ़ीसद है. यानी साक्षरता के मामले में दोनों समुदायों के बीच 15.75 फ़ीसद का बड़ा फ़र्क़ है. यही नहीं, असम में मुसलमानों के बीच साक्षरता बाक़ी सभी धार्मिक समूहों से कम है. यह फ़र्क़ इंसान की सामाजिक तरक़्क़ी के हर पहलू पर असर डालता है. चाहे वह ख़ानदान को छोटा या अपने बस में रखने का मामला हो या ज़िंदगी के किसी और क्षेत्र में आगे बढ़ने का मसला हो. प्रजनन का रिश्ता बेहतर शिक्षा, अच्छी माली हालत के साथ-साथ, गर्भ रोकने के उपायों की जानकारी से भी हैं. इन उपायों के आसानी से मिलने और इनके इस्तेमाल से भी है. आमतौर पर यह मान लिया गया है कि मुसलमान परिवार नियोजित करने के तरीक़े नहीं अपनाते. क्यों नहीं अपनाते, इसके बारे में अलग-अलग लोगों की अलग-अलग राय है. असम की कहानी यहाँ भी अलग है. असम में गर्भनिरोधकों का इस्तेमाल साल 2005-06 में एनएफ़एच-4 के दौरान लगभग राष्ट्रीय औसत के बराबर था. यानी राष्ट्रीय स्तर पर यह दर 56 फ़ीसद थी तो असम में 57. गर्भनिरोधकों का इस्तेमाल एनएफ़एचएस-4 (52 फ़ीसद) की तुलना में एनएफ़एचएस-5 (61 फ़ीसद) में बढ़ा है. यही नहीं, गर्भनिरोधकों के इस्तेमाल के मामले में राज्य में शहरी और ग्रामीण इलाक़ों में अंतर नहीं पाया गया. एनएफ़एचएस-5 की रिपोर्ट के मुताबिक़, असम में हिन्दुओं, मुसलमानों, ईसाइयों, अनुसूचित जाति और जनजाति के बीच गर्भनिरोधकों के इस्तेमाल में अंतर बहुत कम है. जैसी छवि बनायी गयी है, उससे बिल्कुल उलट यहाँ मुसलमान (60.1), हिन्दुओं (61.1) से महज़ एक फ़ीसद पीछे हैं और हिन्दुओं से ज़्यादा ईसाई और अनुसूचित जनजाति की महिलाएं गर्भ से बचने के तरीक़े इस्तेमाल करती हैं. और अगर एनएफ़एचएस तीन और पाँच के 15 साल में देखें तो हिन्दुओं के परिवार नियोजन के साधन अपनाने में मामूली कमी ही आई है. दूसरी ओर मुसलमानों ने लगभग 14 फ़ीसद की छलांग लगाई है. एनएफ़एचएस-3 के वक़्त हिन्दुओं में गर्भनिरोधक के तरीक़े अपनाने का प्रतिशत 63.3 था तो मुसलमानों में 46.1. मुसलमानों में परिवार नियोजन के लिए तरीक़े अपनाने वाले साल दर साल लगातार बढ़ रहे हैं. अब वे 60 फ़ीसद तक पहुँच गए हैं. गर्भ ठहरने से बचने के आधुनिक तरीक़े इस्तेमाल करने के मामले में असम के उदाहरण से एक और बात समझ में आती है. अगर पिछले ढाई दशकों के आँकड़े देखें तो मुसलमानों में गर्भनिरोधकों के आधुनिक तरीक़े अपनाने वालों की तादाद लगभग साढ़े तीन गुना बढ़ी है. एनएफ़एचएस-2 के वक़्त आधुनिक तरीक़े अपनाने वाले मुसलमान महज़ 14.9 फ़ीसद थे. एनएफ़एचएस-5 के ताज़ा आँकड़े बता रहे हैं कि ऐसे मुसलमानों की तादाद 34.7 फ़ीसद बढ़कर 49.6 फ़ीसद हो गयी है. दूसरी ओर, इसी दौर में हिन्दुओं में आधुनिक तरीक़े अपनाने वाले 33 फ़ीसद से बढ़कर 42.8 फ़ीसद हुए हैं. आधुनिक तरीक़े अपनाने में असम के सभी धार्मिक समूहों में मुसलमान सबसे आगे हैं. एनआरसी से हिंदुओं के लिए बंद दरवाज़े खोलेगा सीएबी? असम की एक और दिलचस्प बात है जो बहुत अहम भी है. एनएफ़एचएस (NFHS) के शुरुआती दौर से देखा जा रहा है कि असम में गर्भ से बचने के पारम्परिक तरीक़ों का इस्तेमाल करने वालों की तादाद ज़्यादा है. एनएफ़एचएस-3 के मुताबिक़, भारत के सभी राज्यों से ज़्यादा पारम्परिक तरीक़े असम में इस्तेमाल किए जाते हैं. मुसलमानों में प्रजनन दर साल दर साल लगातार तेज़ी से घट रही है. वह घटते हुए जनसंख्या स्थिर होने के आँकड़े तक पहुँच गया है. प्रजनन दर की यह गिरावट बाक़ी समुदायों की तुलना में सबसे ज़्यादा है. साक्षरता दर में इतने बड़े फ़र्क़ से पीछे होने के बाद भी असम के मुसलमानों की प्रजनन दर बाक़ियों की तुलना में बहुत ज़्यादा नहीं है. यही नहीं, वह बढ़ नहीं रही है बल्कि लगातार घट रही है. मुसलमानों के बारे में फैलाये गये एक और मिथक और भ्रम को असम तोड़ता है कि वे परिवार नियोजन के लिए आधुनिक साधन नहीं अपनाते हैं. आँकड़े बता रहे हैं, कि सभी धार्मिक समूहों में सबसे ज़्यादा आधुनिक साधन वही अपना रहे हैं.
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भारत ने 50 ओवरों में 256 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड ने 45वें ओवर में ही मैच जीत लिया। लीड्स में खेले गए वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने जो रूट 100(120) के शतक और कप्तान इयोन मॉर्गन की 108 गेंदों पर 88 रन की पारी की मदद से आठ विकेट से अपने नाम कर लिया है। इसके साथ ही तीन मैचों की वनडे सीरीज को इंग्लैंड ने 2-1 से तीन लिया है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 256 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड ने 45वें ओवर में ही मैच जीत लिया। भारत के तीन विकेट निकालने वाले आदिल राशिद को मैन ऑफ द मैच दिया गया, जबकि लगातार दो मैचों में शतक लगाकर सीरीज में जीत सुनिश्चित करने वाले जो रूट को मैन ऑफ द सीरीज से नवाजा गया। वनडे में लगातार नौ द्विपक्षीय सीरीज जितने के बाद 10वीं सीरीज में हार के साथ भारत का विजय रथ यहीं रुक गया है। इंग्लैंड ने भारत को हरकर अब लगातार आठ द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत ली हैं। इंग्लैंड साल 2011 में भारत से आखिरी बार वनडे सीरीज जीता था। 74 के स्कोर के पर दो विकेट गिरने के बाद कप्तान इयोन 88(108) और जो रूट 100(129) ने मैदान पर मोर्चा संभाला। यहां से दोनों मैच को अंत तक लेकर गए। दोनों के बीच 186 रन की नाबाद साझेदारी बनी। अपनी पारी में रूट ने 10 चौके लगाए। मॉर्गन ने नौ चौके और एक छक्का लगाया। रूट ने इससे पहले लॉर्ड्स वनडे के दौरान भी शतक लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाई थी। इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी रही। सलामी बल्लेबाज जोनी बेयरस्टो और जेम्स विन्स ने पहले विकेट के लिए 43 रन जोड़े। मैच के तीसरे ही ओवर में इंग्लैंड ने अपने इरादे साफ कर दिए। भुवनेश्वर कुमार के ओवर में चार चौकों की मदद से जोनी बेयरस्टो ने 16 रन बनाए। जिसके बाद चौथा ओवर हार्दिक पांड्या को दिया गया। बेयरस्टो ने तीन चौके लगा इस ओवर में 15 रन बनाए। पांचवे ओवर में शार्दुल ठाकुर ने सुरेश रैना के हाथों कैच आउट करा बेयरस्टो को पवेलियन भेजा। जल्द ही जेम्स विन्स को हार्दिक पांड्या और महेंद्र सिंह धोनी ने मिलकर रनआउट कर दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए रोहित शर्मा 2(18) और शिखर धवन 44(49) ने पारी की शुरुआत की। दोनों ने बेहद धीमी गति से रन बनाए। छठे ओवर में रोहित डेविड विली का शिकार बने। शॉट लगाने के चक्कर में वो मार्क वुड को आसान कैच थमा बैठे। कप्तान विराट कोहली 71(72) ने धवन के साथ मोर्चा संभाला। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए साथ मिलकर 71 रन जोड़े। 18वें ओवर में पिच पर तालमेल की कमी के कारण धवन रनआउट हो गए। बेन स्टोक्स के डायरेक्ट हिट के कारण धवन को वापस पवेलियन लौटना पड़ा। 84 पर दूसरा विकेट गिरने के बाद चौथे नंबर पर दिनेश कार्तिक खेलने आए। उन्हें केएल राहुल की जगह प्लेइंग इलेवन में जगह दी गई थी। हालांकि 22 गेंद पर 21 रन बनाकर कार्तिक आदिल राशिद की गेंद पर बोल्ड हो गए। कार्तिक ने कप्तान के साथ मिलकर 41 रन जोड़े। जिस समय वो आउट हुए टीम का स्कोर 125/3 था।अर्धशतकीय पारी खेलने के बाद विराट कोहली 31वें ओवर में आदिल राशिद का शिकार बने। इसी ओवर में सुरेश रैना 1(4) भी आउट होकर चलते बने। मैदान पर हार्दिक पांड्या 21(21) ने महेंद्र सिंह धोनी 42(66) के साथ कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन मार्क वुड ने 39वें ओवर में विकेटकीपर जोस बटलर के हाथों कैच आउट करा उन्हें चलता किया। जिस समय धोनी आउट हुए उस वक्त भारत का स्कोर 221/7 था। इंग्लैंड के समाने सम्मानजनक स्कोर बनाने के लिए भुवनेश्वर कुमार21(35) ने शार्दुल ठाकुर22*(13) के साथ मोर्चा संभाला। दोनों ने साथ मिलकर 35 रन जोड़े। 50वें ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का लगाने के चक्कर में भुवनेश्वर कुमार डेविड विली की गेंद पर जोनी बेयरस्टो को कैच थमा बैठे। हालांकि तबतक भारत का स्कोर 256 रन बन चुका था।
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दिल्ली में 18-44 उम्र के लोगों के लिए कोवैक्सीन का स्टॉक खत्म, 125 टीका केंद्र कल से बंद delhi aap mla atishi said covaccine stock is empty due to it 125 vaccination centers have to be shut down from today nodmk8\nदिल्ली में 18-44 उम्र के लोगों के लिए कोवैक्सीन का स्टॉक खत्म, 125 टीका केंद्र कल से बंद\nआप की विधायक आतिशी ने केंद्र सरकार से दिल्ली को बड़ी मात्रा में वैक्सीन तुरंत उपलब्ध कराने की अपील की है\nआप विधायक आतिशी (Atishi) ने वैक्सीन बुलेटिन जारी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पर्याप्त वैक्सीन की आपूर्ति नहीं की गई तो हमारे पास टीकाकरण अभियान (Vaccine Drive) को रोकने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा. उन्होंने कहा कि हेल्थ केयर वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए कोवैक्सीन का पांच दिन और कोविशील्ड का चार दिन का स्टॉक उपलब्ध है\nनई दिल्ली. आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी (AAP MLA Atishi) ने मंगलवार को वैक्सीन बुलेटिन (Vaccine Bulletin) जारी करते हुए कहा कि दिल्ली में 18 से 44 वर्ष उम्र तक के लोगों के लिए कोवैक्सीन (Covaccine) का स्टॉक खत्म हो गया है. वैक्सीन की कमी के चलते 125 से अधिक वैक्सीन केंद्रों (Vaccine Center) को मंगलवार के बाद से बंद करना पड़ेगा. दिल्ली (Delhi) में कोविशील्ड का 18 से 44 वर्ष तक के युवाओं के लिए सिर्फ तीन दिन का स्टॉक बचा है. केंद्र सरकार की ओर से पर्याप्त वैक्सीन की आपूर्ति नहीं की गई तो हमारे पास टीकाकरण अभियान को रोकने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा. उन्होंने कहा कि हेल्थ केयर वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए कोवैक्सीन का पांच दिन और कोविशील्ड का चार दिन का स्टॉक उपलब्ध है.\nउन्होंने कहा कि दिल्ली में अभी तक सबसे ज्यादा 10 मई को 1,39,261 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है. इसके लिए हम स्वास्थ्य विभाग, हेल्थ केयर वर्कर और स्कूल कर्मचारियों को बधाई देते हैं. दिल्ली सरकार केंद्र से अनुरोध करती है कि दिल्ली ने सबसे इस महामारी का ज्यादा कहर झेला है. इसलिए दिल्ली के लोगों के लिए कोवैक्सीन और कोवीशील्ड के स्टॉक जल्द उपलब्ध करवाया जाए. हमें सूचना मिली है कि दिल्ली को कोवीशील्ड की 2,67,690 वैक्सीन मंगलवार शाम तक केंद्र सरकार की तरफ से मिल जाएगी. दिल्ली और पूरा देश आज बहुत विकट परिस्थिति से गुजर रहा है. ऐसा कोई परिवार नहीं बचा है जो कोरोना से प्रभावित ना हो, इससे बचने का एकमात्र तरीका टीकाकरण है.\nआप विधायक ने कहा कि दिल्ली में अभी दो श्रेणी में वैक्सीनेशन हो रहा है. पहली श्रेणी में हेल्थ केयर वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगायी जा रही है. इस श्रेणी के लिए दिल्ली को अभी तक 43,20,490 वैक्सीन मिली है. दिल्ली में 11 मई की सुबह तक इसमें से 39.22 लाख वैक्सीन लगायी जा चुकी हैं और 3.98 लाख शेष वैक्सीन उपलब्ध है. इसके अलावा 18 से 45 वर्ष तक के लोगों के वैक्सीनेशन के लिए दिल्ली को अभी तक कुल 5.50 लाख डोज मिली है जिसमें कोवैक्सीन की डेढ़ लाख और कोविशील्ड की चार लाख डोज शामिल हैं. इनमें से सोमवार की शाम तक 3.30 लाख वैक्सीन लगायी जा चुकी हैं और 2.19 लाख डोज मौजूद थीं.
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परावर्तन (अंग्रेज़ीःReflection) अर्थात् "जब कोई प्रकाश की किरण एक माध्यम से चलकर दूसरे माध्यम की सतह से टकराकर वापस उसी माध्यम में लौट आये तो इस घटना अथवा क्रिया को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।" 1.आने वाली किरण (आपाती किरण), परावर्तित किरण (जाने वाली किरण) एवं अभिलम्ब तीनों एक ही तल में होते हैं। इसका अर्थ यह निकलता है कि जितने कोण पर कोई प्रकाश की किरण किसी दर्पण पर गिरेगी, वह उतने ही कोण से गिरने के पश्चात वापस चली जायेगी। 3.परावर्तन की क्रिया में प्रकाश की आवृति एवं चाल परिवर्तित नहीं होती अर्थात् प्रकाश की ऊर्जा कम नहीं होती है।
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बुढ़ापा निश्चित है। फिर भी हम कुछ सावधानी अपनाकर अपने रहन-सहन आहार-विहार में परिवर्तन कर इसे समय से पहले आने से रोक सकते है। लखनऊ। बुढ़ापे का ध्यान आते ही मन सिहर जाता है। दांत विहीन मुंह चेहरे पर झुर्रियां, कमजोर शरीर, जोड़ों में दर्द, यही है बुढ़ापे की निशानी। बुढ़ापा आना शरीर की एक निश्चित प्रक्रिया है, शरीर की कोशिकाओं के काम करने की एक सीमा होती है जब यह सीमा समाप्त हो जाती है तब बुढ़ापा घेरने लगता है। बुढ़ापा निश्चित है। फिर भी हम कुछ सावधानी अपनाकर अपने रहन-सहन आहार-विहार में परिवर्तन कर इसे समय से पहले आने से रोक सकते है। होम्योपैथिक दवाइयां बुढ़ापे को समय से पूर्व आने से रोक सकने में सक्षम तो हैं ही साथ ही बुढ़ापे की तकलीफ को कम करने एवं उनसे छुटकारा दिलाने में भी लाभदायक हैं। जवानी का भरा-पूरा शरीर बुढ़ापे में कमजोर हो जाता है। शरीर में ताकत नहीं रहती। उठना-बैठना मुश्किल हो जाता है। इस समस्या से बचने के लिए जरूरी है कि युवा अवस्था में संतुलित और पौष्टिक आहार लिया जाए। बुढ़ापे में शरीर की कमजोरी को दुरूस्त रखने के लिए अल्काल्फा क्यू एवं ऐबेना सेटाइवा क्यू का प्रयोग किया जा सकता है। बुढ़ापा कष्टदायक न हो। वह समय से पहले न आये इसके लिये होम्योपैथिक दवाइयों का प्रयोग करें। वृद्धावस्था की एक बड़ी समस्या है भूलने की आदत चिकित्सीय भाषा में इसे सेनाइल डिमेन्सिया कहा जाता है। एसिडफास, लाइकोपोडियम, वैराइटाकार्व एवं एनाकार्डियम आदि दवाइयां चिकित्सक की सलाह पर ली जाएं तो भूलने की समस्या पर काबू पाया जा सकता है। वृद्धावस्था में प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने की सम्भावना ज्यादा रहती है। इस रोग में पेशाब के समय दर्द आदि तकलीफें होती है। जब प्रोस्टेट ग्रंथि ज्यादा बढ़ जाती है तो एलोपैथिक चिकित्सक केवल आॅपरेशन का उपाय बताते है। जबकि होम्योपैथिक दवाईयों द्वारा इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है। इस रोग में पेशाब में जलन, बूंद-बूंद कर पेशाब आना, पेशाब के समय दर्द आदि तकलीफें होती है। इस समस्या से निबटने में सेवल सेरूलाटा क्यू, पेराआरा ब्रावा क्यू, मर्कसाल आदि दवाइयां काफी लाभप्रद है। वृद्धावस्था में आर्थराइटिस, गठिया एवं जोड़ों के रोग घेर लेेते हैं। इसमें रसटाक्स, लीडम पाल, रूटा जी, अर्निका, ब्रायोनिया जैसी दवाइयां रामबाण की तरह असर करती है। वृद्धावस्था में रक्त धमनियों में मोटेपन की समस्या ज्यादा रहती है। चिकित्सीय भाषा में इसे आर्टिरयो स्क्लोरोसिस कहा जाता है। काली म्यूर, ब्राइटा म्योर, आरम नेट्रम म्यूरेटिकम जैसी होम्योपैथिक दवाइयां इस समस्या से निबटने में काफी कारगर हैं। वृद्धावस्था का सबसे पहले असर त्वचा पर पड़ना शुरू होता है। विशेषकर चेहरे की त्वचा परात्वचा ढीली हो जाती है। इससे चेहरे पर झुर्रियां पड़ जाती हैं। इससे बचने के लिए आवश्यक है कि शरीर को गर्म हवा, तेज धूप, गंदगी से बचाएं। व्यायाम करें खुली हवा में टहले। होम्योपैथी की सीपिया, सिकेल का साइलीसिया और सारसपरिला आदि दवाइयां बुढ़ापे की झुर्रियों से मुक्ति दिला सकती है। भोजन में पौष्टिक तत्वों की कमी, क्षमता से अधिक मेहनत, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का अभाव, मानसिक तनाव आदि। यह सब ऐसी समस्याएं हैं जो आदमी को समय से पहले बूढ़ा और लाचार बना देती है। वृद्धावस्था में मोतियाबिंद की समस्या आम है। काफी लोग इससे पीडि़त रहते हैं। यदि समय से उपचार न कराया जाए तो अंधापन भी हो सकता है। सिनरेरिया मेरिटिमा सक्कस डालने की दवाई एवं कैल्केरिया फ्लोर एवं कोनियम खाने की होम्योपैथिक दवाइयां मोतियाबिंद होने से रोकती है। वृद्धावस्था में कुछ लोगों के कानों से सीटी की आवाजें आने लगती हैं। जिससे सुनने में काफी परेशानी होती है। इस समस्या के लिए थायोसिनमिनम होम्योपैथिक औषधि काफी फायदेमंद है। कम सुनाई पड़ने की समस्या में एम्ब्राग्रेसिया औषधि इस तकलीफ से छुटकारा दिलाने से सहायक होती है। बुढ़ापे में अनेक लोगों की कमर झुक जाती है। शरीर की हड्डियों में भुरभुरापन आदि यह कैल्शियम की कमी से होता है। यदि जवानी में कैल्शियम युक्त आहार पर्याप्त मात्रा में लिए जाएं व साथ ही साथ कैल्फेरिया कास 6 ग्राम मात्रा में प्रयोग किया जाए तो इस समस्या तथा इससे होने वाली तकलीफों से बचा जा सकता है। (लेखक होम्योपैथिक डॉक्टर हैं और सेंट्रल कॉन्सिल ऑफ होम्योपैथिक के मेंबर हैं।)
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अगर आप भी छोटे निवेश में बेहतर कमाई करना चाहते हैं तो शानदार मौका है। अगर आप भी छोटे निवेश में बेहतर कमाई करना चाहते हैं तो शानदार मौका है। ऐसे में हम आपको सुपरहिट बिजनेस (Superhit business idea) के बारे में बता रहे हैं। इस बिजनेस को आप कम पैसे में शुरू करके हर महीने 2 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। इसमें सरकार भी आपकी भरपूर मदद करेगी। आपको बता दें कि बकरी पालन (Goat farming business) एक ऐसा बिजनेस है जिसमें आपको बहुत कम निवेश में बंपर मुनाफा होगा। बकरी पालन व्यवसाय एक बहुत ही लाभदायक कारोबार (Profitable business) है और इस समय भारत में लोग बकरी पालन (goat rearing) के बिजनेस से मोटी रकम कमा (Earn money) रहे हैं। इस बिजनेस की खासियत है कि इसे आप अपने घर से शुरू कर सकते हैं। वर्तमान इसे एक कार्मशियल व्यवसाय माना जाता है, जो किसी देश की अर्थव्यवस्था और पोषण में बहुत योगदान देता है। इतना ही नहीं, बकरी फर्म (Goat Farm) ग्रामीण अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है यानी एक बड़ा समूह आज के समय में इस पर निर्भर है। बकरी पालन से दूध, खाद आदि कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं। इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको बहुत ज्यादा व्यवस्था की जरूरत नहीं है, यह बिजनेस बेहद आसान है। इस बिजनेस को शुरू करने में सरकार भी आपकी मदद करेगी। हरियाणा सरकार की तरफ से ग्रामीण क्षेत्र में पशुपालन को बढ़ावा देने एवं स्वरोजगार अपनाने के लिए पशुपालकों को 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है यानी सरकार की तरफ से आपको भरपूर मदद मिलेगी। अन्य राज्य सरकारें भी सब्सिडी देती है। साथ ही, भारत सरकार पशु पालन पर 35% तक सब्सिडी देती है यानी अगर आप भी ये बिजनेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन आपके पास पैसे नहीं हैं तब भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है। इसके लिए आप बैंकों से लोन ले सकते हैं। NABARD आपको बकरी पालन के लिए लोन देने के लिए उपलब्ध है।
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इस साल की शुरुआत में, किसानों का विरोध न केवल भारतीय मीडिया में बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी सुर्खियां बटोर रहा था। उस समय राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री ने किसानों और सिख समुदाय के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया था। उसने उन्हें खालिस्तानी आतंकवादी भी कहा।(Kangana Ranaut's Statement Against Farmers) अमरजीत सिंह संधू ने की शिकायत दर्ज (Kangana Ranaut's Statement Against Farmers) दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने कल एक्ट्रेस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और अब उपनगर पुलिस स्टेशन में एकंगना रनौत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत में अभिनेत्री पर जानबूझकर किसानों के विरोध (किसान मोर्चा) को खालिस्तानी आंदोलन के रूप में चित्रित करने और सिख समुदाय को खालिस्तानी आतंकवादी कहने का आरोप लगाया गया है। इतना ही नहीं डीएसजीएमसी ने शिकायत में यह भी बताया कि कंगना रनौत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों और तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी का संदर्भ दिया था। शिकायत के बाद, उस पर भारतीय दंड संहिता धारा 295ए। (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य, जिसका उद्देश्य किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को उसके धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करना है) के तहत मामला दर्ज किया गया है।(Kangana Ranaut's Statement Against Farmers) (Kangana Ranaut's Statement Against Farmers)
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भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स के मैदान पर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला शुरू हुआ। भारतीय टीम ने पहले दिन के खेल के बाद 3 विकेट के नुकसान पर 276 रन बना लिए है। इसी बीच मैदान पर इंग्लैंड के दो बल्लेबाज डोमिनिक सिबली और हसीब हमीद ने कुछ ऐसा किया जिससे मैदान पर बैठे दर्शकों हंसी आ गई। 59वें ओवर में भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कवर्स में एक शानदार शॉट लगाया। तब गेंदबाजी की कमान युवा सैम कुरेन के हाथों में थी। गेंद को 4 रन से बचाने के लिए इंग्लैंड के दो फील्ड सिबली और हमीद गेंद के पीछे भागे। गेंद सिबली के पाले में थी और गेंद इससे पहले बाउंड्री में टकराये उन्होंने एक शानदार डाइव लगाते हुए गेंद को चौका जाने से रोक लिया। हमीद भी गेंद तक पहुंच गए थे। हालांकि सिबली के साथ-साथ गेंद को बचाने के लिए भाग रहे हसीब हमीद को जब लगा कि सिबली गेंद को रोक लेंगे और खुद को सिबली से टकराने से बचाने के लिए उन्होंने सिबली से थोड़ी दूर पर डाइव लगाया। भारत की ओर से रोहित शर्मा और केएल राहुल ने टीम को एक शानदार शुरुआत दी। 126 के स्कोर पर भारत का पहला विकेट गिरा जब रोहित शर्मा 83 रनों के निजी स्कोर पर आउट हुए। हालांकि केएल राहुल ने गलती नहीं कि और एक शानदार शतक जमाते हुए वो अभी भी क्रीज पर मौजूद है। कप्तान कोहली को एक अच्छी शुरुआत जरूर मिली लेकिन वो भी 42 रन बनाकर ओली रॉबिंसन का शिकार बने।
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लखनऊ। लगातार बढ़ते रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरकता घटती जा रही है। ऐसे में किसान इस समय हरी खाद का प्रयोग करके न केवल अच्छा उत्पादन पा सकते हैं, साथ ही मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बढ़ाई जा सकती है। हरी खाद उस सहायक फसल को कहते हैं, जिसकी खेती मिट्टी में पोषक तत्त्वों को बढ़ाने और उसमें जैविक पदाथों की पूर्ति करने के लिए की जाती है। मई से जून महीने में ढैंचा जैसी हरी खाद की बुवाई की जाती है और अगस्त महीने में इसकी कटाई की जाती है। इस विधि में हरी खाद की फसल को उसी खेत में उगाया जाता है, जिसमें हरी खाद का प्रयोग करना होता है। फसल तैयार होने के बाद लगभग 40-50 दिनों में फूल आने से पहले ही मिट्टी को पलट दिया जाता है। मिट्टी में थोड़ी नमी होने से से ये अच्छी तरह से सड़ जाती है। जब फसल की बढ़वार अच्छी हो गई हो और फूल आने के पहले इसे हल या डिस्क हैरो से खेत में पलट कर पाटा चला देना चाहिए। यदि खेत में पांच-छह सेमी. पानी भरा रहता है तो पलटने व मिट्टी में दबाने में कम मेहनत लगती है। जुताई उसी दिशा में करनी चाहिए जिसमें पौधों को गिराया गया हो। इसके बाद खेत में आठ-दस दिन तक चार-छह सेमी पानी भरा रहना चाहिए जिससे पौधों के अपघटन में सुविधा होती है। यदि पौधों को दबाते समय खेत में पानी की कमी हो या देर से जुताई की जाती है तो पौधों के अपघटन में अधिक समय लगता है।
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इन दिनों स्टार्स घर का काम करते हुए, सफाई करते हुए, वर्कआउट करते हुए, खान बनाते हुए जैसी वीडियोज खूब शेयर कर रहे हैं। लेकिन ऐसी वीडियोज देखकर अब टेनिस प्लेयर सानिया मिर्जा का गुस्सा फूट पड़ा है। सानिया ने ट्वीट करते हुए लिखा 'केवल, इतना ही कहना था कि सैंकड़ों, हजारों लोग ऐसे हैं खासकर हमारे तरफ, इस दुनिया में जो भूख की वजह से मर रहे हैं और दिन भर खाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं ताकि अगर उनका भाग्य हो तो उन्हें एक वक्त का खाना नसीब हो जाए।' सानिया के इस ट्वीट का बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा अपनी प्रतिक्रिया दी है। दीया ने लिखा, 'सानिया, मैं आपको नहीं बता सकती कि मैंने इस बारे में कितनी बार सोचा...विशेष रूप से इंस्टा पर ऐसी पोस्ट्स, लेकिन मुझे लगता है कि हर किसी का मुकाबला करने का अपना तरीका है। एक चीज जो मैं रोज सीख रही हूं, वो ये है कि ये जजमेंट पास करने का समय नहीं है। तो सबसे अच्छा है कि हम अपना काम करें और अपना रास्ता खोजें।' दीया मिर्जा की इस बात पर यामी गौतम ने भी सहमति जताई है। उन्होंने लिखा, मैं सहमत हूं दीया! हर कोई वंचितों की मदद करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे रहा है। एक भी व्यक्ति, जिसे मैं जानती हूं, हमारे पास जो कुछ भी है उसके लिए आभार व्यक्त करना भूल जाता है। पूरे देश में लॉकडाउन लागू है ऐसे समय में कोई इसमें वो क्या व्यक्त करना चाहते है उन पर छोड़ दें , उन्हें केवल सकारात्मकता और प्रयास करने दें।'
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समुद्र शास्त्र के अनुसार मनुष्य के शरीर के तिल किसी न किसी बात की सूचना देते हैं। हर तिल का अपना महत्व होता है। कोई तिल शुभ तो कोई अशुभ फल देता है। कौन सा तिल सौभाग्यशाली और कौन सा परेशानी देने वाला है ये उस तिल के स्थान से पता चलता है। अतः तिल शरीर के किस हिस्से में मौजूद है उससे उसके प्रभाव के बारे में बताया जा सकता है जानिए शरीर पर मौजूद तिलों का रहस्य.... - अगर किसी व्यक्ति के ललाट के मध्य भाग में तिल है तो उसे निर्मल प्रेम की निशानी माना जाता है। ललाट के दाहिने तरफ तिल का होना काम में निपुणता लेकिन बायीं तरफ तिल का होना खर्चीले स्वभाव को दर्शाता है। - दोनों भौहों पर तिल होना अत्याधिक यात्रा करने का सूचक होता है। दाहिनी पर तिल सुखी जीवन और बायीं तरफ तिल दांपत्य जीवन में परेशानियों का सूचक होता है। - आंख की पलकों पर तिल होना संवेदनशील स्वभाव का सूचक होता है। दायीं पलक पर तिल वाले व्यक्ति बायीं वालों की अपेक्षा ज्यादा संवेदनशील होते हैं। - कान पर तिल होना अल्पायु का संकेत देता है और नाक पर तिल होना सौभाग्यशाली माना जाता है। ऐसे व्यक्ति का जीवन सुखमय होता है। - होंठ पर तिल होना आपके हृदय में अति प्रेम भरे होने का सूचक होता है। यदि तिल होंठ के नीचे हो तो ये आर्थिक स्थिति कमजोर रहने का सूचक होता है। - गाल पर लाल तिल का होना शुभ माना जाता है। तो वहीं बाएं गाल पर काला तिल व्यक्ति को निर्धन तो दाएं गाल पर धनी बनाता है। - हथेली में तिल अगर मुठ्ठी में बंद हो जाता है तो ऐसे व्यक्ति बहुत भाग्यशाली होते हैं। - गले पर तिल होने वाले व्यक्ति को आराम करना काफी अच्छा लगता है। गले पर सामने की ओर तिल हो तो जातक काफी मिलनसार होता है। गले के पिछले भाग पर तिल होने पर जातक कर्मठ होता है। - कमर पर तिल होना जिंदगी भर परेशानी रहने का सूचक होता है और पीठ पर तिल होना व्यक्ति को भौतिकवादी, महत्वाकांक्षी एवं रोमांटिक बनाता है।
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यूपी में चंबल, यमुना, बेतवा, गंगा समेत कई नदियां उफान पर हैं। इटावा में यमुना और चंबल खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं तो कानपुर और फर्रुखाबाद में गंगा का पानी खतरे के निशान के ऊपर है। चंबल में आए सैलाब से यूपी के साथ मध्य प्रदेश के कई जिले भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। बुंदेलखंड के हमीरपुर में बेतवा भी खतरे के निशान करीब पहुंच गई है। जबकि यमुना पहले खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बारिश और पीछे से पानी छोड़े जाने के कारण इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर के कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। औरैया और इटावा के दर्जनों गांव लगभग जलमग्न हो गए हैं। यूपी के औरैया के जिले में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य जारी है। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में युमना का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। 6 अगस्त को नदी का पानी खतरे के निशान से 5 मीटर ऊपर पहुंच गया था। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए औरैया-जालौन के बीच सभी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने औरैया जालौन राष्ट्रीय राजमार्ग को आवाजाही के लिए बंद कर दिया, जगह-जगह भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। औरैया के कई इलाकों में चारों तरफ पानी ही पानी है। यमुना में लगातार बढ़ते जलस्तर के बाद जगम्मनपुर में यमुना पर बने पुल से पैंटून पुल (लोहे का पुल) टकरा गया है। औरैया की बात करें तो यहां सिकरोड़ी, फरिहा,जाजपुर,बीजलपुर, अस्ता, मानपुर, क्योंट्टरा, मई, जगमनपुर सहित समेत कई दर्जन गांवों के जलमग्न होने की खबर है। औरैया के जगम्मनपुर में यमुना नदी पर बने पुल से टकराया पैंटून पुल। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में कभी सैकड़ों गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। यहां चंबल के साथ ही यमुना नदी का सैलाब गांवों में घुसा है। इटावा में शुक्रवार की सुबह चंबल का जलस्तर 128.59 मीटर पहुंच गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक 1996 की भीषण बाढ़ का रिकॉर्ड टूट गया है। इटावा में हालात इतने बदतर हो गए हैं कि भिंड और इटावा हाईवे पर एक जगह पानी हाईवे पर आ गया है। एक ग्रामीण ने फोन पर बताया कि यहां के पछनत इलाके में 20-25 गांव हैं उनका किसी भी जिले से कनेक्शन टूट गया है। यूपी और एमपी से जुड़े इस इलाके में 4 जिलों की सीमाएं पड़ती हैं, इनमें इटावा, औरैया, जालौन के साथ मध्य प्रदेश का भिंड शामिल है। प्रभावित लोगों को लगातार सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इटावा में 7 दिन पहले बारिश होनी शुरु हुई और चार दिन में बाढ़ के हालत बने लेकिन मुख्य समस्या राजस्थान में कोटा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद हुई है। यूपी के औरैया में लगातार पानी बढ़ते देख प्रशासन ने एहतियातन जिले की सीमाओं को सील कर दिया है। लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। ग्रामीण इलाकों के साथ यहां शहरी इलाकों में भी पानी भर रहा है। यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए औरैया में पुलिस ने एतहियातन कई सीमाएं सील की हैं। उत्तर प्रदेश में लखीमपुर, सीतापुर और बाराबंकी में सरयू (घाघरा), शारदा नदी पहले से ऊफान पर हैं। शारदा की कटान में दर्जनों गांव और सैकड़ों एकड़ जमीन कट चुकी है। लोग तिरपाल के सहारे बंधों पर रहने को मजबूर हैं। वहीं मध्य प्रदेश की बात करें तो उत्तरी मध्य प्रदेश के 7 जिलों बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक श्योपुर, शिवपुरी, गुना, दतिया, ग्वालियर, मुरैना, भिंड बुरी तरह प्रभावित हैं तो अशोक नगर में कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। लाखों लोगों को अब तक सुरक्षित निकाला जा चुका है। राहत और बचाव कार्य के लिए सेना, एयरफोर्ट, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय टीमों को लगाया गया है। 6 अगस्त को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहत और बचाव कार्य के लिए 11 विभागों को मिलाकर एक टास्क फोर्स बनाने का ऐलान किया। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 4-4 लाख रुपए और बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अतिरिक्त 50-50 किलो राशन और जिनके घर गिरे हैं उन्हें तत्काल 6000 रुपए देने का ऐलान किया है।
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ना कभी जनाज़ा उठता, ना कहीं मज़ार होता ।। ऐसी बुरी हालत में भी हमारे नेता लोग एक-दूसरे के साथ सहयोग करने की बजाय एक-दूसरे की टांग खींचने में भिड़े हुए हैं। ऐसा लगता है कि उनके दिल में दया कम, सत्ता की भूख ज्यादा है। यही हाल हमारे अस्पतालों का है। इसमें शक नहीं कि ज्यादातर डाॅक्टर और नर्सें अपनी जान पर खेलकर लोगों की सेवा कर रहे हैं लेकिन कुछेक अपवादों को छोड़कर सारे अस्पताल इस संकट में भी पैसा बनाने में लगे हुए हैं। सिर्फ जांच के लिए एक गरीब आदमी को अपनी महिने भर की तनखा दे देनी पड़ती है और अगर उसे भर्ती होना पड़े तो इलाज खर्च की राशि सुनकर ही उसका दम निकल जाएगा। मैं तो कहता हूं कि प्रत्येक कोरोना मरीज़ का इलाज मुफ्त होना चाहिए। दुनिया में सबसे ज्यादा और जल्दी ठीक होनेवाले मरीज भारत में ही हैं। गंभीर मरीज़ों की संख्या तो कम ही है। उन पर खर्च कितना होगा ? 20 लाख करोड़ नहीं, मुश्किल से एकाध लाख करोड़ रु. ! सरकार यह हिम्मत क्यों नहीं करती ? इतना तो कर ही सकती है कि इलाज़ के नाम पर चल रही लूटपाट वह तुरंत बंद करवा दे। जांच, दवा, कमरा और पूरे इलाज की राशि पर नियंत्रण लगा दे। राशि तय कर दे। गैर-सरकारी अस्पतालों का दम नहीं घोटना है लेकिन वे भी मरीज़ों का दम न घोटें, यह देखना जरुरी है।
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चित्रकूटः 27 वर्षीय राजेंद्र लगभग 15 दिनों से लापता - Khabar Lahariya (खबर लहरिया) जिला चित्रकूट ब्लाक मनिकपुर गांव आगरहुडा में एक व्यक्ति के गुमसुदगी का मामला सामने आया है। परिवार वालों के अनुसार व्यक्ति 26 जनवरी की शाम के 5 बजे घर से खेत की तरफ़ जाने को निकला था। लेकिन वापस नहीं आया। उसी दिन रात के नो बजे परिवार वाले व्यक्ति को खेत में ढूंढने गए। रिश्तेदारों और पड़ोसियों में भी खोजबीन की। लेकिन व्यक्ति कहीं नहीं मिला। व्यक्ति दिल्ली में काम करता है और लॉकडाउन में अपने परिवार से मिलने आया था। फिर उसके पिता दुर्गा प्रसाद ने रायपुरा थाने में अपने बेटे की गुमसुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। थाने के अफसर सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि दुर्गा प्रसाद ने 3 फरवरी को रिपोर्ट लिखवाई थी। उनकी तरफ से व्यक्ति की खोजबीन शुरू कर दी गयी है। जल्द ही व्यक्ति का भी पता लग जाएगा।
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समाचार क्या है? समाचार की संरचना, समाचार के तत्व, समाचार बनने योग्य तत्व, समाचार लेखन की प्रकिया एवं भाषा एवं शैली जानने के बाद समाचार के प्रकार के बारे में जानना अत्यंत जरूरी है क्योंकि क प्रकार की घटनाए इस संसार में रोज घटती है। उनमे से कुछ घटनाए समाचार बनती है और इस प्रकार क तरह के समाचार हम रोज पढ़ते और सुनते हैं। क बार इन समाचारो की प्रस्तुति के ढंग में भी अंतर होता है। एक पत्रकार और समाचार लेखक के लिए इस प्रकार के समाचारो के बारे में जानना आवश्यक है। दूसरी बात यह कि आज की दुनिया मे पत्रकारिता का क्षेत्र बहुत व्यापक हो गया है। शायद ही को क्षेत्र बचा हो जिस पर को समाचार नहीं बना हो। बदलती दुनिया, बदलते सामाजिक परिदृश्य, बदलते बाजार, बाजार के आधार पर बदलते शैक्षिक- सांस्कृतिक परिवेश और सूचनाओं के अम्बार ने समाचारो में विविधता ला दिया है। कभी उंगलियो पर गिन लिये जाने वाले समाचार के प्रकारों को अब पूरी तरह गिन पाना संभव नहीं है। एक बहुत बड़ा सच यह है कि इस समय सूचनाओ का एक बहुत बड़ा बाजार विकसित हो चुका है। इस नये नवेले बाजार मे समाचार उत्पाद का रूप लेता जा रहा है। समाचार पत्र हों या चैनल खास और एक्सक्लूसिव बताकर समाचार को पाठको या दशर्कों तक पहुंचाने की होड़ ठीक उसी तरह है, जिस तरह किसी कम्पनी द्वारा अपने उत्पाद को अधिक से अधिक उपभेक्ताओं तक पहुंचाना। इस तरह समाचार के क प्रकार बनते जा रहे हैं। घटना के महत्व, अपेक्षितता, अनपेक्षितता, विषय क्षेत्र, समाचार का महत्व, संपादन हेतु प्राप्त समाचार, प्रकाशन स्थान, समाचार प्रस्तुत करने का ढंग आदि क आधारों पर समाचारो का विभाजन, महत्ता व गौणता का अंकन किया जाता है। उसके आधार पर समाचारो का प्रकाशन कर उसे पूर्ण महत्वपूर्ण व सामयिक बनाया जा सकता है। स्थानीय समाचार, संचार क्रांति के बाद परिवहन के विकास के साथ ही समाचार पत्रो द्वारा एक ही साथ क संस्करणो का प्रकाशन हो रहा है। यह सभी गांव या कस्बे, जहां से समाचार पत्र का प्रकाशन होता हो, स्थानीय समाचार, जो कि स्थानीय महत्व आरै क्षेत्रीय समाचार पत्रो की लोकप्रियता को बढाने में सहायक हो को स्थान दिया जा रहा है। यह कवायद स्थानीय बाजार मे अपनी पैठ बनाने की भी है, ताकि स्थानीय छोटे-छोटे विज्ञापन भी आसानी से प्राप्त किये जा सके। इसी तरह समाचार चैनलो में भी स्थानीयता को महत्व दिया जाने लगा है। क समाचार चैनल समाचार पत्रो की ही तरह अपने समाचारों को स्थानीय स्तर पर तैयार करके प्रसारित कर रहे हैं। वे छोटे-छोटे आयोजन या घटनाक्रम, जो समाचारो के राष्ट्रीय चैनल पर बमुश्किल स्थान पाते थ,े अब सरलता से टीवी स्क्रीन पर प्रसारित होते दिख जाते हैं। यह कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर समाचार चैनल संचालित करने की होड़ मचने वाली है। जैसे-जैसे समाचार पत्र व चैनलो का दायरा बढता जा रहा है, वैसे-वैसे प्रादेशिक व क्षेत्रीय समाचारो का महत्व भी बढ रहा है। एक समय था कि समाचार पत्रो के राष्ट्रीय संस्करण ही प्रकाशित हुआ करते थे धीरे-धीरे प्रांतीय संस्करण निकलने लगे और अब क्षेत्रीय व स्थानीय संस्करण निकाले जा रहे हैं। किसी प्रदेश के समाचार पत्रो पर ध्यान दे ताे उसके मुख्य पृष्ठ पर प्रांतीय समाचारों की अधिकता रहती है। प्रांतीय समाचारो के लिये प्रदेश शीर्षक नाम से पृष्ठ भी प्रकाशित किये जाते हैं। इसी तरह से पश्चिमांचल, पूवार्ंचल, मारवाड़ या फिर बिहार, झाडखंड, राजस्थान, कोलकत्ता, उत्तरप्रदेष शीर्षक से पृष्ठ तैयार करके क्षेत्रीय समाचारो को प्रकाशित किया जाने लगा है। प्रदेश व क्षेत्रीय स्तर के एसे समाचारो को प्रमुखता से प्रकाशित करना आवश्यक होता है, जो उस प्रदेश व क्षेत्र की अधिसंख्य जनता को प्रभावित करते हों। कुछ समाचार चैनलो ने भी क्षेत्रीय व प्रादेशिक समाचारो को अलग से प्रस्तुत करना शुरू कर दिया है। ग्लोबल गांव की कल्पना को साकार कर देने वाली सूचना क्रांति के बाद इस समय मे अंतर्राष्ट्रीय समाचारो को प्रकाशित या प्रसारित करना जरूरी हो गया है। साधारण से साधारण पाठक या दर्शक भी यह जानना चाहता है कि अमेरिका मे राष्ट्रपति के चुनाव का परिणाम क्या रहा या फिर हालीवुड मे इस माह कौन सी फिल्म रिलीज होने जा रही है या फिर आतंकवादी संगठन आएसआएस क्या क्या कर रहा है। विश्वभर के रोचक एवं रोमांचक घटनाओ को जानने के लिये अब हिदी आरै अन्य क्षेत्रीय भाषाओ के पाठको और दर्शको में ललक बढी है। यही कारण है कि यदि समाचार चैनल 'दुनिया एक नजर' में या फिर 'अंतर्राष्ट्रीय समाचार' प्रसारित कर रहे हैं तो हिन्दी के प्रमुख अखबारो ने 'अराउण्ड द वल्र्ड', 'देश-विदेश', 'दुनिया' आदि के शीर्षक से परू ा पृष्ठ देना शुरू कर दिया है। समाचार पत्रो व चैनलों के प्रमुख समाचारो की फेहरिस्त में को न को महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय समाचार रहता ही है। इटंरनेट पर तैरती ये वबे साइटें क मायने में अति महत्वपूर्ण होती है। सच यह है कि जैसे-जैसे देश मे साक्षरता बढ रही है, वैसे-वैसे अधिक से अधिक लोगो में विश्व भर को अपनी जानकारी के दायरे में लाने की हाडे़ मच ग है। यही वजह है कि समाचार से जुड़ा व्यवसाय अब अंतर्राष्ट्रीय समाचारो को अधिक से अधिक आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करने की होड़ में शामिल हो गया है। निरंतर बदलती दुनिया ने समाचारों के लिये विषयो की भरमार कर दी है। पहले जहां मात्र राजनीति के समाचार, अपराध के समाचार, खेल-कूद के समाचार, साहित्य-संस्"ति के समाचार से ही समाचार पत्रो का काम चल जाया करता था, वहीं अब सूचना क्रांति, बदलते शैक्षिक परिवेश और बदलते सामाजिक ताने-बाने ने समाचारो के लिये ढेरों विषय पैदा कर दिये हैं। देश में बढ रही साक्षरता व जागरुकता ने भी समाचारों के वैविध्य को बढा दिया है। अब को भी समाचार पत्र या चैनल समाचारो के वैविध्य को अपनाये बिना चल ही नहीं सकता। मल्टीप्लेक्स और मल्टी टेस्ट रेस्त्रां के इस समय में पाठक-दर्शक वह सब कुछ पढना-सुनना-देखना चाहता है, जो उसके इर्द-गिर्द घट रहा है। उसे हर उस विषय से जुड़ी ताजा जानकारी चाहिए, जो सीधे या फिर परोक्ष रूप से उससे जुड़ी हु है। जमाना मांग और आपूर्ति के बीच सही तालमेल बैठाकर चलने का है और यही वजह है कि को भी समाचार पत्र या चैनल ऐसा कुछ भी छोड़ने को तैयार नहीं है, जो उसके पाठक या दर्शक की पसंद हो सकती है। दिख रहा है सब कुछ के इस समय में वे विषय भी समाचार बन रहे हैं, जिनकी चर्चा सभ्य समाज में करना वर्जित माना जाता रहा है। विषय विशष के आधार पर हम समाचारो को निम्नलिखत प्रकारो में विभाजित कर सकते हैं -(1) राजनीतिक समाचार, (2) अपराध समाचार, (3) साहित्यिक-सांस्"तिक समाचार, (4) खेल-कूद समाचार, (5) विधि समाचार, (6) विकास समाचार, (7) जन समस्यात्मक समाचार (8) शैक्षिक समाचार, (9) आर्थिक समाचार, (10) स्वास्थ्य समाचार, (11) विज्ञापन समाचार, (12) पर्यावरण समाचार, (13) फिल्म-टेलीविजन (मनोरंजन) समाचार, (14) फैशन समाचार, (15) सेक्स समाचार, (16) खोजी समाचार आदि। उपरोक्त विषय विशेष के आधार समाचार के बारे में विस्तृत चर्चा इका-2 के पत्रकारिता के प्रकार में की ग है। विशिष्ट समाचार, व्यापी समाचार। यह वह समाचार होते हैं जिनके बारे में पहले से कुछ भी मालूम नहीं होता है, परंतु वे समाचार गरमागरम और अद्यतन होते हैं। विशिष्ट समाचार अपनी विशिष्टता, विशेषता और खूबी के कारण ही समाचार पत्र के मख्य पृष्ठ पर स्थान पाने योग्य होते हैं। रेल या विमान की बड़ी दुर्घटना, किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति के असामयिक निधन सम्बन्धी समाचार इसी कोटी मे आते हैं। सनसनीखेज समाचार। विविध समारोह गोष्ठियो, जन-सभाओ, विधानसभाओं, विधान परिषदो, लोकसभा, राज्यसभा आदि के समाचार जो अपेक्षित होते हैं और सुनियोजित ढंग से प्राप्त होते हैं, डायरी समाचार कहलाते हैं। आतंकवादियो व आततायियो के कुकर्म, छेड़छाड़, मारपीट, पाकटे मारी, चोरी, ठगी, डकैती, हत्या, अपहरण, बलात्कार के समाचार, जिनका महत्व सामान्य हो और जिनके अभाव में को ज्यादा फर्क न पड़ता हो तथा जो सामान्य जनजीवन को प्रभावित न करते हों, सामान्य महत्व के समाचार कहलाते हैं। वे समाचार जिनके तथ्यों, सूचनाओं, विवरणो आदि मे दोबारा किसी परिवर्तन की गुंजाइश न हो, पूर्ण समाचार कहलाते हैं। पूर्ण समाचार होने के कारण ही इन्हें निश्चिंतता के साथ संपादित व प्रकाशित किया जाता है। वे समाचार जो समाचार एजेंसियों से एक से अधिक हिस्सो में आते हैं और जिनमें जारी लिखा होता है, अपूर्ण समाचार कहलाते हैं। जब तक इन समाचारो का अंतिम भाग प्राप्त न हो जाये ये अपूर्ण रहते हैं। दुर्घटना, हिंसा या किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति का निधन आदि के समाचार, जोकि जब और जितने प्राप्त होते हैं उतने ही, उसी रूप मे ही दे दिये जाते हैं तथा जैसे-जैसे सूचना प्राप्त होती है और समाचार संकलन किया जाता है वैसे-वैसे विकसित रूप में प्रकाशित किये जाते हैं, अर्ध विकसित समाचार कहलाते हैं। प्रा"तिक विपदा, आम चुनाव, बड़ी दुर्घटना, किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति की हत्या जैसे समाचार, जिनके तथ्यो, सूचनाओं तथा विवरणो में निरंतर परिवर्तन व संशोधन की गुंजाइश हो, परिवर्तनशील समाचार कहलाते हैं। आम चुनाव, केन्द्र सरकार का बजट, राष्ट्रपति का अभिभाषण जैसे समाचार, जो व्यापाक, असरकारी व प्रभावकारी होते हैं तथा जिनके विवरणो में विस्तार व विविधता होती है और जो लगभग समाचार पत्र के प्रथम पृष्ठ का पूरा ऊपरी भाग घेर लेते हैं, बड़े अथवा व्यापी समाचार कहलाते हैं। वे समाचार जिनमे तथ्यों की व्याख्या नहीं की जाती हो, उनके अर्थ नहीं बताये जाते हों तथा तथ्यों को सरल, स्पष्ट और सही रूप मे ज्यो का त्यो प्रस्तुत किया जाता हो, सीधे समाचार कहलाते हैं।
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